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गणेश महोत्सव न मनाए जाने का भक्तो में मलाल
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फोटो-
गणेश महोत्सव न मनाए जाने का भक्तो में मलाल
-कुछ स्थानों पर घरों छोटी मूर्तियां बैठाकर किया पूजा-पाठ
- एक सप्ताह बाद की गई गणपति बप्पा की विदाई
संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। वैश्विक महामारी के बीच इस वर्ष गणेश प्रतिमा न बैठाए जाने का मलाल भक्तों में देखा जा रहा है। विघ्न विनायक भगवान गणेश की प्रतिमाएं स्थापित न किए जाने से विशेषकर युवाओं में मायूसी छाई रही। भक्तों की ओर से सार्वजनिक स्थानों पर मूर्तियां न बैठाकर घरों में ही गणपति बप्पा की छोटी मूर्ति बैठाकर एक सप्ताह तक पूजन अर्चन किया गया। शुक्रवार को 22 अगस्त को बैठाए गणेश प्रतिमा का पूजन कर विदाई की गई।
प्रति वर्ष नगर समेत ग्राम्यांचलों में अधिकांश चौराहो और तिराहो पर भगवान गणेश की प्रतिमा बैठाकर पूजन अर्चन किया जाता रहा। इसके लिए महिने भर से तैयारियां की जाती रहीं। गणेश चतुर्थी पर रंग-बिरंगे बत्तियों से सड़क की पटरियां जगमागते रहे। नगर के बसनही बाजार, सिविल लाइन, रमईपट्टी, वासलीगंज, त्रिमोहानी आदि स्थानों पर मुर्तियां बैठाई जाती थी। इस वर्ष गणेश प्रतिमा न बैठाए जाने से विशेषकर युवाओं में मायूसी छाई रही।
ज्योति बाला ने कहा कि कोरोना के चलते सार्वजनिक रुप से इस वर्ष गणेश महोत्सव तो नहीं मनाया गया पर घरों में ही विघ्न विनायक भगवान गणेश का पूजन अर्चन किया गया है। मीनू सेठ ने कहा कि इस वर्ष कोरोना महामारी के चलते ऐसे आयोजन पर ग्रहण लग रहा। सोशल डिस्टेसिंग के बीच घरों में ही पूजन अर्चन किया गया। बेबी सेठ ने बताया कि गणेश महोत्सव पर जगह-जगह सड़क की पटरियों पर पूजा-पंडाल सजे रहते थे। मानिक जाधव ने कहा कि गणेश महोत्सव को लेकर दो, चार महिने पहले से ही तैयारियां की जाती रही। कोरोना महामारी के चलते पर्व न मनाए जाने का मलाल है।
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गणेश महोत्सव न मनाए जाने का भक्तो में मलाल
-कुछ स्थानों पर घरों छोटी मूर्तियां बैठाकर किया पूजा-पाठ
- एक सप्ताह बाद की गई गणपति बप्पा की विदाई
संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। वैश्विक महामारी के बीच इस वर्ष गणेश प्रतिमा न बैठाए जाने का मलाल भक्तों में देखा जा रहा है। विघ्न विनायक भगवान गणेश की प्रतिमाएं स्थापित न किए जाने से विशेषकर युवाओं में मायूसी छाई रही। भक्तों की ओर से सार्वजनिक स्थानों पर मूर्तियां न बैठाकर घरों में ही गणपति बप्पा की छोटी मूर्ति बैठाकर एक सप्ताह तक पूजन अर्चन किया गया। शुक्रवार को 22 अगस्त को बैठाए गणेश प्रतिमा का पूजन कर विदाई की गई।
प्रति वर्ष नगर समेत ग्राम्यांचलों में अधिकांश चौराहो और तिराहो पर भगवान गणेश की प्रतिमा बैठाकर पूजन अर्चन किया जाता रहा। इसके लिए महिने भर से तैयारियां की जाती रहीं। गणेश चतुर्थी पर रंग-बिरंगे बत्तियों से सड़क की पटरियां जगमागते रहे। नगर के बसनही बाजार, सिविल लाइन, रमईपट्टी, वासलीगंज, त्रिमोहानी आदि स्थानों पर मुर्तियां बैठाई जाती थी। इस वर्ष गणेश प्रतिमा न बैठाए जाने से विशेषकर युवाओं में मायूसी छाई रही।
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ज्योति बाला ने कहा कि कोरोना के चलते सार्वजनिक रुप से इस वर्ष गणेश महोत्सव तो नहीं मनाया गया पर घरों में ही विघ्न विनायक भगवान गणेश का पूजन अर्चन किया गया है। मीनू सेठ ने कहा कि इस वर्ष कोरोना महामारी के चलते ऐसे आयोजन पर ग्रहण लग रहा। सोशल डिस्टेसिंग के बीच घरों में ही पूजन अर्चन किया गया। बेबी सेठ ने बताया कि गणेश महोत्सव पर जगह-जगह सड़क की पटरियों पर पूजा-पंडाल सजे रहते थे। मानिक जाधव ने कहा कि गणेश महोत्सव को लेकर दो, चार महिने पहले से ही तैयारियां की जाती रही। कोरोना महामारी के चलते पर्व न मनाए जाने का मलाल है।
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