{"_id":"5e6bd7848ebc3ea7e470782d","slug":"four-people-returned-from-japan-and-dubai-investigated-mirzapur-news-vns5156563191","type":"story","status":"publish","title_hn":"जापान और दुबई से लौटे चार लोगों की हुई जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जापान और दुबई से लौटे चार लोगों की हुई जांच
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मिर्जापुर। दुबई से आने वाले तीन और जापान से आने वाले एक युवक की कोरोना वायरस के लक्षणों की शुक्रवार को जांच की गई। इसके अलावा सऊदी अरब और दुबई से आने वाले चार लोगों का पता लगाया जा रहा है। इसमें दुबई से आने वाले तीनों युवक स्वस्थ मिले, पर जापान से आने वाले युवक को सर्दी-जुकाम और गले में खराश की समस्या थी। जिसका नमूना लेकर जांच के लिए बीएचयू भेजा गया। तब तक उसे घर में रहने का निर्देश दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग दुबई से आने वाले तीनों का भी प्रतिदिन फॉलोअप करेगा। किसी प्रकार की समस्या होने पर उन्हें आईसोलेशन वार्ड में भर्ती किया जाएगा। शुक्रवार को शासन से जिले में बाहर से आने वाले चार लोगों का डाटा मिला। जिनकी जांच की गई। इसमें चील्ह थाना क्षेत्र निवासी एक 28 वर्षीय युवक, कछवां थाना क्षेत्र का 30 वर्षीय युवक और अहरौरा थाना क्षेत्र निवासी 20 वर्षीय युवक चार मार्च को दुबई से लौटे हैं। चील्ह और कछवां के युवक की जन स्वास्थ्य विशेषज्ञ डा. अरुण कुमार और अहरौरा के युवक की एसीएमओ डा. अजय कुमार ने जांच की। जांच में तीनों में कोरोना का कोई लक्षण नहीं पाया गया। डा. अजय ने बताया कि तीनों में कोई लक्षण नहीं मिला है। 10 दिन हो गया है। 14 दिनों तक सभी को घर में रहने का निर्देश दिया गया है। प्रतिदिन उनसे बात कर फॉलोअप किया जा रहा है। किसी प्रकार की कोई समस्या होने पर जांच कर आईसोलेशन वार्ड में भर्ती किया जाएगा। जापान से लौटे युवक का नमूना लेकर बीएचयू भेजा गया है। उसे घर पर रहने को कहा गया है। छह मार्च को दुबई और सऊदी अरब से लौटने वाले चार लोगों का पता लगाकर स्वास्थ्य विभाग फॉलोअप करने में जुटी है।
चिल्ड्रेन वार्ड के बगल में बना दिया कोराना का आईसोलेशन वार्ड
मिर्जापुर। कोरोना वायरस को लेकर स्वास्थ्य विभाग विशेष सतर्कता बरतने की बात कह रहा है, पर अस्पताल में ही कोरोना के मरीजों के लिए बना आइसलोशन वार्ड, चिल्ड्रेन वार्ड के बगल में ही बना दिया गया। कल को किसी मरीज के यहां पहुंचने व थोड़ी सी असावधानी गंभीर हालात पैदा कर सकती है। वैसे भी बच्चे और बूढ़े इंफेक्शन का शिकार आसानी से हो जाते हैं। गनीमत यही है कि फिलहाल कोरोना का कोई मरीज वार्ड में भर्ती नहीं है। कोरोना को लेकर हाई अलर्ट जारी होने के बाद से ही प्रमुख सचिव ने सभी जिलों में आबादी से दूर आईसोलेशन वार्ड बनाने का निर्देश दिया था। वार्ड तो बनाया गया, पर आबादी से दूर कौन कहे चिल्ड्रेन वार्ड और इमरजेंसी वार्ड के बगल में बना दिया गया है।
भले ही कोराना का मरीज भर्ती न हो पर पूर्व में उसके लिए बताए गए निर्देशों के हिसाब से आईसोलनेशन वार्ड आबादी से दूर न बनना स्वास्थ्य विभाग की नाकामी ही है। अगर कोई कोरोना का मरीज आ गया तो फिर उसे बच्चे वार्ड के बगल में स्थित कोरोना वार्ड में ही भर्ती किया जाएगा। ऐसे में अस्पताल के अन्य मरीज प्रभावित हो सकते हैं। शुक्रवार को जापान से आने वाले एक युवक को उसी वार्ड में भर्ती करने का निर्देश दिया गया था। वार्ड में सिर्फ छह बेड है। शौचालय की कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में मरीज को शौच करने के लिए चिल्ड्रेन वार्ड या इमरजेंसी के शौचालय का सहारा लेना पड़ेगा। इसके अलावा फिलहाल कोई विकल्प नहीं है।
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पूर्व में डेंगू वार्ड, बर्ड फ्लू, स्वाइन फ्लू आदि के लिए भी इसी कमरे को खानापूर्ति के लिए वार्ड बनाया जाता है। कोरोना इस समय सबसे धातक बीमारी है। जिससे पूरा विश्व परेशान है। आईसोलेशन वार्ड में पीपी किट, एन-95 मास्क, सेनेटाइजेशन की व्यवस्था रहनी चाहिए, पर वार्ड में सिर्फ छह बेड है। इससे भी बड़ी समस्या है कि यह वार्ड अन्य वार्ड के पास ही बना है जबकि मंडलीय अस्पताल परिसर में 150 बेड और ट्र्रामा सेंटर की बिल्डिंग खाली पड़ी। वहां पर कोरोना का आईसोलेशन वार्ड बनाया जा सकता है।
दस्तक अभियान में आशा घर-घर जाकर करेंगे जागरुक
मिर्जापुर। 16 से 21 मार्च तक चलने वाले दस्तक अभियान में आशाएं घर-घर जाकर जागरुक करेंगी। एसीएमओ डा. अजय कुमार ने बताया कि दस्तक अभियान में आशाओं को घर-घर जाकर बुखार और मच्छर से बचाव के बारे में जागरुक करना था। वीडियो कांफ्रेसिंग में प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने कोरोना को लेकर जागरुक करने का निर्देश दिया है। इसके लिए ब्लाक स्तर पर आशाओं को कोरोना के बारे में जाकनारी दी जा रही है। जिससे वह दस्तक अभियान में घर-घर जाकर लोगों को साफ-सफाई आदि के बारे में जागरूक करे। जिले में 22 सौ आशाएं है। एक आशा प्रतिदिन 20 घरो में जाएंगी।
सोशल मीडिया के अफवाह से रहे दूर
मिर्जापुर। डा. अरुण कुमार ने बताया कि डीसीपीएम और एआरओ को प्रशिक्षण देकर निर्देशित किया गया है कि वह लोगों को कोरोने के बारे में जागरुक करेें। लोगों को बताएं कि वे झोलाछाप से इलाज न कराएं। समय-समय पर हाथ धूले। किसी को कोई समस्या हो तो टोल फ्री नंबर पर संपर्क करें। सोशल मीडिया पर कोरोना को लेकर अफवाहों से दूर रहे।
पुरोहित और धर्मशाला के कर्मचारियों पर स्वास्थ्य विभाग की नजर
विंध्याचल। जर्मनी से लौटे नेपाली नागरिक ने बीते दिनों विंध्याचल के एक होटल में रूककर दर्शन-पूजन किया। इस बात की जानकारी होने पर स्वास्थ्य विभाग ने उनका पता लगा कर होटल में रहने वाले कर्मचारियों को निर्देश दिया कि उनको बुखार, खांसी-जुकाम आदि कोई लक्षण नजर आए तो सूचना दें। विंध्याचल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अधीक्षक संतोष कुमार सिंह ने बताया कि जर्मनी से लौटे नेपाली परिवार के चार लोग चार मार्च को जयपुरिया धर्मशाला में आए थे। पांच मार्च को वापस चले गए। जयपुरिया के सभी कर्मचारियों, मैनेजर और उनके परिवार के साथ ही पुरोहित व उनके उनके परिवार को के स्वास्थ्य की जांच की गई। सभी स्वस्थ्य है। उन्हें बताया गया है कि किसी प्रकार की कोई समस्या हो तो अवगत कराएं।
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चिल्ड्रेन वार्ड के बगल में बना दिया कोराना का आईसोलेशन वार्ड
मिर्जापुर। कोरोना वायरस को लेकर स्वास्थ्य विभाग विशेष सतर्कता बरतने की बात कह रहा है, पर अस्पताल में ही कोरोना के मरीजों के लिए बना आइसलोशन वार्ड, चिल्ड्रेन वार्ड के बगल में ही बना दिया गया। कल को किसी मरीज के यहां पहुंचने व थोड़ी सी असावधानी गंभीर हालात पैदा कर सकती है। वैसे भी बच्चे और बूढ़े इंफेक्शन का शिकार आसानी से हो जाते हैं। गनीमत यही है कि फिलहाल कोरोना का कोई मरीज वार्ड में भर्ती नहीं है। कोरोना को लेकर हाई अलर्ट जारी होने के बाद से ही प्रमुख सचिव ने सभी जिलों में आबादी से दूर आईसोलेशन वार्ड बनाने का निर्देश दिया था। वार्ड तो बनाया गया, पर आबादी से दूर कौन कहे चिल्ड्रेन वार्ड और इमरजेंसी वार्ड के बगल में बना दिया गया है।
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भले ही कोराना का मरीज भर्ती न हो पर पूर्व में उसके लिए बताए गए निर्देशों के हिसाब से आईसोलनेशन वार्ड आबादी से दूर न बनना स्वास्थ्य विभाग की नाकामी ही है। अगर कोई कोरोना का मरीज आ गया तो फिर उसे बच्चे वार्ड के बगल में स्थित कोरोना वार्ड में ही भर्ती किया जाएगा। ऐसे में अस्पताल के अन्य मरीज प्रभावित हो सकते हैं। शुक्रवार को जापान से आने वाले एक युवक को उसी वार्ड में भर्ती करने का निर्देश दिया गया था। वार्ड में सिर्फ छह बेड है। शौचालय की कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में मरीज को शौच करने के लिए चिल्ड्रेन वार्ड या इमरजेंसी के शौचालय का सहारा लेना पड़ेगा। इसके अलावा फिलहाल कोई विकल्प नहीं है।
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पूर्व में डेंगू वार्ड, बर्ड फ्लू, स्वाइन फ्लू आदि के लिए भी इसी कमरे को खानापूर्ति के लिए वार्ड बनाया जाता है। कोरोना इस समय सबसे धातक बीमारी है। जिससे पूरा विश्व परेशान है। आईसोलेशन वार्ड में पीपी किट, एन-95 मास्क, सेनेटाइजेशन की व्यवस्था रहनी चाहिए, पर वार्ड में सिर्फ छह बेड है। इससे भी बड़ी समस्या है कि यह वार्ड अन्य वार्ड के पास ही बना है जबकि मंडलीय अस्पताल परिसर में 150 बेड और ट्र्रामा सेंटर की बिल्डिंग खाली पड़ी। वहां पर कोरोना का आईसोलेशन वार्ड बनाया जा सकता है।
दस्तक अभियान में आशा घर-घर जाकर करेंगे जागरुक
मिर्जापुर। 16 से 21 मार्च तक चलने वाले दस्तक अभियान में आशाएं घर-घर जाकर जागरुक करेंगी। एसीएमओ डा. अजय कुमार ने बताया कि दस्तक अभियान में आशाओं को घर-घर जाकर बुखार और मच्छर से बचाव के बारे में जागरुक करना था। वीडियो कांफ्रेसिंग में प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने कोरोना को लेकर जागरुक करने का निर्देश दिया है। इसके लिए ब्लाक स्तर पर आशाओं को कोरोना के बारे में जाकनारी दी जा रही है। जिससे वह दस्तक अभियान में घर-घर जाकर लोगों को साफ-सफाई आदि के बारे में जागरूक करे। जिले में 22 सौ आशाएं है। एक आशा प्रतिदिन 20 घरो में जाएंगी।
सोशल मीडिया के अफवाह से रहे दूर
मिर्जापुर। डा. अरुण कुमार ने बताया कि डीसीपीएम और एआरओ को प्रशिक्षण देकर निर्देशित किया गया है कि वह लोगों को कोरोने के बारे में जागरुक करेें। लोगों को बताएं कि वे झोलाछाप से इलाज न कराएं। समय-समय पर हाथ धूले। किसी को कोई समस्या हो तो टोल फ्री नंबर पर संपर्क करें। सोशल मीडिया पर कोरोना को लेकर अफवाहों से दूर रहे।
पुरोहित और धर्मशाला के कर्मचारियों पर स्वास्थ्य विभाग की नजर
विंध्याचल। जर्मनी से लौटे नेपाली नागरिक ने बीते दिनों विंध्याचल के एक होटल में रूककर दर्शन-पूजन किया। इस बात की जानकारी होने पर स्वास्थ्य विभाग ने उनका पता लगा कर होटल में रहने वाले कर्मचारियों को निर्देश दिया कि उनको बुखार, खांसी-जुकाम आदि कोई लक्षण नजर आए तो सूचना दें। विंध्याचल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अधीक्षक संतोष कुमार सिंह ने बताया कि जर्मनी से लौटे नेपाली परिवार के चार लोग चार मार्च को जयपुरिया धर्मशाला में आए थे। पांच मार्च को वापस चले गए। जयपुरिया के सभी कर्मचारियों, मैनेजर और उनके परिवार के साथ ही पुरोहित व उनके उनके परिवार को के स्वास्थ्य की जांच की गई। सभी स्वस्थ्य है। उन्हें बताया गया है कि किसी प्रकार की कोई समस्या हो तो अवगत कराएं।