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मिट्टी की सेहत सुधारने को जैविक खेती करें
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मिर्जापुर। कलेक्ट्रेट परिसर स्थित एनआइसी में गुरुवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग से मंडलीय खरीफ गोष्ठी का आयोजन किया गया। कृषि उत्पादन आयुक्त ने निर्देश दिया कि मिट्टी की सेहत सुधारने के लिए जैविक खेती को अनिवार्य रूप से अपनाना होगा।
कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा ने कहा कि किसान अधिक से अधिक एफपीओ का निर्माण कर अपने उत्पादन को उन्हीं के माध्यम से बिक्री भी करें। इससे उनको एक अच्छा मुनाफा होगा। अपर मुख्य सचिव कृषि देवेश चतुर्वेदी ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना इस बार किसानों के लिए ऐच्छिक बीमा हो गया है। जो भी किसान अपना बीमा नहीं कराना चाहते हैं वह बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई से एक सप्ताह के अंदर बीमा न कराने के संबंध में प्रार्थना पत्र को संबंधित बैंक में उपलब्ध करा दें, जिससे उनका बीमा न किया जाए। कृषि निदेशक सोराज सिंह ने कहा कि परंपरागत खेती के साथ-साथ मोटा अनाज, उद्यान, मत्स्य पालन आदि गतिविधियों को खेती में सम्मिलित किया जाए। इससे उनकी आय में वृद्धि हो सके। मंडलायुक्त प्रीति शुक्ला ने बताया कि मंडल में उर्वरक के लिए रैक प्वाइंट मिर्जापुर में है। जहां से सोनभद्र व भदोही को उर्वरक भेजा जाता है, सुझाव दिया कि उर्वरक मंगाने के लिए भदोही एवं सोनभद्र में एक-एक रैक प्वाइंट दिया जाए। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग के सहयोग से मिर्जापुर व भदोही में काला चावल (धान) की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। जिलाधिकारी सुशील कुमार पटेल ने सुझाव दिया कि जिले के प्रत्येक न्याय पंचायत स्तर पर एक सामुदायिक कृषि यंत्र केंद्र खोल दिया जाए जिसमें सभी प्रकार के कृषि यंत्र उपलब्ध हों। इससे जहां एक ओर रोजगार मिलेगा वहीं छोटे कृषक भी उचित दर पर कृषि यंत्र किराये पर लेकर अपनी खेती सुगमता पूर्वक कर सकेंगे। गोष्ठी में उपकृषि निदेशक अशोक उपाध्याय, उप निदेशक कृषि रक्षा सतीश मलिक व अन्य अधिकारी व कृषक उपस्थित रहे।
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कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा ने कहा कि किसान अधिक से अधिक एफपीओ का निर्माण कर अपने उत्पादन को उन्हीं के माध्यम से बिक्री भी करें। इससे उनको एक अच्छा मुनाफा होगा। अपर मुख्य सचिव कृषि देवेश चतुर्वेदी ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना इस बार किसानों के लिए ऐच्छिक बीमा हो गया है। जो भी किसान अपना बीमा नहीं कराना चाहते हैं वह बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई से एक सप्ताह के अंदर बीमा न कराने के संबंध में प्रार्थना पत्र को संबंधित बैंक में उपलब्ध करा दें, जिससे उनका बीमा न किया जाए। कृषि निदेशक सोराज सिंह ने कहा कि परंपरागत खेती के साथ-साथ मोटा अनाज, उद्यान, मत्स्य पालन आदि गतिविधियों को खेती में सम्मिलित किया जाए। इससे उनकी आय में वृद्धि हो सके। मंडलायुक्त प्रीति शुक्ला ने बताया कि मंडल में उर्वरक के लिए रैक प्वाइंट मिर्जापुर में है। जहां से सोनभद्र व भदोही को उर्वरक भेजा जाता है, सुझाव दिया कि उर्वरक मंगाने के लिए भदोही एवं सोनभद्र में एक-एक रैक प्वाइंट दिया जाए। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग के सहयोग से मिर्जापुर व भदोही में काला चावल (धान) की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। जिलाधिकारी सुशील कुमार पटेल ने सुझाव दिया कि जिले के प्रत्येक न्याय पंचायत स्तर पर एक सामुदायिक कृषि यंत्र केंद्र खोल दिया जाए जिसमें सभी प्रकार के कृषि यंत्र उपलब्ध हों। इससे जहां एक ओर रोजगार मिलेगा वहीं छोटे कृषक भी उचित दर पर कृषि यंत्र किराये पर लेकर अपनी खेती सुगमता पूर्वक कर सकेंगे। गोष्ठी में उपकृषि निदेशक अशोक उपाध्याय, उप निदेशक कृषि रक्षा सतीश मलिक व अन्य अधिकारी व कृषक उपस्थित रहे।
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