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Mirzapur News: गड़ई की तेज धार पर रोक के लिए रिवर बैंक बनाने की मांग

Sat, 05 Sep 2026 01:41 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 05 Sep 2026 01:41 AM IST
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Demand for construction of river embankments to check the strong current of the Garai River.
शेरवां। सोनभद्र की पहाड़ियों, झरनों और ऊंचे इलाकों से निकलकर चंदौली की ओर बहने वाली गड़ई नदी की तेज धारा बरसात में क्षेत्र के किसानों के लिए आफत बन जाती है। चंद घंटों की तेज बारिश के बाद नदी का जलस्तर बढ़ते ही आसपास का इलाका पानी से घिर जाता है। पानी भरने से खेतों में लहलहाती धान की फसल बर्बाद हो जाती है। किसानों ने नदी के दोनों किनारों पर रिवर बैंक और मजबूत तटबंध बनाने की मांग की है।
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किसानों का कहना है कि गडई नदी के दोनों ओर बने तटबंध बालूयुक्त होने के कारण पानी के तेज बहाव में हर साल बह जाते हैं। इसके बाद बाढ़ का पानी खेतों और रिहायशी इलाकों में फैल जाता है, जिससे हजारों एकड़ में रोपी गई धान की फसल जलमग्न हो जाती है और किसानों की सालभर की मेहनत पर पानी फिर जाता है। गड़ई नदी ने वर्ष 1968, 2011, 2015-16 और 2025 में इलाके में व्यापक तबाही मचाई थी। वर्ष 2011 की बाढ़ की भयावहता का जायजा लेने के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने हवाई सर्वे किया था। अन्य जनप्रतिनिधियों और नेताओं ने भी प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया था। क्षेत्र के अमित पांडेय, मनोज द्विवेदी, काजू सिंह, सुनील दूबे, विजय प्रताप सिंह, श्रीकांत द्विवेदी और श्रीप्रकाश तिवारी आदि किसानों ने मुख्यमंत्री और सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्री से गड़ई नदी के दोनों किनारों पर रिवर बैंक बनाने की मांग की है।
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