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तीन दिन से लापता किसान का नाले में मिला शव
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हलिया थाना क्षेत्र के बरी गांव निवासी एक किसान का शव शुक्रवार को सुबह बरी गांव स्थित सुसुआड़ नाले के देवघटवा घाट के पास पानी में उगे झाड़ियों में मिला। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंचे परिजनों ने शव की शिनाख्त कर पुलिस को जानकारी दी। पुलिस शव को नाले से बाहर निकलवाकर मामले की जांच में जुट गई है।
थाना क्षेत्र के बरी गांव निवासी मुन्नी लाल कोल (55) बीते बुधवार को शाम को घर से 500 मीटर दूर धान के खेत की रखवाली करने के लिए गए थे। देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने खोजबीन शुरू की। इस बीच शुक्रवार को सुबह नाले के पास शव मिलने पर परिजनों में कोहराम मच गया।
उधर, सूचना पर मौके पर पहुंचे प्रभारी निरीक्षक संजीव कुमार सिंह ने ग्रामीणों व परिजनों से पूछताछ के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। नाले में मगरमच्छ होने की होने की आशंका पर वन विभाग के डिप्टी रेंजर टीपी सिंह ने भी मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। भाई भिखारी कोल ने बताया कि मुन्नी लाल प्रतिदिन की तरह बुधवार को शाम को धान की खेत की रखवाली के लिए निकले थे, लेकिन देर रात तक घर नहीं लौटे। काफी खोजबीन की गई, लेकिन उनका कहीं पता नहीं चला। मुन्नी लाल की पत्नी की 10 वर्ष पूर्व मौत हो चुकी है। वे पांच भाइयों में तीसरे नंबर पर थे।
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उधर, ग्रामीणों व परिजनों ने शौच के दौरान मगरमच्छ द्वारा मुन्नीलाल को नाले में खींच ले जाने की आशंका जताई है। उनका चेहरा क्षत विक्षत हो गया था। इसके पहले भी इसी जगह कुछ लोग मगरमच्छ का शिकार हो चुके हैं। गांव निवासी राजा राम पटेल का छह वर्षीय पुत्र अगस्त 2019 और बांके लाल के छह व चार वर्षीय दो भांजे मई 2021 में मगरमच्छ के शिकार हो चुके हैं। तीन वर्ष में कई बकरियों की जान जा चुकी है। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि बस्ती से दूर के जलाशय में मगरमच्छ को छोड़ा जाय। ताकि लोगों की सुरक्षा हो सके।
थानाध्यक्ष संजीव कुमार सिंह ने बताया कि मौके पर जांच पड़ताल कर परिजनों व ग्रामीणों से पूछताछ की गई है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों का पता चल सकेगा।
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थाना क्षेत्र के बरी गांव निवासी मुन्नी लाल कोल (55) बीते बुधवार को शाम को घर से 500 मीटर दूर धान के खेत की रखवाली करने के लिए गए थे। देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने खोजबीन शुरू की। इस बीच शुक्रवार को सुबह नाले के पास शव मिलने पर परिजनों में कोहराम मच गया।
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उधर, सूचना पर मौके पर पहुंचे प्रभारी निरीक्षक संजीव कुमार सिंह ने ग्रामीणों व परिजनों से पूछताछ के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। नाले में मगरमच्छ होने की होने की आशंका पर वन विभाग के डिप्टी रेंजर टीपी सिंह ने भी मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। भाई भिखारी कोल ने बताया कि मुन्नी लाल प्रतिदिन की तरह बुधवार को शाम को धान की खेत की रखवाली के लिए निकले थे, लेकिन देर रात तक घर नहीं लौटे। काफी खोजबीन की गई, लेकिन उनका कहीं पता नहीं चला। मुन्नी लाल की पत्नी की 10 वर्ष पूर्व मौत हो चुकी है। वे पांच भाइयों में तीसरे नंबर पर थे।
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उधर, ग्रामीणों व परिजनों ने शौच के दौरान मगरमच्छ द्वारा मुन्नीलाल को नाले में खींच ले जाने की आशंका जताई है। उनका चेहरा क्षत विक्षत हो गया था। इसके पहले भी इसी जगह कुछ लोग मगरमच्छ का शिकार हो चुके हैं। गांव निवासी राजा राम पटेल का छह वर्षीय पुत्र अगस्त 2019 और बांके लाल के छह व चार वर्षीय दो भांजे मई 2021 में मगरमच्छ के शिकार हो चुके हैं। तीन वर्ष में कई बकरियों की जान जा चुकी है। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि बस्ती से दूर के जलाशय में मगरमच्छ को छोड़ा जाय। ताकि लोगों की सुरक्षा हो सके।
थानाध्यक्ष संजीव कुमार सिंह ने बताया कि मौके पर जांच पड़ताल कर परिजनों व ग्रामीणों से पूछताछ की गई है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों का पता चल सकेगा।