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34 वर्ष बाद अपहरण के तीन दोषियों को सजा
ब्यूरो/ अमर उजाला/ मिर्जापुर
Updated Fri, 10 Jun 2016 12:35 AM IST
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मिर्जापुर। न्यायालय द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार मिश्रा ने लड़कियों का अपहरण कर होटल पर काम कराने के तीन आरोपियों को दोषसिद्ध पाते हुए पांच पांच वर्ष की कड़ी कैद की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक को आठ आठ हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है।
अभियोजन अनुसार वादिनी मुकदमा निवासिनी जिला सोनभद्र ने 13 अप्रैल 1982 को कोतवाली शहर में रिपोर्ट दर्ज कराया कि आठ अप्रैल 1982 को वह तथा अन्य लड़कियां पन्नूगंज थाना क्षेत्र के अतरौलिया जंगल में लकड़ी काटने गई थी। इसी दौरान बचऊ पुत्र बबुल्ली, सत्यनारायण पुत्र अंबिका प्रसाद निवासी ओइनी थाना पन्नूगंज व बिरजू पुत्र लक्ष्मी प्रसाद निवासी ग्राम बैनी थाना पन्नूगंज ट्रक लेकर पहुंचे।
ट्रक से नीचे उतर कर तीनों व्यक्ति मेरे पास आए और धमकाते हुए उनका अपहरण कर ट्रक में बैठा कर राबर्ट्सगंज ले आए। वहां से बस द्वारा मिर्जापुर के शहर केातवाली क्षेत्र के त्रिमुहानी स्थित एक कोठे पर तीनों को बेचने ले गए।
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कोठेवाली द्वारा इंकार करने पर तीनों आरोपी सभी लड़कियों को शहर कोतवाली क्षेत्र के पक्काघाट के सीताराम पुत्र त्रिलोचन निवासी पसरहटा कोतवाली शहर, सिहोरी पुत्र शोभनाथ निवासी बुंदेलखंडी तथा शंभू उर्फ तुला पुत्र विश्वनाथ निवासी सत्तीरोड कोतवाली शहर को बेच कर चले गए।
पुलिस ने छापेमारी कर तीनाें लड़कियों को बरामद कर लिया। आरोपियों के खिलाफ धारा 363, 366 व 368 भादवंी में मुकदमा पंजीकृत कर आरोप पत्र न्यायालय में दिया।
इसी बीच कोतवाली शहर के तीनों आरोपी सीताराम, सिहोरी व शंभू की मुकदमे के दौरान मौत हो गई। कोर्ट ने पन्नूगंज थाना क्षेत्र के बचऊ, सत्यनारायण तथा बैनी के बिरजू के खिलाफ बुधवार को सुनवाई की।
अभियोजन की ओर से शासकीय अधिवक्ता फौजदारी रमेंद्र कुमार शुक्ल ने सात गवाह प्रस्तुत कराए। पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य, गवाहों के बयान और अधिवक्ताओं की दलील के आधार पर तीन आरोपियों को अपहरण में दोष सिद्ध पाते हुए पांच पांच वर्ष की कड़ी कैद तथा प्रत्येक को आठ हजार रुपया अर्थदंड से दंडित कर जेल भेज दिया गया।
अभियोजन अनुसार वादिनी मुकदमा निवासिनी जिला सोनभद्र ने 13 अप्रैल 1982 को कोतवाली शहर में रिपोर्ट दर्ज कराया कि आठ अप्रैल 1982 को वह तथा अन्य लड़कियां पन्नूगंज थाना क्षेत्र के अतरौलिया जंगल में लकड़ी काटने गई थी। इसी दौरान बचऊ पुत्र बबुल्ली, सत्यनारायण पुत्र अंबिका प्रसाद निवासी ओइनी थाना पन्नूगंज व बिरजू पुत्र लक्ष्मी प्रसाद निवासी ग्राम बैनी थाना पन्नूगंज ट्रक लेकर पहुंचे।
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ट्रक से नीचे उतर कर तीनों व्यक्ति मेरे पास आए और धमकाते हुए उनका अपहरण कर ट्रक में बैठा कर राबर्ट्सगंज ले आए। वहां से बस द्वारा मिर्जापुर के शहर केातवाली क्षेत्र के त्रिमुहानी स्थित एक कोठे पर तीनों को बेचने ले गए।
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कोठेवाली द्वारा इंकार करने पर तीनों आरोपी सभी लड़कियों को शहर कोतवाली क्षेत्र के पक्काघाट के सीताराम पुत्र त्रिलोचन निवासी पसरहटा कोतवाली शहर, सिहोरी पुत्र शोभनाथ निवासी बुंदेलखंडी तथा शंभू उर्फ तुला पुत्र विश्वनाथ निवासी सत्तीरोड कोतवाली शहर को बेच कर चले गए।
पुलिस ने छापेमारी कर तीनाें लड़कियों को बरामद कर लिया। आरोपियों के खिलाफ धारा 363, 366 व 368 भादवंी में मुकदमा पंजीकृत कर आरोप पत्र न्यायालय में दिया।
इसी बीच कोतवाली शहर के तीनों आरोपी सीताराम, सिहोरी व शंभू की मुकदमे के दौरान मौत हो गई। कोर्ट ने पन्नूगंज थाना क्षेत्र के बचऊ, सत्यनारायण तथा बैनी के बिरजू के खिलाफ बुधवार को सुनवाई की।
अभियोजन की ओर से शासकीय अधिवक्ता फौजदारी रमेंद्र कुमार शुक्ल ने सात गवाह प्रस्तुत कराए। पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य, गवाहों के बयान और अधिवक्ताओं की दलील के आधार पर तीन आरोपियों को अपहरण में दोष सिद्ध पाते हुए पांच पांच वर्ष की कड़ी कैद तथा प्रत्येक को आठ हजार रुपया अर्थदंड से दंडित कर जेल भेज दिया गया।