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संजय ने 2015 में त्रिलोकी को मारने की बनाई थी योजना
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मिर्जापुर। शहर कोतवाली क्षेत्र के धुनियानी मोहल्ला निवासी संजय उर्फ संजू ने तीन वर्ष पूर्व ही त्रिलोकी माली की हत्या करने की साजिश रच डाली थी, लेकिन किसी कारण वश वारदात को अंजाम नहीं दे पाया था। तीन साल से अदावत की आग में धधक रहे संजू ने आखिर गुरुवार की सुबह अपने भाइयों के साथ कोतवाली के सामने पहुंचकर दिन दहाड़े त्रिलोकी की गोली मारकर हत्या कर दी। यहीं नहीं उसका सहयोग कर रहे उसके साथी सुनील वर्मा को भी गोली मार दी, जो इस समय जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है।
बता दें कि वर्ष 2015 में शहर कोतवाली क्षेत्र के धुनियानी मोहल्ला निवासी संजय उर्फ संजू को किसी ने बताया कि देहात कोतवाली क्षेत्र के भुजवा की चौकी गांव 2003 में उसकी जमीन थी। जिसको भुजवां की चौकी गांव निवासी त्रिलोकी ने फर्जी तरीके से अपना नाम चढ़वाकर कब्जा कर लिया है। यहीं नहीं उस जमीन पर एक दलित को खड़ा का लोन भी ले लिया है। यह सुन संजय आग बबूला हो गया। उसने त्रिलोकी से अपनी जमीन खाली करने की बात कही, लेकिन त्रिलोकी ने कहा कि उसकी कोई जमीन नहीं है। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद होता आ रहा था। संजय ने तीन साल पहले ही त्रिलोकी की हत्या करने की साजिश रची थी लेकिन सफल नहीं हो पाया था। धीरे धीरे समय बीतता गया। कुछ महीने पहले उसने अपने भाईयों से इस बारे में बातचीत की तो उन लोगों ने उसका सहयोग करने को कहा। भाईयों का बल मिलने पर गुरुवार को संजय कोतवाली के सामने पहुंचा और त्रिलोकी की हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद तीन भाई फरार हो गए जबकि एक को पुलिस ने पकड़ लिया।
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बता दें कि वर्ष 2015 में शहर कोतवाली क्षेत्र के धुनियानी मोहल्ला निवासी संजय उर्फ संजू को किसी ने बताया कि देहात कोतवाली क्षेत्र के भुजवा की चौकी गांव 2003 में उसकी जमीन थी। जिसको भुजवां की चौकी गांव निवासी त्रिलोकी ने फर्जी तरीके से अपना नाम चढ़वाकर कब्जा कर लिया है। यहीं नहीं उस जमीन पर एक दलित को खड़ा का लोन भी ले लिया है। यह सुन संजय आग बबूला हो गया। उसने त्रिलोकी से अपनी जमीन खाली करने की बात कही, लेकिन त्रिलोकी ने कहा कि उसकी कोई जमीन नहीं है। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद होता आ रहा था। संजय ने तीन साल पहले ही त्रिलोकी की हत्या करने की साजिश रची थी लेकिन सफल नहीं हो पाया था। धीरे धीरे समय बीतता गया। कुछ महीने पहले उसने अपने भाईयों से इस बारे में बातचीत की तो उन लोगों ने उसका सहयोग करने को कहा। भाईयों का बल मिलने पर गुरुवार को संजय कोतवाली के सामने पहुंचा और त्रिलोकी की हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद तीन भाई फरार हो गए जबकि एक को पुलिस ने पकड़ लिया।
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