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चाकू मारने के आरोपी को पांच वर्ष की सजा
Updated Sat, 02 Sep 2017 12:44 AM IST
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मिर्जापुर। न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश पीएन श्रीवास्तव ने चाकू मार कर प्राणघातक चोट पहुंचाने के जुर्म में एक आरोपी को दोष सिद्ध पाते हुए पांच वर्ष के कठोर कारावास के साथ 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाकर जेल भेज दिया।
अभियोजन के अनुसार थाना चुनार क्षेत्र के निवासी युगल किशोर का पुत्र रामकिशोर सिंह रोड पर जनरल स्टोर की दूकान करता था। तीन जून 1914 को दूकान पर रामकिशोर अपनी पत्नी मंजीता देवी व आठ वर्षीया बेटी खुशबू के साथ मौजूद था। रात आठ बजे रामकिशोर दूकान से सामान ले कर घर की ओर आगे बढ़ा उसके साथ उसकी बेटी खुशबू भी थी। पुरानी रंजिश को लेकर पहले से योजनाबद्ध हो कर बागीचे के पास योगेन्द्र सेठ पुत्र स्व. हरिहर सेठ निवासी भरेहठा ने चाकू से रामकिशोर पर वार किया तथा अजय कुमार सिंह उर्फ छब्बू सिंह निवासी जलालपुर ने मैदान में उसे पकड़ लिया। इस घटना को देख कर उसकी पुत्री चिल्लाने लगी तो दोनो आरोपी भाग गए। इसके बाद रामकिशोर दौड़ कर दूकान पर गया जहां उसकी पत्नी शटर बंद कर रही थी। उसकी पत्नी ने फोन कर घटना की जानकारी पिता को दी। उसे अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में दिया था जिसकी सुुनवाई न्यायालय ने गुरुवार को की। अभियोजन की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुनीता गुप्ता एवं श्यामधर पांडेय ने कुल आठ गवाह परीक्षित कराये। न्यायालय ने योगेन्द्र सेठ को धारा 307 भारदीय दंड संहिता के आरोप में पांच वर्ष के कठोर कारावास एवं 25 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।न्यायालय ने जुर्माने की राशि में से 20 हजार रामकिशोर को देने का आदेश दिया है। सह अभियुक्त अजय कुमार सिंह उर्फ छब्बू सिंह का परीक्षण अलग चल रहा है।
अभियोजन के अनुसार थाना चुनार क्षेत्र के निवासी युगल किशोर का पुत्र रामकिशोर सिंह रोड पर जनरल स्टोर की दूकान करता था। तीन जून 1914 को दूकान पर रामकिशोर अपनी पत्नी मंजीता देवी व आठ वर्षीया बेटी खुशबू के साथ मौजूद था। रात आठ बजे रामकिशोर दूकान से सामान ले कर घर की ओर आगे बढ़ा उसके साथ उसकी बेटी खुशबू भी थी। पुरानी रंजिश को लेकर पहले से योजनाबद्ध हो कर बागीचे के पास योगेन्द्र सेठ पुत्र स्व. हरिहर सेठ निवासी भरेहठा ने चाकू से रामकिशोर पर वार किया तथा अजय कुमार सिंह उर्फ छब्बू सिंह निवासी जलालपुर ने मैदान में उसे पकड़ लिया। इस घटना को देख कर उसकी पुत्री चिल्लाने लगी तो दोनो आरोपी भाग गए। इसके बाद रामकिशोर दौड़ कर दूकान पर गया जहां उसकी पत्नी शटर बंद कर रही थी। उसकी पत्नी ने फोन कर घटना की जानकारी पिता को दी। उसे अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में दिया था जिसकी सुुनवाई न्यायालय ने गुरुवार को की। अभियोजन की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुनीता गुप्ता एवं श्यामधर पांडेय ने कुल आठ गवाह परीक्षित कराये। न्यायालय ने योगेन्द्र सेठ को धारा 307 भारदीय दंड संहिता के आरोप में पांच वर्ष के कठोर कारावास एवं 25 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।न्यायालय ने जुर्माने की राशि में से 20 हजार रामकिशोर को देने का आदेश दिया है। सह अभियुक्त अजय कुमार सिंह उर्फ छब्बू सिंह का परीक्षण अलग चल रहा है।
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