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Mirzapur News: 25 दिन में बुकिंग, 40 दिन में मिल रहा सिलिंडर
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नगर के शुक्लहा स्थित एक गैस एजेंसी में बुकिंग कराने के लिए उमड़ी उपभोक्ताओं की भीड़, स्रोत संव
जिले में वर्तमान में 12 हजार सिलिंडरों की बुकिंग हैं, इनमें से 5000 की डिलीवरी बाकी है
मिर्जापुर। गैस कंपनियों की निर्धारित अवधि लोगों के लिए परेशानी का सबस बन गई है। एलपीजी के उपभोक्ताओं को बताया गया था कि शहरी क्षेत्र में 25 दिन के बाद ही गैस की बुकिंग की जा सकती है। हालांकि, बुकिंग के बाद डिलीवरी मिलने में 10 से 15 दिन लग जा रहे हैं। इस प्रकार एक उपभोक्ता को सिलिंडर मिलने में कम से कम 35 से 40 दिन का समय लग रहा है, इससे रसोई की समस्या बढ़ती जा रही है।
जिले में 45 गैस एजेंसियां के जरिये 5.20 लाख गैस उपभोक्ताओं को सेवा दी जाती है। अभी स्थिति यह है कि बुकिंग और डिलीवरी के बीच कम से कम सात दिनों का अंतर है। एजेंसियों का दावा है कि वे बुकिंग के आधार पर तिथिवार डिलीवरी कर रही हैं। कभी-कभी अवकाश के कारण गैस वाहन नहीं आने पर डिलीवरी एकाद दिन देरी से हो जाती है। जिले में इस समय लगभग 12 हजार बुकिंग हैं, जिनमें से पांच हजार की डिलीवरी देनी बाकी है। गैस सिलिंडरों के कारण समस्या दिन-प्रतिदिन गहराती जा रही है।
वर्जन
डिलीवरी समय पर कराई जा रही है। इसके लिए सभी गैस एजेंसियों की जांच के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, जो प्रतिदिन बुकिंग और डिलीवरी के आंकड़ों की समीक्षा कर रहे हैं, आवश्यक कदम उठा रहे हैं।
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संजय प्रसाद, जिला पूर्ति अधिकारी
जिले में हैं 2.90 लाख उज्ज्वला उपभोक्ता
जिले में 2.90 लाख उज्ज्वला उपभोक्ता हैं। इनकी समस्या कुछ अलग है। इनमें से अधिकांश उपभोक्ता नियमित रूप से सिलिंडर का प्रयोग नहीं करते हैं। पहले कुछ उपभोक्ताओं ने कनेक्शन एजेंसी या अन्य लोगों को दे दिया था। अब जरूरत पड़ने पर वे परेशान हो रहे हैं। हालांकि, इनमें से अधिकांश उपभोक्ता ग्रामीण क्षेत्रों से हैं।
इनसेट
भट्ठी और इंडक्शन से काम चला रहे होटल और रेस्टोरेंट संचालक
नगर के अधिकांश होटल और रेस्टोरेंट अब भट्ठी और इंडक्शन से काम चला रहे हैं। कॉमर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति बंद है। घरेलू सिलिंडर का व्यावसायिक उपयोग प्रतिबंधित है, इससे समस्या और बढ़ गई है। नगर के इमरती रोड स्थित होटल संचालक अजय कुमार ने बताया कि व्यावसाय की मजबूरी के कारण भट्ठी और इंडक्शन से काम चलाया जा रहा है। समस्या यह है कि गैस का कोई प्रभावी विकल्प नहीं है। इंडक्शन उपलब्ध है, लेकिन उसका हर कार्य में उपयोग संभव नहीं है।
क्या कहते हैं उपभोक्ता
“गैस का इस समय कोई विकल्प नहीं है। इंडक्शन है, लेकिन वह हर कार्य के लिए प्रयोग में नहीं लाया जा सकता।”
रितिमा यादव, सिविल लाइन
“इंडक्शन का प्रयोग करें, लेकिन वह इतनी बिजली खींचता है कि बिल की समस्या हो जाती है। इन दिनों वैसे ही स्मार्ट मीटर से नागरिक परेशान हैं।”
स्वाति मेहरोत्रा, वासलीगंज
“गैस का कोई विकल्प नहीं हो सकता। सरकार को चाहिए कि यदि 25 दिन की समय सीमा है, तो एक-दो दिन में गैस जरूर उपलब्ध कराई जाए।”
ज्योति सिंह, घुरहूपट्टी
“अब धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हो रही है, लेकिन यदि बुकिंग का समय निर्धारित है, तो डिलीवरी का भी समय तय होना चाहिए।”
कुसुम त्रिपाठी, बदली कटरा
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मिर्जापुर। गैस कंपनियों की निर्धारित अवधि लोगों के लिए परेशानी का सबस बन गई है। एलपीजी के उपभोक्ताओं को बताया गया था कि शहरी क्षेत्र में 25 दिन के बाद ही गैस की बुकिंग की जा सकती है। हालांकि, बुकिंग के बाद डिलीवरी मिलने में 10 से 15 दिन लग जा रहे हैं। इस प्रकार एक उपभोक्ता को सिलिंडर मिलने में कम से कम 35 से 40 दिन का समय लग रहा है, इससे रसोई की समस्या बढ़ती जा रही है।
जिले में 45 गैस एजेंसियां के जरिये 5.20 लाख गैस उपभोक्ताओं को सेवा दी जाती है। अभी स्थिति यह है कि बुकिंग और डिलीवरी के बीच कम से कम सात दिनों का अंतर है। एजेंसियों का दावा है कि वे बुकिंग के आधार पर तिथिवार डिलीवरी कर रही हैं। कभी-कभी अवकाश के कारण गैस वाहन नहीं आने पर डिलीवरी एकाद दिन देरी से हो जाती है। जिले में इस समय लगभग 12 हजार बुकिंग हैं, जिनमें से पांच हजार की डिलीवरी देनी बाकी है। गैस सिलिंडरों के कारण समस्या दिन-प्रतिदिन गहराती जा रही है।
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वर्जन
डिलीवरी समय पर कराई जा रही है। इसके लिए सभी गैस एजेंसियों की जांच के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, जो प्रतिदिन बुकिंग और डिलीवरी के आंकड़ों की समीक्षा कर रहे हैं, आवश्यक कदम उठा रहे हैं।
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संजय प्रसाद, जिला पूर्ति अधिकारी
जिले में हैं 2.90 लाख उज्ज्वला उपभोक्ता
जिले में 2.90 लाख उज्ज्वला उपभोक्ता हैं। इनकी समस्या कुछ अलग है। इनमें से अधिकांश उपभोक्ता नियमित रूप से सिलिंडर का प्रयोग नहीं करते हैं। पहले कुछ उपभोक्ताओं ने कनेक्शन एजेंसी या अन्य लोगों को दे दिया था। अब जरूरत पड़ने पर वे परेशान हो रहे हैं। हालांकि, इनमें से अधिकांश उपभोक्ता ग्रामीण क्षेत्रों से हैं।
इनसेट
भट्ठी और इंडक्शन से काम चला रहे होटल और रेस्टोरेंट संचालक
नगर के अधिकांश होटल और रेस्टोरेंट अब भट्ठी और इंडक्शन से काम चला रहे हैं। कॉमर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति बंद है। घरेलू सिलिंडर का व्यावसायिक उपयोग प्रतिबंधित है, इससे समस्या और बढ़ गई है। नगर के इमरती रोड स्थित होटल संचालक अजय कुमार ने बताया कि व्यावसाय की मजबूरी के कारण भट्ठी और इंडक्शन से काम चलाया जा रहा है। समस्या यह है कि गैस का कोई प्रभावी विकल्प नहीं है। इंडक्शन उपलब्ध है, लेकिन उसका हर कार्य में उपयोग संभव नहीं है।
क्या कहते हैं उपभोक्ता
“गैस का इस समय कोई विकल्प नहीं है। इंडक्शन है, लेकिन वह हर कार्य के लिए प्रयोग में नहीं लाया जा सकता।”
रितिमा यादव, सिविल लाइन
“इंडक्शन का प्रयोग करें, लेकिन वह इतनी बिजली खींचता है कि बिल की समस्या हो जाती है। इन दिनों वैसे ही स्मार्ट मीटर से नागरिक परेशान हैं।”
स्वाति मेहरोत्रा, वासलीगंज
“गैस का कोई विकल्प नहीं हो सकता। सरकार को चाहिए कि यदि 25 दिन की समय सीमा है, तो एक-दो दिन में गैस जरूर उपलब्ध कराई जाए।”
ज्योति सिंह, घुरहूपट्टी
“अब धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हो रही है, लेकिन यदि बुकिंग का समय निर्धारित है, तो डिलीवरी का भी समय तय होना चाहिए।”
कुसुम त्रिपाठी, बदली कटरा