फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mirzapur News ›   Bhabhura: Ring road election issue, priority will be given to the developer only

भभौरा: रिंग रोड चुनावी मुद्दा, विकास कराने वाले को ही दी जाएगी प्राथमिकता

Sat, 10 Apr 2021 12:31 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 10 Apr 2021 12:31 AM IST
विज्ञापन
Bhabhura: Ring road election issue, priority will be given to the developer only
शेरवां। आजादी के बाद जमालपुर विकास खंड के भभौरा ग्राम पंचायत भले ही सड़क, नाली, खड़ंजा व पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं से लैस है, लेकिन गांव के चारों तरफ रिंग रोड की आवश्यकता है। प्रमुख पहचान के रुप में गांव में स्थित तालाब सुुंदरीकरण की आज भी बाट जोह रहा है। इसके अलावा मिट्टी के बर्तन बनाने वाले कुंभार भी अपने परंपरागत पेशे को सहेजने के लिए दर-दर भटक रहे हैं।
विज्ञापन

लगभग ढाई हजार आबादी व 1803 मतदाताओं वाले इस ब्राह्मण, पटेल, बियार, कुम्हार, यादव, मुस्लिम, दलित, बनिया सहित अति पिछड़े वर्ग के लोग गांव में निवास करते हैं। ग्राम पंचायत में राजस्व गांव मुर्दहवा भी शामिल हैं। गांव में प्रधानमंत्री आवास व पेंशन से आच्छादित है लेकिन आज भी कई गरीब परिवार बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। गांव में कुम्हार गड्ढा तक नहीं जिससे परंपरागत पेशे में लगे परिवारों को मिट्टी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। इस बार के होने वाले चुनाव में गांव का विकास का विकास ही प्रमुख मुद्दा बना हुआ है। गांव के लोग ऐसे प्रधान पद के दावेदार को प्रधान चुनेंगे जो उनके विकास की सोच व धरातल पर उतारने में सामर्थ्य हों।
विज्ञापन

.....
-पहले चुनाव सामान्य तरीके व संभ्रांत व्यक्ति को ही प्रधान चुन लिया जाता रहा। अब यही हाईटेक हो गया है। आज धन बल व जातिवाद के आधार पर मुखिया चुने जा रहें है।-जय नारायण तिवारी, सेवा निवृत्त शिक्षक।
विज्ञापन
विज्ञापन

- विकास ही इस बार गांव का प्रमुख मुद्दा बना हुआ है। गांव के लोग उसी को प्रधान चुनेंगे, जो विकास की सोच व उसे धरातल पर उतारने की सामर्थ्य हो। ऐसे लोगों को ही प्राथमिकता दी जाएगी।-रेखा देवी।
-गांव का मुखिया पढ़ा-लिखा व विकास कराने वाला होना चाहिए। जो जाति, धर्म से उपर उठकर सभी के सुख दुख में होने वाला हो।-मुन्नवर अंसारी।
-आजादी के बाद जिस तरह से गांव का विकास होना चाहिए वह अभी तक नहीं हुआ। आज भी गांव में बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। विकास करने वाला ही हमारा पहला पसंद होगा।- अजीत कुमार सिंह।

-कुम्हार गड्ढा न होन से रोजी-रोटी का संकट खड़ा है। गड्ढा के लिए जमीन उपलब्ध कराने वाले को ही गांव का प्रधान बनाया जाएगा।-मुकेश प्रजापति।
- इस वर्ष गांव में ग्राम प्रधान की सीट सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित है। ऐसे में गांव के सभी जाति, धर्म व संप्रदाय के लोगों को मौका मिलना चाहिए। यही लोकतंत्र की प्रक्रिया है।-सतीश चंद्र पटेल, निर्वतमान प्रधान।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed