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Mirzapur News: पीपा पुल नहीं बनने से पांच की जगह तय करनी पड़ रही 50 किलोमीटर की दूरी
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जिगना के परमानपुर में गंगा के किनारे निर्माण के लिए रखा पीपा, स्रोत संवाद
मिर्जापुर। जिले में तीन पक्का पुल के अलावा पांच पीपा पुल हैं। पीपा पुल 15 जून के बाद हटा दिया जाता है। बाढ़ खत्म होने के बाद 15 अक्तूबर से फिर से पीपा पुल बना दिया जाता है। अभी तक पीपा पुल नहीं बनाया गया है। इस कारण लोगों को छानबे से भदोही जाने के लिए 50 और चुनार से वाराणसी जाने के लिए 25 किलोमीटर तक का चक्कर लगाना पड़ रहा है। दूरी बढ़ने के कारण यात्रा में अधिक समय लग रहा है। लोक निर्माण विभाग बाढ़ का पानी देरी से उतरने के कारण अब तक टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। छानबे क्षेत्र में दो, चुनार में एक, नरायनपुर में एक और नगर क्षेत्र में कोल्हुआ-कंपनी घाट पीपा पुल शुरू होने का इंतजार कर रहा है।
जिगना के छानबे क्षेत्र में गंगा नदी में जोपा-रामपुर घाट, मिश्रपुर-सीतामढ़ी घाट पर पीपापुल का निर्माण चालू ही नहीं हुआ है। परमानपुर सेमराधनाथ घाट पर नया पीपा पुल बनना है। पीपा पुल नहीं होने से पांच किलोमीटर की दूरी के लिए 50 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ रही है। छोटा रामपुर घाट से बबुरा, ऊंचडीह, परवा, सुपंथा, नंदिनी, नौगांव, विरौरा, बीजरकला, नीबी गहरवार, सहित दर्जनों गांवों के लोगों का आवागमन भदोही, ज्ञानपुर, गोपीगंज, जौनपुर आदि स्थानों पर होता है। मिश्रपुर-सीतामढ़ी पीपा पुल से खैरा, बसेरा, मिश्रपुर, गोगांव, नगवासी, दुगौली, कोलेपुर, डंगहर, कोठरा हरगढ़ सहित कई गांवों के लोगों का सीतामढ़ी, कोइरौना, बरौत, हंडिया सहित अन्य स्थानों पर आना-जाना लगा रहता है।
25 किलोमीटर अधिक दूरी करनी पड़ रही तय
चुनार। गांगपुर से उस पार बेटावर घाट जाने के लिए बनने वाला पीपा पुल अब तक तैयार नहीं होने से जलालपुर, बगही, शिवपुर, जरहा गांगपुर, बेला, पचेवरा, कैलहट आदि गांव के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा। लोगों को चुनार नगर अदलपुरा होकर वाराणसी जाना पड़ रहा है। लगभग 25 किलोमीटर की अधिक दूरी तय करनी पड़ रही है। बगही गांव के अनुराग सिंह ने बताया कि हर साल दीपावली से पहले पीपा पुल का निर्माण कार्य शुरू हो जाता था। इस वर्ष अभी तक कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
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पांच किलोमीटर की दूरी अब हो गई 15 किमी
नरायनपुर। रैपुरिया गंगा घाट से टिकरी गंगा घाट वाराणसी पर पीपा पुल हर दीपावली तक बन जाता था। इसका अभी तक टेंडर नहीं हुआ। इस कारण पुल का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। पुल का टेंडर होने के बाद ही पुल का पीपा लगना शुरू होता है। इसकी टेंडर प्रक्रिया अभी चल रही है। टेंडर होने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू होगा। पुल मिर्जापुर और वाराणसी को जोड़ता है। इस समय पीपा पुल निर्माण नहीं होने से लोगों को 15 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा है। डाफी टोल प्लाजा पर टैक्स देना पड़ता है। अगर पीपा पुल बन जाए तो नरायनपुर से पांच किलोमीटर की दूरी पड़ती है। बीएचयू हास्पिटल जाने वाले मरीजों के लिए आसान हो जाता है। वे जल्द पहुंच जाते हैं। जाम से निजात मिलती है। आए दिन जाम लगा रहता है। चार पहिया वाहन सैकड़ों गांवों के लोग सोनभद्र के चार पहिया वाहन इसी रास्ते से वाराणसी चले जाते हैं।
इस बार बाढ़ का पानी काफी दिनों तक रहा। अभी भी कीचड़ है। इस कारण देरी हो रही है। टेंडर प्रक्रिया चल रही है। जल्द पीपा पुल शुरू कराया जाएगा।
एके पांडेय, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
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जिगना के छानबे क्षेत्र में गंगा नदी में जोपा-रामपुर घाट, मिश्रपुर-सीतामढ़ी घाट पर पीपापुल का निर्माण चालू ही नहीं हुआ है। परमानपुर सेमराधनाथ घाट पर नया पीपा पुल बनना है। पीपा पुल नहीं होने से पांच किलोमीटर की दूरी के लिए 50 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ रही है। छोटा रामपुर घाट से बबुरा, ऊंचडीह, परवा, सुपंथा, नंदिनी, नौगांव, विरौरा, बीजरकला, नीबी गहरवार, सहित दर्जनों गांवों के लोगों का आवागमन भदोही, ज्ञानपुर, गोपीगंज, जौनपुर आदि स्थानों पर होता है। मिश्रपुर-सीतामढ़ी पीपा पुल से खैरा, बसेरा, मिश्रपुर, गोगांव, नगवासी, दुगौली, कोलेपुर, डंगहर, कोठरा हरगढ़ सहित कई गांवों के लोगों का सीतामढ़ी, कोइरौना, बरौत, हंडिया सहित अन्य स्थानों पर आना-जाना लगा रहता है।
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25 किलोमीटर अधिक दूरी करनी पड़ रही तय
चुनार। गांगपुर से उस पार बेटावर घाट जाने के लिए बनने वाला पीपा पुल अब तक तैयार नहीं होने से जलालपुर, बगही, शिवपुर, जरहा गांगपुर, बेला, पचेवरा, कैलहट आदि गांव के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा। लोगों को चुनार नगर अदलपुरा होकर वाराणसी जाना पड़ रहा है। लगभग 25 किलोमीटर की अधिक दूरी तय करनी पड़ रही है। बगही गांव के अनुराग सिंह ने बताया कि हर साल दीपावली से पहले पीपा पुल का निर्माण कार्य शुरू हो जाता था। इस वर्ष अभी तक कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
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पांच किलोमीटर की दूरी अब हो गई 15 किमी
नरायनपुर। रैपुरिया गंगा घाट से टिकरी गंगा घाट वाराणसी पर पीपा पुल हर दीपावली तक बन जाता था। इसका अभी तक टेंडर नहीं हुआ। इस कारण पुल का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। पुल का टेंडर होने के बाद ही पुल का पीपा लगना शुरू होता है। इसकी टेंडर प्रक्रिया अभी चल रही है। टेंडर होने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू होगा। पुल मिर्जापुर और वाराणसी को जोड़ता है। इस समय पीपा पुल निर्माण नहीं होने से लोगों को 15 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा है। डाफी टोल प्लाजा पर टैक्स देना पड़ता है। अगर पीपा पुल बन जाए तो नरायनपुर से पांच किलोमीटर की दूरी पड़ती है। बीएचयू हास्पिटल जाने वाले मरीजों के लिए आसान हो जाता है। वे जल्द पहुंच जाते हैं। जाम से निजात मिलती है। आए दिन जाम लगा रहता है। चार पहिया वाहन सैकड़ों गांवों के लोग सोनभद्र के चार पहिया वाहन इसी रास्ते से वाराणसी चले जाते हैं।
इस बार बाढ़ का पानी काफी दिनों तक रहा। अभी भी कीचड़ है। इस कारण देरी हो रही है। टेंडर प्रक्रिया चल रही है। जल्द पीपा पुल शुरू कराया जाएगा।
एके पांडेय, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग