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Mirzapur News: राजमहल क्रूज से चुनार पहुंचा 18 सदस्यीय विदेशी सैलानियोें का दल
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चुनार दुर्ग स्थित रानी सोनवा मंडप का भ्रमण कर बाहर खड़े विदेशी पर्यटक, स्रोत सोशल मीडिया
विदेशी पर्यटकों का 18 सदस्यीय दल वाराणसी से गंगा के रास्ते शनिवार की दोपहर राजमहल क्रूज से चुनार पहुंचा। गंगा में क्रूज खड़ा हुआ उसके बाद छोटी मोटर बोट से पर्यटक गंगा किनारे पहुंचे।
वहां से दल के सदस्य चुनार दुर्ग का भ्रमण करने निकले। दुर्ग पहुंचकर उन्होंने रानी सोनवा का मंडप, राजा भर्तृहरि नाथ की समाधि और विशालकाय बावली को देखा और दुर्ग की भव्यता और स्थापत्य कला की सराहना की।
इसके बाद उन्होंने दुर्ग के नीचे गंगा किनारे स्थित आंग्ल कब्रिस्तान को देखा और इसके बाद पर्यटक दल बाबा हजरत कासिम सुलेमानी की दरगाह पर पहुंचा। दल ने स्थानीय दरी बुनकरों से मुलाकात कर हथकरघा और बुनकरी की विधियों की जानकारी ली।
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उन्होंने चुनार पॉटरी सेंटर का दौरा किया, जहां स्थानीय दुकानों में बिक रहे चीनी मिट्टी के बर्तन, गमले, फूलदान और मूर्तियों को देखा। यहां की लोककला और हस्तशिल्प की खूबियों की उन्होंने प्रशंसा की।
दल के सदस्यों ने रानी सोनवा मंडप व दरगाह शरीफ में पत्थर पर की गई नक्काशी भी देखी। दल में एडवर्ड स्मिथ (यूके), एन्ना ब्लैकमोर (यूके), सू (ऑस्ट्रेलिया), स्टेफन (यूके) और डा. डोबी (ऑस्ट्रेलिया) शामिल थे।
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वहां से दल के सदस्य चुनार दुर्ग का भ्रमण करने निकले। दुर्ग पहुंचकर उन्होंने रानी सोनवा का मंडप, राजा भर्तृहरि नाथ की समाधि और विशालकाय बावली को देखा और दुर्ग की भव्यता और स्थापत्य कला की सराहना की।
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इसके बाद उन्होंने दुर्ग के नीचे गंगा किनारे स्थित आंग्ल कब्रिस्तान को देखा और इसके बाद पर्यटक दल बाबा हजरत कासिम सुलेमानी की दरगाह पर पहुंचा। दल ने स्थानीय दरी बुनकरों से मुलाकात कर हथकरघा और बुनकरी की विधियों की जानकारी ली।
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उन्होंने चुनार पॉटरी सेंटर का दौरा किया, जहां स्थानीय दुकानों में बिक रहे चीनी मिट्टी के बर्तन, गमले, फूलदान और मूर्तियों को देखा। यहां की लोककला और हस्तशिल्प की खूबियों की उन्होंने प्रशंसा की।
दल के सदस्यों ने रानी सोनवा मंडप व दरगाह शरीफ में पत्थर पर की गई नक्काशी भी देखी। दल में एडवर्ड स्मिथ (यूके), एन्ना ब्लैकमोर (यूके), सू (ऑस्ट्रेलिया), स्टेफन (यूके) और डा. डोबी (ऑस्ट्रेलिया) शामिल थे।