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किसान विरोधी कानून है तीनों कृषि बिल
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मिर्जापुर। कृषि बिल के विरोध में जिला एवं शहर कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में शनिवार को जिला मुख्यालय पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू के आह्वान पर प्रदर्शन कर रहे नगर पालिका परिषद के पूर्व अध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष व संगठन प्रभारी दीपचंद जैन ने कहा कि केंद्र सरकार ने किसानों के लिए काला कानून लाया है। शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजन पाठक ने कहा कि केंद्र एवं प्रदेश सरकार किसान विरोधी है। जिला कांग्रेस कमेटी प्रवक्ता मिन्हाज अहमद उर्फ छोटे खान ने बिल वापस लेने की मांग की। शहर उपाध्यक्ष अर्चना चौबे ने कहा कि इस अध्यादेश से किसान कमजोर होंगे। वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजधर धर दुबे, एआईसीसी के सदस्य सुधाकर, संतोष दुबे, शबनम अंसारी, शाश्वत पांडेय, अशोक गुप्ता, एनएसयूआई अध्यक्ष शिवराज शर्मा, संदीप श्रीवास्तव, विवेक सिंह, अंकित अग्रहरि, आलोक कुमार पाठक, छोटू चौबे, विजय दुबे, नवीन मिश्रा, संदीप मिश्रा, मनीष कुमार पांडेय, राकेश त्रिपाठी, छबिनाथ विश्वकर्मा, संजीव कुमार आदि थे।
उधर, चुनार में किसान बिल के विरोध में भारतीय किसान सेना ने शनिवार को तहसील पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी सुरेंद्र बहादुर सिंह को सौंपा।
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किसानों ने ज्ञापन के माध्यम से कहा कि नये कृषि कानून से किसान बर्बाद हो जाएंगे। किसानों को उनके उपज का उचित मूल्य भी नहीं मिल पाएगा क्योंकि कृषि कानून में न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी नहीं है। किसानों ने नये कृषि कानून को समाप्त करने की मांग की। उपरोक्त के साथ ही अन्य स्थानीय समस्याओं के प्रति भी उपजिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर सात के चौड़ीकरण के दौरान किसानों की भूमि का अधिग्रहण किया गया। लेकिन अब तक कई गांवों के किसानों को इसका मुआवजा नहीं मिला। रैपुरिया गांव में आदिवासियों को न्यायालय के आदेश पर बेदखल कर दिया गया। वह खुले आसमान के नीचे हैं। उन्हें जमीन का पट्टा दिया जाय। भारतीय किसान सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामराज पटेल ने स्थानीय समस्याओं का समाधान एक सप्ताह में न होने पर तहसील मुख्यालय पर अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन करने की तहसील प्रशासन को चेतावनी दी है। ज्ञापन सौंपने के दौरान मुन्ना चौबे, अमन सिंह, गनपत मौर्या, रमेश सिंह, दीनानाथ, कालीचरन अवधेश सिंह, अमरनाथ आदि प्रमुख मौजूद रहे ।
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प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू के आह्वान पर प्रदर्शन कर रहे नगर पालिका परिषद के पूर्व अध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष व संगठन प्रभारी दीपचंद जैन ने कहा कि केंद्र सरकार ने किसानों के लिए काला कानून लाया है। शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजन पाठक ने कहा कि केंद्र एवं प्रदेश सरकार किसान विरोधी है। जिला कांग्रेस कमेटी प्रवक्ता मिन्हाज अहमद उर्फ छोटे खान ने बिल वापस लेने की मांग की। शहर उपाध्यक्ष अर्चना चौबे ने कहा कि इस अध्यादेश से किसान कमजोर होंगे। वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजधर धर दुबे, एआईसीसी के सदस्य सुधाकर, संतोष दुबे, शबनम अंसारी, शाश्वत पांडेय, अशोक गुप्ता, एनएसयूआई अध्यक्ष शिवराज शर्मा, संदीप श्रीवास्तव, विवेक सिंह, अंकित अग्रहरि, आलोक कुमार पाठक, छोटू चौबे, विजय दुबे, नवीन मिश्रा, संदीप मिश्रा, मनीष कुमार पांडेय, राकेश त्रिपाठी, छबिनाथ विश्वकर्मा, संजीव कुमार आदि थे।
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उधर, चुनार में किसान बिल के विरोध में भारतीय किसान सेना ने शनिवार को तहसील पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी सुरेंद्र बहादुर सिंह को सौंपा।
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किसानों ने ज्ञापन के माध्यम से कहा कि नये कृषि कानून से किसान बर्बाद हो जाएंगे। किसानों को उनके उपज का उचित मूल्य भी नहीं मिल पाएगा क्योंकि कृषि कानून में न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी नहीं है। किसानों ने नये कृषि कानून को समाप्त करने की मांग की। उपरोक्त के साथ ही अन्य स्थानीय समस्याओं के प्रति भी उपजिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर सात के चौड़ीकरण के दौरान किसानों की भूमि का अधिग्रहण किया गया। लेकिन अब तक कई गांवों के किसानों को इसका मुआवजा नहीं मिला। रैपुरिया गांव में आदिवासियों को न्यायालय के आदेश पर बेदखल कर दिया गया। वह खुले आसमान के नीचे हैं। उन्हें जमीन का पट्टा दिया जाय। भारतीय किसान सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामराज पटेल ने स्थानीय समस्याओं का समाधान एक सप्ताह में न होने पर तहसील मुख्यालय पर अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन करने की तहसील प्रशासन को चेतावनी दी है। ज्ञापन सौंपने के दौरान मुन्ना चौबे, अमन सिंह, गनपत मौर्या, रमेश सिंह, दीनानाथ, कालीचरन अवधेश सिंह, अमरनाथ आदि प्रमुख मौजूद रहे ।