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पांच दिनों में आए 700 बाहरी, पहले से बढ़ा खतरा
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मिर्जापुर। जिले में पिछले पांच दिनों से 700 से ज्यादा श्रमिग दूसरे प्रदेशों से पहुंचे। इनकी थर्मल स्क्रीनिंग कराकर उन्हें होम क्वारंटीन किया गया है। इनको लेकर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ की स्थानीय लोगों के माथे पर बल डाल दिया है। खतरे की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा रहा है। इसे देखते हुए लोगों को पहले से अधिक सजग और सुरक्षित रहना होगा। जिससे की वो कोरोना संक्रमण की चपेट में न आए। बाहर से आने वाले लोगों को लेकर प्रशासन भी सशंकित है।प्रतिदिन 10 से 15 लोगों के सैंपल लिए गए।
प्रदेश के सभी जिलों में दूसरे प्रदेशों से श्रमिकों के लौटने का सिलसिला जारी है। कुछ जिलों में लौटे श्रमिकों के कोरोना संक्रमण मिलने के बाद प्रशानिक अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है। जिले में इस समय सिर्फ एक कोरोना संक्रमित अस्पताल में भर्ती है। पिछले 20 दिनों से एक भी संक्रमित नहीं आया है। ये जिले के लिए खुशी की बात है, पर इन दिनों बाहर से आने वाले लोगों को लेकर खतरा बना हुआ है। जिले से पिछले पांच दिनों में गुजरात, मुंबई, दिल्ली, राजस्थान आदि जिलों से 700 से ज्यादा लोग जिले में आए है। जिला प्रशासन उनकी जांच कराकर होम क्वारंटीन कर दे रहा है। इसमें प्रतिदिन संदिग्धों की जांच कराई जा रही है। जिले में शेल्टर होम तो बने है, पर वहां पर उनको रोका नहीं जा रहा है। यह समझ से परे है। श्रमिकों को लेकर गांव में लोगों में भय बना है। देश के कुछ जिलों में बाहर से आने वाले लोगों से ही कोरोना का संक्रमण फैला है। ऐसे में इन दिनों बाहर से आने वाले लोगों को लेकर पहले से अधिक खतरा बढ़ने की आशंका है। ऐसे में लोगों को भी सावधानी बरतते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा।
जिले के विभिन्न क्षेत्रों में रहकर मजदूरी करने वाले राजस्थान निवासी 98 लोगों को गुरुवार को घर वापस भेजा जाएगा। रोडवेज के एआरएम हरिशंकर पांडेय ने बताया कि गुरुवार की दोपहर तीन बसों से 98 लोगों को राजस्थान भेजा जाएगा।
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प्रदेश के सभी जिलों में दूसरे प्रदेशों से श्रमिकों के लौटने का सिलसिला जारी है। कुछ जिलों में लौटे श्रमिकों के कोरोना संक्रमण मिलने के बाद प्रशानिक अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है। जिले में इस समय सिर्फ एक कोरोना संक्रमित अस्पताल में भर्ती है। पिछले 20 दिनों से एक भी संक्रमित नहीं आया है। ये जिले के लिए खुशी की बात है, पर इन दिनों बाहर से आने वाले लोगों को लेकर खतरा बना हुआ है। जिले से पिछले पांच दिनों में गुजरात, मुंबई, दिल्ली, राजस्थान आदि जिलों से 700 से ज्यादा लोग जिले में आए है। जिला प्रशासन उनकी जांच कराकर होम क्वारंटीन कर दे रहा है। इसमें प्रतिदिन संदिग्धों की जांच कराई जा रही है। जिले में शेल्टर होम तो बने है, पर वहां पर उनको रोका नहीं जा रहा है। यह समझ से परे है। श्रमिकों को लेकर गांव में लोगों में भय बना है। देश के कुछ जिलों में बाहर से आने वाले लोगों से ही कोरोना का संक्रमण फैला है। ऐसे में इन दिनों बाहर से आने वाले लोगों को लेकर पहले से अधिक खतरा बढ़ने की आशंका है। ऐसे में लोगों को भी सावधानी बरतते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा।
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जिले के विभिन्न क्षेत्रों में रहकर मजदूरी करने वाले राजस्थान निवासी 98 लोगों को गुरुवार को घर वापस भेजा जाएगा। रोडवेज के एआरएम हरिशंकर पांडेय ने बताया कि गुरुवार की दोपहर तीन बसों से 98 लोगों को राजस्थान भेजा जाएगा।
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