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तीन करोड़ 33 लाख से बनी सड़क दो माह में उखड़ी
Updated Thu, 30 Aug 2018 11:28 PM IST
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कछवां। नगर पंचायत कछवां से कटका औराई मार्ग तक तीन करोड़ 33 लाख रुपये की लागत से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनाई सड़क बरसात नहीं झेल पाई। दो महीने में ही जगह-जगह सड़क उखड़ गई है। इससे आने जाने वाले राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस सड़क का उद्घाटन केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल और मझवां विधायक सुचिस्मिता मौर्या ने संयुक्त रूप से मई में किया था।
कछवां से कटका आठ किलोमीटर लंबी सड़क बनाने के लिए 25 मई से 30 नवंबर 2017 तक बनाने की जिम्मेदारी वाराणसी एक कंट्रक्शन कंपनी को दी गई थी। तीन करोड़ 33 लाख लगात से बनने वाली इस सड़क को कंपनी ने छह माह देरी से बना तो दिया गया पर इसकी जांच करने कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। इससे ठेकेदार सड़क मानक के विपरीत सड़क बनाकर अपना पल्ला झाड़ लिया। जबकि पांच साल तक इसके रख रखाव की जिम्मेदारी ठेकेदार की होती है लेकिन सड़क पांच साल चलने को कौन कहे दो महीने में ही जगह जगह से उखड़ गई। प्रमुख सचिव महेश गुप्ता बंधवा प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण करने जा रहे थे तो सड़क के गढ्ढों के कारण वाहन उछलते ही वे आधे रास्ते से ही वापस लौट आए। प्रमुख सचिव के निर्देश पर दो माह पहले ही काम लगाकर पुरा किया गया। सड़क निर्माण के बाद पांच साल तक की गारंटी है और सड़क दो माह के भीतर ही उखड़ने लग गई है जिस पर लोगों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए है। नगर पंचायत से 12 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण पीडब्ल्यूडी विभाग के तहत करवाया गया है। जमुआ बाजार से लेकर चड़िया तक और मझवां गांव से कछवां के बीच सड़क पूरी तरह उखड़ गई है। यह सड़क करीब एक माह पहले उखड़ गई है। समाज सेवी प्रदीप सिंह व सतीश राय सड़क की हालत देख इसकी शिकायत लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से की थी। लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई। जब ठेकेदार पांच साल तक सड़क के दुरुस्त रहने की गारंटी देता है तो फिर शिकायत के बाद भी विभाग कोई एक्शन क्यों नहीं ले रहा। गुस्साए लोगों ने प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।
अधिशासी अभियंता संतराम ने बताया कि अगर सड़क उखड़ गई है तो ठेकेदार पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारी को भी किसी दशा में बख्शा नहीं जाएगा।
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कछवां से कटका आठ किलोमीटर लंबी सड़क बनाने के लिए 25 मई से 30 नवंबर 2017 तक बनाने की जिम्मेदारी वाराणसी एक कंट्रक्शन कंपनी को दी गई थी। तीन करोड़ 33 लाख लगात से बनने वाली इस सड़क को कंपनी ने छह माह देरी से बना तो दिया गया पर इसकी जांच करने कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। इससे ठेकेदार सड़क मानक के विपरीत सड़क बनाकर अपना पल्ला झाड़ लिया। जबकि पांच साल तक इसके रख रखाव की जिम्मेदारी ठेकेदार की होती है लेकिन सड़क पांच साल चलने को कौन कहे दो महीने में ही जगह जगह से उखड़ गई। प्रमुख सचिव महेश गुप्ता बंधवा प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण करने जा रहे थे तो सड़क के गढ्ढों के कारण वाहन उछलते ही वे आधे रास्ते से ही वापस लौट आए। प्रमुख सचिव के निर्देश पर दो माह पहले ही काम लगाकर पुरा किया गया। सड़क निर्माण के बाद पांच साल तक की गारंटी है और सड़क दो माह के भीतर ही उखड़ने लग गई है जिस पर लोगों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए है। नगर पंचायत से 12 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण पीडब्ल्यूडी विभाग के तहत करवाया गया है। जमुआ बाजार से लेकर चड़िया तक और मझवां गांव से कछवां के बीच सड़क पूरी तरह उखड़ गई है। यह सड़क करीब एक माह पहले उखड़ गई है। समाज सेवी प्रदीप सिंह व सतीश राय सड़क की हालत देख इसकी शिकायत लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से की थी। लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई। जब ठेकेदार पांच साल तक सड़क के दुरुस्त रहने की गारंटी देता है तो फिर शिकायत के बाद भी विभाग कोई एक्शन क्यों नहीं ले रहा। गुस्साए लोगों ने प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।
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अधिशासी अभियंता संतराम ने बताया कि अगर सड़क उखड़ गई है तो ठेकेदार पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारी को भी किसी दशा में बख्शा नहीं जाएगा।
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