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सीबीएसई की परीक्षाएं सिर पर, तैयारी नदारद
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मिर्जापुर । सीबीएसई की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 15 फरवरी से शुरू करने की तिथि घोषित है, लेकिन परीक्षा के नाम पर जिले में तैयारियां शून्य हैं। अभी तक परीक्षा के लिए सिटी कोआर्डिनेटर तक नहीं तय किया जा सका है। इससे सीबीएसई से संबंधित विद्यालयों में भी असमंजस की स्थिति है।
जिले में सीबीएसई से संबद्ध तकरीबन दो दर्जन विद्यालय हैं। इन सबकी परीक्षाएं प्रतिवर्ष विभिन्न केंद्रों पर होती हैं। इसके लिए परीक्षार्थियों की संख्या तय कर उसी के अनुसार केंद्र तय किए जाते हैं। पिछले सत्र में आधा दर्जन केंद्रों पर हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के मिलाकर लगभग दस हजार छात्र- छात्राओं ने परीक्षा दी थी। इस बार उनकी संख्या में बढ़ोत्तरी होगी लेकिन वास्तविक स्थिति स्पष्ट न होने से विद्यालयों के प्रधानाचार्यों व प्रबंधकों में भी चिंता देखी जा रही है। अभिभावक भी परेशान हैं कि अभी तक प्रायोगिक परीक्षा भी नहीं हो सकी है। हालांकि प्रधानाचार्यों का कहना है कि परीक्षा के संचालन के लिए उनकी तैयारी पूरी है। उनके विद्यालय परीक्षा संचालन के मानक पर पूरे हैं। हां जो केंद्र इस बार नए बनने वाले हैं और उन्होंने आवेदन किया है, वे जरूर चिंतित दिखाई दे रहे हैं कि कहीं ऐसा न हो कि अंतिम समय में जल्दबाजी में केंद्र फाइनल कर दिया जाए और उनका केंद्र इस बार भी परीक्षा केंद्र बनने से वंचित रह जाए।
परीक्षा की तिथि को ध्यान में रखते हुए तैयारी की जा रही है। पाठ्यक्रम पूरे हो गए हैं और विद्यालय परीक्षा केंद्र के लिए भी पूरी तरह से तैयार है।
एनके पांडेय
प्रधानाचार्य लायंस स्कूल लालडिग्गी।
जिले में सीबीएसई से संबद्ध तकरीबन दो दर्जन विद्यालय हैं। इन सबकी परीक्षाएं प्रतिवर्ष विभिन्न केंद्रों पर होती हैं। इसके लिए परीक्षार्थियों की संख्या तय कर उसी के अनुसार केंद्र तय किए जाते हैं। पिछले सत्र में आधा दर्जन केंद्रों पर हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के मिलाकर लगभग दस हजार छात्र- छात्राओं ने परीक्षा दी थी। इस बार उनकी संख्या में बढ़ोत्तरी होगी लेकिन वास्तविक स्थिति स्पष्ट न होने से विद्यालयों के प्रधानाचार्यों व प्रबंधकों में भी चिंता देखी जा रही है। अभिभावक भी परेशान हैं कि अभी तक प्रायोगिक परीक्षा भी नहीं हो सकी है। हालांकि प्रधानाचार्यों का कहना है कि परीक्षा के संचालन के लिए उनकी तैयारी पूरी है। उनके विद्यालय परीक्षा संचालन के मानक पर पूरे हैं। हां जो केंद्र इस बार नए बनने वाले हैं और उन्होंने आवेदन किया है, वे जरूर चिंतित दिखाई दे रहे हैं कि कहीं ऐसा न हो कि अंतिम समय में जल्दबाजी में केंद्र फाइनल कर दिया जाए और उनका केंद्र इस बार भी परीक्षा केंद्र बनने से वंचित रह जाए।
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परीक्षा की तिथि को ध्यान में रखते हुए तैयारी की जा रही है। पाठ्यक्रम पूरे हो गए हैं और विद्यालय परीक्षा केंद्र के लिए भी पूरी तरह से तैयार है।
एनके पांडेय
प्रधानाचार्य लायंस स्कूल लालडिग्गी।