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गर्मी का पारा चढ़ते मरीजों के बीमार होने का सिलसिला शुरू
Updated Tue, 15 May 2018 12:26 AM IST
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जिला अस्पताल में भर्ती मरीज
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मिर्जापुर। तापमान में उतार-चढ़ाव के चलते लोग विभिन्न बीमारियों से पीड़ित होने लगे हैं। जिला चिकित्सालय समेत सीएचसी और पीएचसी में सोमवार को बुखार, उल्टी-दस्त और पेट दर्द के करीब दो हजार मरीज पहुंचे।
जिले में बीते सप्ताह अधिकतम तापमान, 44, 43 से 41 डिग्री सेल्सियस पहुंचा। रविवार की रात आंधी बारिश के चलते तापमान में गिरावट आई और सोमवार को अधिकतम तापमान लुढ़क कर 39 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। तापमान में उतार चढ़ाव का असर लोगों की सेहत पर पड़ा है और लोग बीमार पड़ने लगे हैं। शादी ब्याह का मौसम होने के कारण खरीददारी समेत अन्य व्यवस्था के लिए धूप में घर से निकल रहे हैं। धूप और लू लगने से लोग बीमार हो रहे है। सोमवार को जिला चिकित्सालय में लगभग 12 सौ और सीएचसी पीएचसी में 800 मरीज अपना इलाज कराने पहुंचे। इससें सबसे अधिक बुखार, पेट दर्द, उल्टी और दस्त के मरीज पाए गए। इसके बाद हड्डी तथा अन्य रोगों के मरीजों चिकित्सालय पहुंचे थे। बीमार मरीजों में सबसे अधिक संख्या बच्चों की थी। उनको उल्टी दस्त की अधिक शिकायत थी। इसी प्रकार जनपद के आठ सीएचसी और आठ पीएचसी पर विभिन्न बीमारियों से पीड़ित करीब एक हजार मरीज इलाज करने पहुंचे। ग्रामीण क्षेत्र होने के कारण सीएचसी पीएचसी पर सबसे अधिक लोग पेट दर्द की शिकायत लेकर चिकित्सकों के पास इलाज कराने पहुंचे।
मंडलीय चिकित्सालय में तीन अस्थि रोग विशेषज्ञ डाक्टर हैं लेकिन सोमवार को सिर्फ एक डाक्टर के ड्यूटी पर मौजूद थे जिससे मरीजों खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। चिकित्सक के कक्ष में अधिक भीड़ लगने के चलते बाहर खड़े लोग हाथ पैर व अन्य स्थानों पर चोट लगने के कारण घंटों दर्द से तड़पते रहे। कई मरीज को समय सीमा समाप्त होने पर चिकित्सक चले जाने पर अपना इलाज नहीं करा पाए।
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जिले में बीते सप्ताह अधिकतम तापमान, 44, 43 से 41 डिग्री सेल्सियस पहुंचा। रविवार की रात आंधी बारिश के चलते तापमान में गिरावट आई और सोमवार को अधिकतम तापमान लुढ़क कर 39 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। तापमान में उतार चढ़ाव का असर लोगों की सेहत पर पड़ा है और लोग बीमार पड़ने लगे हैं। शादी ब्याह का मौसम होने के कारण खरीददारी समेत अन्य व्यवस्था के लिए धूप में घर से निकल रहे हैं। धूप और लू लगने से लोग बीमार हो रहे है। सोमवार को जिला चिकित्सालय में लगभग 12 सौ और सीएचसी पीएचसी में 800 मरीज अपना इलाज कराने पहुंचे। इससें सबसे अधिक बुखार, पेट दर्द, उल्टी और दस्त के मरीज पाए गए। इसके बाद हड्डी तथा अन्य रोगों के मरीजों चिकित्सालय पहुंचे थे। बीमार मरीजों में सबसे अधिक संख्या बच्चों की थी। उनको उल्टी दस्त की अधिक शिकायत थी। इसी प्रकार जनपद के आठ सीएचसी और आठ पीएचसी पर विभिन्न बीमारियों से पीड़ित करीब एक हजार मरीज इलाज करने पहुंचे। ग्रामीण क्षेत्र होने के कारण सीएचसी पीएचसी पर सबसे अधिक लोग पेट दर्द की शिकायत लेकर चिकित्सकों के पास इलाज कराने पहुंचे।
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मंडलीय चिकित्सालय में तीन अस्थि रोग विशेषज्ञ डाक्टर हैं लेकिन सोमवार को सिर्फ एक डाक्टर के ड्यूटी पर मौजूद थे जिससे मरीजों खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। चिकित्सक के कक्ष में अधिक भीड़ लगने के चलते बाहर खड़े लोग हाथ पैर व अन्य स्थानों पर चोट लगने के कारण घंटों दर्द से तड़पते रहे। कई मरीज को समय सीमा समाप्त होने पर चिकित्सक चले जाने पर अपना इलाज नहीं करा पाए।
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