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दुराचार के आरोपी का जमानत खारिज
Updated Wed, 28 Feb 2018 12:28 AM IST
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मिर्जापुर। शहर कोतवाली क्षेत्र में ढाई साल पहले घर में घुस कर नाबालिग किशोरी से बलात्कार करने और कार्रवाई से बचने के लिए साजिश के तहत निकाह करने के बाद तलाक देने के मामले में जनपद न्यायाधीश अशोक कुमार मिश्र ने मंगलवार को आरोपी की जमानत अर्जी को नामंजूर कर दिया।
शहर कोतवाली क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता की मां की तहरीर पर पुलिस ने चार अगस्त 2015 को कोतवाली में आरोपी और साजिश में उसके पिता के खिलाफ धारा 376, 419, 420, 467, 468, 471 तथा 452 आदि धाराओं में केस दर्ज किया था। पुलिस ने आरोपी पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मामले में जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी आशुतोष अग्रवाल ने कहा कि पीड़िता ने बयान में कहा है कि अभियुक्त मुईन पुत्र नसरूददीन घर में घुस कर बलात्कार किया। उस घटना के बाद आरोपी के पिता ने मुकदमे से बचने के लिए साजिश कर अभियुक्त के साथ उसका निकाह करवा दिया। निकाह के बाद आरोपी ने दोबारा धोखा देते हुए तलाकनामे पर मेरा हस्ताक्षर भी करा लिया। आरोपी मुईन ने जेल से अपने अधिवक्ता के माध्यम से जमानत अर्जी दी थी। अदालत ने जमानत का उचित आधार न पाते हुए जमानत अर्जी को निरस्त कर दिया।
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शहर कोतवाली क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता की मां की तहरीर पर पुलिस ने चार अगस्त 2015 को कोतवाली में आरोपी और साजिश में उसके पिता के खिलाफ धारा 376, 419, 420, 467, 468, 471 तथा 452 आदि धाराओं में केस दर्ज किया था। पुलिस ने आरोपी पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मामले में जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी आशुतोष अग्रवाल ने कहा कि पीड़िता ने बयान में कहा है कि अभियुक्त मुईन पुत्र नसरूददीन घर में घुस कर बलात्कार किया। उस घटना के बाद आरोपी के पिता ने मुकदमे से बचने के लिए साजिश कर अभियुक्त के साथ उसका निकाह करवा दिया। निकाह के बाद आरोपी ने दोबारा धोखा देते हुए तलाकनामे पर मेरा हस्ताक्षर भी करा लिया। आरोपी मुईन ने जेल से अपने अधिवक्ता के माध्यम से जमानत अर्जी दी थी। अदालत ने जमानत का उचित आधार न पाते हुए जमानत अर्जी को निरस्त कर दिया।
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