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Mirzapur News: ‘श्रीराम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में...’ गूंजा तो भक्तिमय हुआ विंध्य दरबार
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मां विंध्यवासिनी सेवा समिति के वार्षिकोत्सव पर भव्य देवी जागरण, जयकारों और भक्ति गीतों से देर रात तक गूंजता रहा धाम
विंध्याचल। ‘राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में...’ भजन के बोल जैसे ही मां विंध्यवासिनी के दरबार में गूंजे, पूरा मंदिर प्रांगण भक्ति और आस्था के रंग में रंग गया। मां विंध्यवासिनी सेवा समिति के वार्षिकोत्सव समारोह के तहत मंगलवार को आयोजित भव्य देवी जागरण में श्रद्धालुओं की आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। मां के जयकारों, शंख, घंटा-घड़ियाल और नगाड़ों की गूंज से देर रात तक पूरा विंध्य धाम देवीमय रहा।
शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच समिति के संस्थापक पंडित मोहित मिश्रा और अध्यक्ष पं. गौतम द्विवेदी ने ज्योति पूजन कर किया। इस दौरान मां विंध्यवासिनी का चारों पहर शृंगार, पूजन-अर्चन, सतचंडी पाठ, दीपदान, भोग और प्रसाद वितरण किया गया। फूल-पत्तियों और रंग-बिरंगी सजावट से सजा मंदिर परिसर श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना रहा।
देवी जागरण का आगाज सुप्रसिद्ध गायक मंटू मिश्रा ने गणेश वंदना से किया। इसके बाद रवींद्र सिंह ज्योति ने ‘मयरिया कौने करनवा भुलईलू ना’, इंदु सोनाली ने ‘निबिया के गाछल पतिया’ और विनय मिश्रा ने ‘मां से बढ़ के केहु ना’ जैसे भक्ति गीतों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
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भदोही की शिवानी दुबे ने जब ‘श्रीराम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में’ सुनाया तो मां का प्रांगण मंगलमय हो उठा। श्रद्धालु भक्ति की धुनों पर झूम उठे और जय श्रीराम व मां विंध्यवासिनी के जयकारों से वातावरण गूंजने लगा। मंटू मिश्रा हंसमुख ने ‘मइया के चुनरी बा लाल रे, दर्शन करी हम हजार बार रे’ सहित कई भजनों से देर रात तक समां बांधे रखा।
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विंध्याचल। ‘राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में...’ भजन के बोल जैसे ही मां विंध्यवासिनी के दरबार में गूंजे, पूरा मंदिर प्रांगण भक्ति और आस्था के रंग में रंग गया। मां विंध्यवासिनी सेवा समिति के वार्षिकोत्सव समारोह के तहत मंगलवार को आयोजित भव्य देवी जागरण में श्रद्धालुओं की आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। मां के जयकारों, शंख, घंटा-घड़ियाल और नगाड़ों की गूंज से देर रात तक पूरा विंध्य धाम देवीमय रहा।
शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच समिति के संस्थापक पंडित मोहित मिश्रा और अध्यक्ष पं. गौतम द्विवेदी ने ज्योति पूजन कर किया। इस दौरान मां विंध्यवासिनी का चारों पहर शृंगार, पूजन-अर्चन, सतचंडी पाठ, दीपदान, भोग और प्रसाद वितरण किया गया। फूल-पत्तियों और रंग-बिरंगी सजावट से सजा मंदिर परिसर श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना रहा।
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देवी जागरण का आगाज सुप्रसिद्ध गायक मंटू मिश्रा ने गणेश वंदना से किया। इसके बाद रवींद्र सिंह ज्योति ने ‘मयरिया कौने करनवा भुलईलू ना’, इंदु सोनाली ने ‘निबिया के गाछल पतिया’ और विनय मिश्रा ने ‘मां से बढ़ के केहु ना’ जैसे भक्ति गीतों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
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भदोही की शिवानी दुबे ने जब ‘श्रीराम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में’ सुनाया तो मां का प्रांगण मंगलमय हो उठा। श्रद्धालु भक्ति की धुनों पर झूम उठे और जय श्रीराम व मां विंध्यवासिनी के जयकारों से वातावरण गूंजने लगा। मंटू मिश्रा हंसमुख ने ‘मइया के चुनरी बा लाल रे, दर्शन करी हम हजार बार रे’ सहित कई भजनों से देर रात तक समां बांधे रखा।