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यूपी: सांई गांव के फ्लैट से ईडी ने आलोक को उठाया, 120 करोड़ के घोटाले में जा चुका है जेल; जानें पूरा मामला

Thu, 03 Sep 2026 05:35 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Aman Vishwakarma Updated Thu, 03 Sep 2026 05:35 AM IST
सार

आजमगढ़ में सांई गांव स्थित फ्लैट से ईडी ने आलोक को हिरासत में लिया। वह 120 करोड़ रुपये के घोटाले में जेल जा चुका है। करीब एक साल पहले 42 टोल प्लाजा से जुड़े घोटाले में एसटीएफ ने उसे गिरफ्तार किया था। मामले में आजमगढ़ और मिर्जापुर के टोल प्लाजा से जुड़े लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।

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ED picks up Alok from flat in Sai village he has previously been jailed in 120 crore scam in varanasi
ईडी की बड़ी कार्रवाई। - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

फर्जी साॅफ्टवेयर के जरिये टोल प्लाजा से अवैध वसूली मामले में प्रवर्तन निदेशालय लखनऊ की टीम ने बड़ागांव थाना क्षेत्र के हरहुआ काजीसराय स्थित साईं गांव अपार्टमेंट से आलोक कुमार सिंह को हिरासत में लिया है। वह फ्लैट संख्या 106 में रहता है। 

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ईडी की टीम ने बुधवार की अलसुबह ही उसे हिरासत में लिया। साल भर पहले एसटीएफ ने 42 टोल प्लाजा से 120 करोड़ के घोटाले में आलोक कुमार सिंह समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। दूसरी तरफ ईडी ने आजमगढ़ और मिर्जापुर में भी टोल प्लाजा से जुड़े लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई किए हैं।
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जौनपुर के सराय ख्वाजा के मूल निवासी आलोक कुमार सिंह पहले टोल प्लाजा पर कर्मचारी था। आईटी विशेषज्ञों और टोल प्लाजा पर काम करते हुए आलोक कुमार सिंह ने फर्जी साॅफ्टवेयर तैयार किए थे। आरोप था कि गिरोह बनाकर देश के विभिन्न राज्यों के टोल प्लाजा पर अवैध वसूली की है। 
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टोल शुल्क का पांच प्रतिशत रकम सरकारी कोष और 95 प्रतिशत रकम आलोक अपने साथियों में बांटता था। एसटीएफ लखनऊ ने इस गिरोह का भंड़ाफोड़ किया तो पूर्वांचल के विभिन्न जिलों के आरोपी बेनकाब हुए। जनवरी 2025 में आलोक कुमार सिंह की गिरफ्तारी के साथ ही भदोही ज्ञानपुर निवासी पंकज शुक्ला, प्रयागराज के परानीपुर मेजा यमुनापार निवासी राजू मिश्रा, मध्य प्रदेश के सीधी मझौली निवासी मनीष मिश्रा एसटीएफ के हत्थे चढ़े थे।

42 टोल प्लाजा पर आलोक ने इंस्टाल किए थे साॅफ्टवेयर
अतरैला शिव गुलाम टोल प्लाजा पर काम करने के दौरान ही आलोक कुमार सिंह ने फर्जी साॅफ्टवेयर तैयार किया था। एसटीएफ ने उस समय अपनी रिपोर्ट में दर्ज किया था कि आलोक ने 42 टोल प्लाजा पर फर्जी साॅफ्टवेयर इंस्टाल किए थे। अब ईडी ने मनी लाॅन्डि्रंग के मामले में यह कार्रवाई शुरू की है।

शहर में तीन टोल प्लाजा, सुबह से मची रही हलचल
टोल प्लाजा पर ईडी की कार्रवाई से शहर के तीन अन्य टोल प्लाजा पर हलचल मची रही। कैथी टोल प्लाजा, डाफी टोल प्लाजा और ढेरही टोल प्लाजा के संचालकों और मैनेजर समेत कर्मियों में ऊहापोह की स्थिति मची रही।

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