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विश्व थायराइड दिवस: ये हैं इस बीमारी के लक्षण, बचाव के लिए रखें इन बातों का विशेष ध्यान

Wed, 26 May 2021 11:52 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Wed, 26 May 2021 11:52 AM IST
सार

अगर आपके बाल गिरने लगे और स्किन ड्राई, हमेशा चिड़चिड़े रहना जैसे संकेत दिखे तो आप साइलेंट किलर थायराइड के शिकार हो सकते हैं। इस बीमारी से बचाव के लिए इन बातों का विशेष ध्यान रखें।

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World Thyroid Day 2021: Weight loss and fatigue are symptoms of thyroid disease
thyroid - फोटो : file photo

विस्तार

अगर कम उम्र में ही हर वक्त थकान रहे, कम खाने के बावजूद तेजी से वजन बढ़ रहा है, कम उम्र में ही बुढ़ापे के लक्षण दिखने लगें तो समझ लीजिए सेहत ठीक नहीं है। बाल गिरने लगना, स्किन ड्राई, हमेशा चिड़चिड़े रहना जैसे संकेत दिख रहें तो आप साइलेंट किलर थायराइड के शिकार हो सकते हैं। ऐसे मरीजों को लाइफस्टाइल और खानपान का विशेष ध्यान रखना होता है। दरअसल, खराब दिनचर्या और गलत खानपान इसका बड़ा कारण है। 

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लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से विश्व थायराइड दिवस हर साल 25 मई को मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य थायराइड के महत्व और रोग की रोकथाम व उपचार के बारे में जागरूक करना है। पुरुषों के मुकाबले महिलाएं थायराइड का ज्यादा शिकार होती हैं। देश में हर 10वां व्यक्ति बीमारी से जूझ रहा है। 35 साल की उम्र से थायराइड की जांच शुरू करा देनी चाहिए और प्रत्येक पांच साल बाद नियमित जांच करानी चाहिए। ताकि इस गंभीर बीमारी से बचाव किया जा सकें। 
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थायरॉइड के लक्षण 
- वजन कम होना
- घबराहट
- थकान
- सांस फूलना
- कम नींद आना
- अधिक प्यास लगना

हाइपोथायराइडिज्म
- वजन बढ़ना
- थकान
- अवसाद
- मानसिक तनाव
- बालों का झड़ना
- त्वचा का रूखा और पतला होना

यह है थायराइड 
सांस की नली के ऊपर थायराइड तितली के आकार का एक ग्लैंड होता है। थायराइड ग्लैंड थ्योरिकसिन नाम का हार्मोन बनाती है। ये हार्मोन शरीर के मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है और शरीर में सेल्स को कंट्रोल करता है। यह दो प्रकार के होते हैं। थायराइड हार्मोन में कमी से हाइपोथायरायडिज्म (अचानक वजन बढ़ना) होता है। थायराइड हार्मोन के बढ़ने से हाइपरथायरायडिज्म होता है। आहार में उचित आयोडीन स्तर बनाए रखने और कच्ची गोइट्रोजेनिक सब्जियों के उपयोग को सीमित करने से थायराइड रोगों से बचने में मदद मिलती है। 
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खानपान का रखें ध्यान 
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. नवीन शर्मा ने बताया कि थायराइड के मरीजों को ग्लूटेन के सेवन को कम करना चाहिए। ग्लूटेन वाली चीजों का अधिक सेवन करने से छोटी आंत में जलन पैदा कर सकता है और थायराइड हार्मोन की दवा ले रहें है तो उसका असर कम कर देती है। इसलिए अपनी डाइट में चावल, पास्ता, ब्रेड कम ही शामिल करें। कैफीन युक्त चीजों का सेवन भी कम से कम करना चाहिए। क्योंकि ये थायराइड ग्रंथि और थायराइड के स्तर दोनों पर बुरा प्रभाव डालता है। 


फैटी भोजन के सेवन से भी बचें 
वरिष्ठ फिजिशयन डॉ. संदीप जैन ने बताया कि अधिक फैटी फूड्स का सेवन करने से लोगों में थायराइड  हार्मोन के उत्पादन को कम कर सकता है। ऐसे लोग अपनी डाइट में मक्खन, मीट जैसे वसायुक्त फू़ड्स को कम शामिल करें। अधिक मात्रा में फाइबर का सेवन करना सेहत के लिए अच्छा माना जाता है, लेकिन थायराइड के मरीजों को इसका सेवन कम मात्रा में करना चाहिए। यह थायराइड के उपचार को कठिन बना सकता है।

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