मेरठ के परतापुर थाना क्षेत्र में हवाई पट्टी के सामने बुधवार को तेज रफ्तार बाइक कैंटर में घुस गई। इस हादसे में एक ही बाइक पर सवार चार दोस्तों की मौत हो गई। किसी ने भी हेलमेट नहीं पहन रखा था।
तस्वीरें: बिना हेलमेट सड़क पर फर्राटे भरने निकले थे 4 दोस्त, दर्दनाक मौत, बाइक के उड़े परखच्चे
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इंस्पेक्टर परतापुर सुभाष अत्री के अनुसार नंगला पासू परतापुर निवासी अर्जुन (23) पुत्र मामचंद, हरेंद्र (25) पुत्र भिखारी लाल और परतापुर के इटायरा गांव मंगी कॉलोनी निवासी अनुज (23) पुत्र त्रिलोक चंद व सोनू (26) पुत्र महेंद्र ड्राइवर थे। चारों सोफिया स्कूल के पास एक आयुर्वेदिक कंपनी के गोदाम से माल लेकर दुकानदारों तक पहुंचाते थे।
बुधवार दोपहर चारों दोस्त एक ही बाइक से कताई मिल से परतापुर की तरफ लौट रहे थे। हवाई पट्टी कॉलोनी के सामने कृष्णा धर्मकांटे पर बैक हो रहे कैंटर से बाइक जा टकराई। हादसे के बाद चालक करीब 20 मीटर की दूरी पर कैंटर छोड़कर भाग निकला। सूचना पर परतापुर पुलिस पहुंची और खून से लथपथ युवकों को अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने चारों को मृत घोषित कर दिया।
परिजनों में मचा कोहराम
युवकों की मौत का पता चलते ही परिवार के लोगों में कोहराम मच गया। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के भेज दिया। इंस्पेक्टर परतापुर के अनुसार बाइक की स्पीड अधिक थी, जिससे बाइक कंट्रोल नहीं हो पाई। बाइक हरेंद्र चला रहा था।
अनुज मूल रूप से फलावदा के झड़ीना गांव का निवासी था। वह अपने जीजा विक्की के पास नंगला पासू गांव में रह रहा था। परिजनों की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर चालक की तलाश की जा रही है, जबकि कैंटर को कब्जे में ले लिया है।
बिना हेलमेट-ओवर स्पीड, परिवार के लिए जिंदगी भर का गम
यकीन नही होता कि पल भर में चार युवा दोस्त दुनिया से चले गए। ऐसा हादसा जो परिवार के लिए जिंदगी भर का गम दे गया। इनकी मौत का कारण एक ही बाइक पर चार सवार, बिना हेलमेट और तेज रफ्तार माना गया।
इस हादसे में कैंटर चालक की गलती भी कम नहीं है। वहीं, इन चार मौतों के बाद पुलिस सिस्टम पर सवाल खड़े होने शुरू हो रहे हैं। कहां है पुलिस का हेलमेट अभियान। शुरू होते ही चंद दिनों में ट्रैफिक पुलिस के अभियान बंद हो जाते हैं।