संगीनों के साये में वेस्ट यूपी की नहरें
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देश के क ई हिस्से जबरदस्त सूखे की चपेट में आ गए हैं। वेस्ट यूपी के कई जिलों में इस स्थिति से निपटने की तैयारी की जा रही है। खासतौर पर नहरों के पानी को लेकर चिंता जताई गई है। पूर्वी यमुना नहर के अधिकारियों ने कृषि एवं प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र भेजकर कहा है कि सूखे की स्थिति में किसान नहरों के पानी पर कब्जा कर लेते हैं, जिससे पानी आगे नहीं जा पाता। पुलिस बल का सहयोग मांगा गया है, जिस पर मंडलायुक्त ने सभी जिलों को इस बाबत अलर्ट किया है।
मध्य अप्रैल से शुरू होती है पानी की किल्लत
मानसून अवधि के बाद सिंचाई के लिए नहरों को अतिरिक्त पानी की आवश्यकता होती है। यमुना हो या गंग नहर दोनों ही के अधिकारी अक्टूबर, नवंबर में सिल्ट सफाई का काम कराते हैं ताकि पानी की किल्लत के समय निर्बाध रूप से नहरों में पानी छोड़ा जा सके। दिसंबर से अप्रैल के मध्य तक टेल तक पानी आ जाता है, लेकिन इसके बाद असली किल्लत शुरू होती है।
इसके बाद टेल और अंतिम छोर तक पानी जा नहीं पाता है। विभिन्न स्थानों पर रजवाहों में या तो पानी रोक दिया जाता है या फिर अन्य तरीकाें से अवरोध उत्पन्न किया जाता है। दबंग नहर को काट देते हैं ताकि अपने खेतों को भर सकें । इससे आगे के किसानों को पानी नहीं मिल पाता। वेस्ट यूपी में काफी ऐसे मामले पानी को लेकर हुए हैं। कानून व्यवस्था की स्थिति कई बार पानी के कारण बिगड़ी है।
मांग ली पुलिस की मदद
पूर्वी यमुना नहर लोअर खंड तथा गंगनहर के अधिशासी अभियंता ने बागपत तथा मेरठ के कृषि अधिकारियों एवं जिलाधिकारियों को पत्र लिखा है। कहा है कि सूखे जैसी स्थिति में पानी की विकट समस्या होती है। यह ऐसा समय है, जब नहरों में अवरोध पैदा किया जाता है। एक तरह से यह पानी की लूट ही है। ऐसे में भला सभी किसानों को सिंचाई के लिए पानी कहां से मिले। विभागों ने जन सहयोग तो मांगा ही, साथ ही पुलिस बल की मांग की है। लगातार गश्त की मांग की है, जिससे प्रवाह निर्बाध रूप से चलता रहे।
सभी को किया अलर्ट
मंडलायुक्त आलोक सिन्हा ने इस संबंध में पत्र मिलने पर सभी जिलाधिकारियों को अलर्ट किया है। कहा है कि इस सीजन के लिए सिंचाई के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। देखा जाए कि नहरों के पानी को कोई रोक तो नहीं रहा है। पुलिस सहयोग से व्यवस्था बनाई जाए। आगामी माह भारी गर्मी के हैं। ऐसे में किसी तरह की किल्लत न हो। यदि कोई पानी जबरन रोक रहा है तो एक्शन लिया जाए।