फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   West UP canals

संगीनों के साये में वेस्ट यूपी की नहरें  

Sat, 16 Apr 2016 01:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ Updated Sat, 16 Apr 2016 01:04 AM IST
विज्ञापन
West UP canals
नहर। - फोटो : फाइल फोटो

देश के क ई हिस्से जबरदस्त सूखे की चपेट में आ गए हैं। वेस्ट यूपी के कई जिलों में इस स्थिति से निपटने की तैयारी की जा रही है। खासतौर पर नहरों के पानी को लेकर चिंता जताई गई है। पूर्वी यमुना नहर के अधिकारियों ने कृषि एवं प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र भेजकर कहा है कि सूखे की स्थिति में किसान नहरों के पानी पर कब्जा कर लेते हैं, जिससे पानी आगे नहीं जा पाता। पुलिस बल का सहयोग मांगा गया है, जिस पर मंडलायुक्त ने सभी जिलों को इस बाबत अलर्ट किया है।

विज्ञापन


मध्य अप्रैल से शुरू होती है पानी की किल्लत
मानसून अवधि के बाद सिंचाई के लिए नहरों को अतिरिक्त पानी की आवश्यकता होती है। यमुना हो या गंग नहर दोनों ही के अधिकारी अक्टूबर, नवंबर में सिल्ट सफाई का काम कराते हैं ताकि पानी की किल्लत के समय निर्बाध रूप से नहरों में पानी छोड़ा जा सके। दिसंबर से अप्रैल के मध्य तक टेल तक पानी आ जाता है, लेकिन इसके बाद असली किल्लत शुरू होती है।
विज्ञापन


इसके बाद टेल और अंतिम छोर तक पानी जा नहीं पाता है। विभिन्न स्थानों पर रजवाहों में या तो पानी रोक दिया जाता है या फिर अन्य तरीकाें से अवरोध उत्पन्न किया जाता है। दबंग नहर को काट देते हैं ताकि अपने खेतों को भर सकें । इससे आगे के किसानों को पानी नहीं मिल पाता। वेस्ट यूपी में काफी ऐसे मामले पानी को लेकर हुए हैं। कानून व्यवस्था की स्थिति कई बार पानी के कारण बिगड़ी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


मांग ली पुलिस की मदद 
पूर्वी यमुना नहर लोअर खंड तथा गंगनहर के अधिशासी अभियंता ने बागपत तथा मेरठ के कृषि अधिकारियों एवं जिलाधिकारियों को पत्र लिखा है। कहा है कि सूखे जैसी स्थिति में पानी की विकट समस्या होती है। यह ऐसा समय है, जब नहरों में अवरोध पैदा किया जाता है। एक तरह से यह पानी की लूट ही है। ऐसे में भला सभी किसानों को सिंचाई के लिए पानी कहां से मिले। विभागों ने जन सहयोग तो मांगा ही, साथ ही पुलिस बल की मांग की है। लगातार गश्त की मांग की है, जिससे प्रवाह निर्बाध रूप से चलता रहे।


सभी को किया अलर्ट
मंडलायुक्त आलोक सिन्हा ने इस संबंध में पत्र मिलने पर सभी जिलाधिकारियों को अलर्ट किया है। कहा है कि इस सीजन के लिए सिंचाई के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। देखा जाए कि नहरों के पानी को कोई रोक तो नहीं रहा है। पुलिस सहयोग से व्यवस्था बनाई जाए। आगामी माह भारी गर्मी के हैं। ऐसे में किसी तरह की किल्लत न हो। यदि कोई पानी जबरन रोक रहा है तो एक्शन लिया जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed