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Meerut News: महंगा इलाज, महंगी शिक्षा से जनता का उत्पीड़न नहीं होने देंगे

Fri, 11 Oct 2024 06:25 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 11 Oct 2024 06:25 AM IST
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We will not allow the public to be harassed by expensive treatment and expensive education.
मेरठ। सपा विधायक अतुल प्रधान का धरना बृहस्पतिवार से विक्टोरिया पार्क में शुरू हो गया। उन्होंने कहा कि महंगा इलाज और महंगी शिक्षा से जनता का उत्पीड़न हो रहा है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उत्पीड़न नहीं होने देंगे।
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घेरा डालो, डेरा डालो, धरने की शुरुआत सुबह पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की पुण्यतिथि पर हवन से हुए। टेंट लगाकर स्टेज बनाया हुआ है, जिस पर बैनर लगा यह, जिसमें राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की फोटो लगी है। अतुल स्टेज के बजाय जनता के बीच जमीन पर बैठे। मेरठ के अलावा आसपास के जिलों बिजनौर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, बागपत से भी लोग बसों, कारों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर धरना स्थल पर पहुंचे। विक्टोरिया पार्क के बाहर सड़क किनारे लाउडस्पीकर लगाए हुए हैं, ताकि आते जाते लोग भी धरनास्थल की बातें सुनते रहें। धरनास्थल पर मूढ़े भी डाले हुए हैं, जहां लोग हुक्का गुड़गुड़ा रहे हैं।
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सरधना विधायक अतुल प्रधान ने कहा कि निजी अस्पतालों में महंगे इलाज और निजी शिक्षण संस्थानों से जनता त्रस्त है। इसे खत्म करना जरूरी है। इसके लिए यह जन आंदोलन शुरू किया गया है। उनकी लड़ाई चिकित्सकों या शिक्षकों से नहीं है। उनकी लड़ाई व्यवस्था से है। सरकारी अस्पतालों और स्कूल-कॉलेजों में बेहतर व्यवस्था नहीं है। लोग निजी अस्पतालों और स्कूल-कॉलेजों में जाते हैं तो न इलाज करा पाते हैं और न पढ़ाई। डॉक्टरों की फीस हर बार देनी पड़ती है। दवाओं और जांचों पर डॉक्टर कमिशन लेते हैं, जिससे जांचें और दवाएं महंगी हैं।
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प्राइवेट स्कूलों में हर साल फीस वृद्धि कर मनमानी की जा रही है। ऐसी व्यवस्था बने, जिससे इस पर लगाम लगे। उनकी सरकार और प्रशासन से यही मांग है। इस आंदोलन में जनता उनके साथ है। लोग उनका बड़े पैमाने पर समर्थन कर रहे हैं। बड़ी संख्या में भीड़ इसका प्रमाण है। धरना रात में भी जारी रहा। वहीं खाना बना, अतुल प्रधान और उनके समर्थकों ने खाया।

प्रशासन बताए कहां देना है धरना

प्रशासन ने धरने की एक दिन की अनुमति दी है। इस पर सपा विधायक का कहना है कि उनका धरना अनिश्चितकालीन है। प्रशासन जहां बताएगा वह वहां धरना देंगे। उनका धरना शांतिपूर्वक है। पहले कलक्ट्रेट में होना था। प्रशासन ने मना किया तो विक्टोरिया पार्क में किया गया। अब अगर विक्टोरिया पार्क में नहीं करना है तो प्रशासन जगह बताए कहां करना है। उनका आंदोलन है, जिसे वह जारी रखेंगे। अगर उन्हें रोका गया तो वह आमरण अनशन करेंगे। विक्टोरिया पार्क में धरने के लिए कहकर प्रशासन ने उन्हें फंसाने का प्रयास किया है, ताकि खेल प्रभावित हो और उन्हें रोका जा सके।

पिछले साल किया था आमरण अनशन

निजी अस्पतालों में महंगे इलाज के विरोध में अतुल प्रधान ने पिछले साल 4 दिसंबर से कलक्ट्रेट में आमरण अनशन किया था। 11 दिसंबर को कमिश्नरी पार्क में सभा हुई थी, जिसमें सपा के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने उनका अनशन खत्म कराया था। शासन और स्वास्थ्य विभाग ने आश्वासन दिया था कि व्यवस्था में सुधार कराएंगे। अतुल प्रधान का कहना है की व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ है, इसलिए उन्हें फिर से धरना देना पड़ रहा है।

विधायक बताएं उन्होंने कितने लोगों की इलाज में मदद की : आईएमए अध्यक्ष

अतुल प्रधान के धरने पर आईएमए अध्यक्ष डॉ. अनुपम सिरोही का कहना है कि आईएमए लोगों की मदद के लिए लगातार निशुल्क ओपीडी कर रहा है। चिकित्सा शिविर लगाता है। निशुल्क टेलीमेडिसिन शुरू करने जा रहा है। करीब 100 निजी अस्पताल ऐसे हैं जो आयुष्मान और पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्वास्थ्य योजनाओं के तहत मरीजों का इलाज करते हैं, जो सरकार की योजनाएं हैं और इसमें मरीज को पैसा नहीं देना पड़ता, सरकार वहन करती है। विधायक खुद बताएं उन्होंने किसी मरीज के इलाज में आर्थिक तौर पर कोई मदद की हो। सिर्फ धरना देने से काम नहीं चलता। स्वास्थ्य सेवाओं को आईएमए राजनीति का अखाड़ा नहीं बनने देगा।


सपा विधायक का धरना जारी रहा तो मैच होना मुश्किल

एमडीसीए के सदस्यों की मानें तो विक्टोरिया पार्क के मैदान में चल रहे सपा विधायक के धरने के कारण मैच में बाधा हो सकती है। उन्होंने कहा कि अगर धरना समाप्त नहीं हुआ तो मैच हो पाना मुश्किल है। धरने में लाउडस्पीकर के शोर के कारण मैच शुरू नहीं हो सकेगा और रेफरी इसकी रिपोर्ट बीसीसीआई को देंगे, जिसके चलते भविष्य में भी मेरठ को मैच मिलने में मुश्किलें हो सकती हैं।
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