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गुदड़ी बाजार तिहरा हत्याकांड: फैसला कल तक टला, तीन दोस्तों को दी थी खाैफनाक माैत, 16 साल चला मुकदमा

Wed, 31 Jul 2024 09:32 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Wed, 31 Jul 2024 09:32 AM IST
सार

कोतवाली गुदड़ी बाजार तिहरे हत्याकांड में 16 साल बाद कल फैसला आएगा। इस मुकदमे में बहस पूरी हो चुकी है। अदालत ने सारे दस्तावेज सुरक्षित कर लिए हैं। वहीं हाईकोर्ट ने इस मामले में निचली अदालत से मुकदमे का स्टेटस मांगा था। मंगलवार को अदालत ने ट्रांसफर प्रार्थना पत्र को निरस्त कर दिया था। अदालत ने फैसले को कल तक के लिए टाल दिया है।

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Verdict in Meerut Gudri Bazar triple murder case after 16 years, one of the most horrific incidents
सुधीर उज्ज्वल, सुनील ढाका, पुनीत गिरि - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मेरठ कोतवाली गुदड़ी बाजार तिहरे हत्याकांड में 16 साल बाद आज फैसला आएगा। इस मुकदमे में बहस पूरी हो गई है। अदालत ने सारे दस्तावेज सुरक्षित कर लिए हैं। आज निर्णय सुनाया जाएगा। वहीं हाईकोर्ट ने इस मामले में निचली अदालत से मुकदमे का स्टेटस मांगा और फैसले को टाल दिया था। हाई कोर्ट ने 30 जुलाई तक रिपोर्ट मांगी थी। वहीं मंगलवार को ट्रांसफर के प्रार्थना पत्र को निरस्त कर दिया। आज अदालत ने मामले में फैसला कल तक टाल दिया है। 

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23 मई 2008 को मेरठ कॉलेज के छात्र सुनील ढाका (27) निवासी जागृति विहार, पुनीत गिरि (22) निवासी परीक्षितगढ़ रोड और सुधीर उज्जवल (23) निवासी गांव सिरसली, बागपत के शव बागपत के बलैनी में नदी किनारे पड़े मिले। तीनों को गोलियां मारने के बाद गला काटकर मारा गया था। पुलिस की जांच में सामने आया कि 22 मई की रात तीनों का गुदड़ी बाजार में हाजी इजलाल कुरैशी के साथ झगड़ा हुआ था।

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Verdict in Meerut Gudri Bazar triple murder case after 16 years, one of the most horrific incidents
मुख्य आरोपी इजलाल - फोटो : अमर उजाला
पुलिस के आरोप पत्र के मुताबिक झगड़े के बाद इजलाल ने अपने भाइयों के साथ मिलकर तीनों को पकड़ लिया। पहले पाइपों से बुरी तरह पिटाई की। इसके बाद तीनों को गोलियां मारी। फिर सबके गले काट दिए। आंखें तक नोंच ली गईं। इसके बाद शवों को पानी से धोकर कार की डिग्गी में रखकर गाड़ी सहित नदी किनारे ले जाकर शवों को फेंक दिया।

इस घटना का खुलासा होने के बाद मेरठ में हजारों युवाओं ने गैर-राजनीतिक संगठन बनाकर 25 मई को मेरठ बंद का एलान कर दिया था। पूरा मेरठ बंद हुआ था। तत्कालीन कोतवाली इंस्पेक्टर और सीओ की भूमिका पर सवाल उठने के बाद जांच सदर बाजार थाने के इंस्पेक्टर डीके बालियान को दी गई थी।

इन्हें बनाया था आरोपी
पुलिस ने इस मामले में हाजी इजलाल, उसके भाई अफजाल व परवेज समेत दस आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। कुल 14 आरोपियों पर चार्जशीट दाखिल हुई है। इनमें हाजी इजलाल कुरैशी, परवेज और अफजाल पुत्रगण स्वर्गीय इकबाल, मेहराज पुत्र मेहताब, इसरार पुत्र रशीद, कल्लू उर्फ कलुआ पुत्र हाजी अमानत, इजहार, मुन्नू ड्राइवर उर्फ देवेंद्र आहूजा पुत्र विजय, वसीम पुत्र नसरुद्दीन, रिजवान पुत्र स्वर्गीय उस्मान और बदरुद्दीन पुत्र इलाहीबख्श, शम्मी और माजिद के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल करते हुए हत्याकांड को साबित करने के लिए कुल 37 गवाहों के नाम दिए। युवती को इस मामले में इजलाल को घटना के लिए उकसाने का आरोपी बनाया गया। इस पर युवती कोर्ट से स्टे ले आई थी।

Verdict in Meerut Gudri Bazar triple murder case after 16 years, one of the most horrific incidents
मुख्य आरोपी इजलाल - फोटो : अमर उजाला
धाराओं में फांसी तक की सजा का प्रावधान
इस मामले में पहले बागपत में रिपोर्ट दर्ज हुई थी, लेकिन बाद में इजलाल समेत बाकी आरोपियों के खिलाफ (अपराध संख्या 190/08)के तहत धारा 147, 148, 149, 364, 302, 201, 404, 411 और 3/2 गैंगस्टर एक्ट के तहत थाना कोतवाली में मुकदमा दर्ज है।

एडवोकेट प्रमोद त्यागी बताते हैं कि इन धाराओं में उम्रकैद से लेकर फांसी तक की सजा का प्रावधान है। अब इस मामले में सिर्फ एक आरोपी शम्मी जेल में है। बाकी सभी आरोपियों की जमानत हो चुकी है। मुकदमे में बहस पूरी हो गई है। आज हाई कोर्ट ने इस मामले में निचली अदालत से मुकदमे का स्टेटस मांगने के बाद फैसले को टाल दिया। वहीं मेरठ में फैसले को लेकर पुलिस प्रशासन चाैकन्ना है।
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Verdict in Meerut Gudri Bazar triple murder case after 16 years, one of the most horrific incidents
सुनील ढाका के परिजन - फोटो : अमर उजाला
गुदड़ी बाजार ट्रिपल मर्डर केस में अभियुक्त गण की ओर से न्यायालय में प्रार्थना की गई कि ट्रांसफर से संबंधित प्रार्थना पत्र उच्च न्यायालय में विचाराधीन है और 30 जुलाई की तिथि नियत है, इसलिए कोई निर्णय पारित न किया जाए। 

अभियोजन पक्ष की ओर से वरिष्ठ फौजदारी अधिवक्ता प्रमोद त्यागी ने कोर्ट को बताया था कि माननीय उच्च न्यायालय द्वारा प्रोसीडिंग्स को स्टे नहीं किया गया तथा माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा दिन प्रतिदिन सुनवाई किए जाने के आदेश दिए हुए थे। प्रार्थना पत्र के संबंध में न्यायालय को अपनी रिपोर्ट उच्च न्यायालय को प्रस्तुत करनी थी।
 
मुख्य न्यायालय अपर जिला स्पेशल भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट संख्या दो पवन शुक्ला ने हाईकोर्ट की 30 जुलाई को तारीख लगने के चलते फैसले को अब 31 जुलाई की तिथि नियत की थी। अदालत कल इस मामले में अंतिम फैसला सुनाएगी।
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