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यूपी: कोरोना महामारी में छूटा काम, अब जान जोखिम में डाल चला रहे परिवार, ऑक्सीजन सिलिंडर को बनाया कमाई का जरिया
Wed, 05 May 2021 05:56 PM IST
कपिल kapil
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: कपिल kapil
Updated Wed, 05 May 2021 05:56 PM IST
सार
प्रदेश में लॉकडाउन के चलते मेरठ में उद्योगों में काम कम होने के कारण कई मजदूरों को नौकरी से हाथ धोना पड़ा है। इस बंदी में अब ऑक्सीजन सिलिंडर भराने की कतार मजदूरों के आय का जरिया बन गई है।
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ऑक्सीजन सिलिंडर लेकर जाता युवक
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उत्तर प्रदेश में लॉकडाउन के चलते मेरठ में उद्योगों में काम कम होने के कारण कई मजदूरों को नौकरी से हाथ धोना पड़ा है। इस बंदी में अब ऑक्सीजन सिलिंडर भराने की कतार मजदूरों के आय का जरिया बन गई है। फैक्ट्रियों में मजदूरों के लिए काम नहीं हैं तो उद्यमियों ने उन्हें ऑक्सीजन सिलिंडर भरवाने का काम दे दिया है। एक मजदूर दिन में दो सिलिंडर भरवाकर आराम से 500 से 700 रुपए की कमाई कर लेता है।
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शहर में अधिकांश ऑक्सीजन फिलिंग स्टेशन औद्योगिक क्षेत्रों के पास हैं। इन क्षेत्रों में औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले मजदूरों पर बंदी के कारण काम बहुत कम है। फैक्ट्रियां बंद हैं, तो माल की सप्लाई ठप्प पड़ी है। ऐसे में मजदूर रोजी रोटी के लिए ऑक्सीजन सिलिंडर भरवाने की कतार में लग रहे हैं। रोजाना सुबह से देर रात तक ये मजदूर ऑक्सीजन प्लांटों के बाहर खाली सिलिंडर लेकर उन्हें भरवाने के लिए लंबी कतारों में लगते हैं। तेज धूप और गर्मी में दिनभर खड़े रहने के बाद जब नंबर आता है तो मजदूर सिलिंडर भरवाता है। सिलिंडर भरवाने के बादनवह मालिक को फोन पर उसकी सूचना देता है।
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इसके बाद मालिक गाड़ी या रिक्शे से भरे हुए सिलिंडर को मंगवा लेता है। कई मजदूर सिलिंडर को प्लांट से घर और अस्पताल तक लाने, ले जाने का काम भी कर रहे हैं। इस तरह इनकी रोजी-रोटी चल रही है। मजदूर ने बताया कि महामारी में यह काम आय का जरिया बन गया है। इसी से परिवार पाल रहे हैं। अब दूसरा काम तो मिल नहीं रहा। एक दिन में 500 से 700 रुपए तक की कमाई हो जाती है।
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