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गर्मी से अभी राहत के नहीं आसार: जून में टूटा 65 वर्ष का रिकाॅर्ड, वेस्ट यूपी में अगले कुछ दिन ऐसा रहेगा माैसम

Tue, 18 Jun 2024 01:24 PM IST
Dimple Sirohi मोहित कुमार, संवाद न्यूज एजेंसी, मोदीपुरम
मोहित कुमार, संवाद न्यूज एजेंसी, मोदीपुरम Published by: Dimple Sirohi Updated Tue, 18 Jun 2024 01:24 PM IST
सार

आसमान से बरस रही आग और तपिश ने जीना मुहाल कर दिया है। दिन व रात के तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। वहीं पश्चिमी यूपी में अभी गर्मी और बढ़ने की संभावना है।

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UP Weather Update: 65 years old record broken in June, West Uttar Pradesh Mausam News in Hindi
गर्मी का कहर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गर्मी ने जीना मुहाल कर दिया है। मौसम विज्ञानी बता रहे हैं कि जून की गर्मी ने पिछले 65 साल का रिकार्ड तोड़ दिया है। तापमान 44.2 डिग्री पहुंच गया है। हाल फिलहाल राहत के आसार    नहीं हैं। 

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पर्यावरण विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि समय रहते पेड़ों का कटान और ग्लोबल वार्मिंग कम नहीं हुआ तो भविष्य में हालात और भयावह होंगे। मौसम कार्यालय पर दिन का अधिकतम तापमान 44.2 डिग्री व रात का न्यूनतम तापमान 30.2 डिग्री सेल्सियस रिकाॅर्ड किया गया। जून के महीने में अधिकतम तापमान सामान्य 38 डिग्री होना चाहिए, लेकिन सामान्य से 6 डिग्री तापमान ऊपर चल रहा है। 

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यह बताए जा रहे हैं गर्मी बढ़ने के मुख्य कारण
-मैदानी क्षेत्रों के साथ-साथ पहाड़ों पर भी बारिश का कम होना 
-लगातार पेड़ों का कटान होना और नए पेड कम लगाना 
-वाहनों का दबाव बढ़ने से प्रदूषण बढ़ा 
-गर्मी में एसी का असर भी सबसे ज्यादा दिखता है। 

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जून का अधिकतम तापमान 
 1959     38.4 
 1965      39.1 
 1970     40.1
 1975     39.1 
 1980     40.9 
 1985     34.5 
 1990    36.8
 1995     38.6 
 2000     37.7 
 2005     32.8 
 2010    41.5 
 2011    39.2  
 2012    39.7 
 2013    41.1 
 2014    38.1 
 2015    37.0 
 2016    39.4
 2017    41.0 
 2018    40.8
 2019    43.0 
 2020    42.0 
 2021     41.8
 2022     41.1
 2022    42.8
 2023     43.8 
 2024     44.2 

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फसलों को अधिक नुकसान
-मार्च से जुलाई तक भीषण गर्मी के बीच बारिश की जरूरत ज्यादा होती है। 
-बारिश न होने से किसानों को हरा, धान, ईंख की फसल को अधिक पानी देना पड़ता है। 
-बारिश का पानी है सबसे अच्छा है, ट्यूबवेल से होने वाली सिंचाई से ज्यादा बारिश का पानी अच्छा माना गया है। 

अच्छी बारिश के आसार 
मौसम वैज्ञानिक यूपी शाही का कहना है कि पिछले पांच छह दशक में ऐसी गर्मी जून में नहीं देखी गई है। इस बार मानसून अच्छा है तो मानसून के आने से ही राहत मिलने के आसार है। कृषि वैज्ञानिक आरएस सेंगर ने कहा कि अब साल दर साल मौसम का पैटर्न बदलने से ये हालात हो रहे हैं। तापमान 45 तक पहुंच रहा है। आने वाले समय के लिए भी अच्छा संकेत नहीं हैं। गर्मी इस बार सारे रिकार्ड तोड़ रही है।

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