UP Election Result 2022: योगी ने जहां किया रोड शो, वहां दलितों ने खूब बरसाए वोट, मेरठ की इस खास सीट पर भाजपा को हराने में हांफ गया गठबंधन
भाजपा के वोट शेयर में अप्रत्याशित रूप से 7.27 फीसदी की वृद्धि हुई, जबकि गठबंधन का वोट शेयर पिछली बार के मुकाबले 3.58 फीसदी घटा है। बसपा के वोट शेयर में सर्वाधिक 6.06 फीसदी की कमी हुई है। जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रोड शो किया वहां दलितों ने भी भाजपा को वोट दिया।
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रालोद के गढ़ के नाम से जानी जाने वाली जनपद की हॉट सीट सिवालखास में भाजपा को हराने के लिए सपा-रालोद गठबंधन का डबल इंजन बुरी तरह हाफ गया। भाजपा ने वर्ष 2017 विधानसभा चुनाव के मुकाबले जहां 19725 वोट ज्यादा हासिल कीं वहीं गठबंधन (रालोद-सपा) प्रत्याशी गुलाम मोहम्मद को पिछली बार सपा और रालोद प्रत्याशी से 4382 वोट कम मिले। भाजपा के वोट शेयर में अप्रत्याशित रूप से 7.27 फीसदी की वृद्धि हुई, जबकि गठबंधन का वोट शेयर पिछली बार के मुकाबले 3.58 फीसदी घटा है। बसपा के वोट शेयर में सर्वाधिक 6.06 फीसदी की कमी हुई है। राजनीतिक पंडित बसपा और गठबंधन के वोट शेयर को भाजपा के पाले में जाना बताते हुए इस बेहतरीन प्रदर्शन का कारण बता रहे हैं।
सपा और रालोद ने 2017 का विधानसभा चुनाव अलग-अलग लड़ा था। इसमें सपा प्रत्याशी गुलाम मोहम्मद को 61421 (27.27 फीसदी) और रालोद के यशवीर सिंह को 44710 (19.85 फीसदी) वोट मिले थे। लेकिन इस बार सपा और रालोद चुनाव लड़े रालोद के गुलाम मोहम्मद ने 101749 वोट (43.54 फीसदी) हासिल किए। लेकिन ये वोट पिछली बार सपा और रालोद प्रत्याशियों को मिले 106131 (47.12 फीसदी) वोट से 4382 वोट कम है।
वहीं भाजपा की बात करें तो पिछले चुनाव में भाजपा के जितेंद्र सतवाई को 72842 (32.34 फीसदी) वोट मिला था। लेकिन इस बार मनिंद्र पाल सिंह को 92567 (39.61 फीसदी) वोट मिले हैं जो पिछली बार से 19725 वोट (7.47 फीसदी) ज्यादा है।
इस बार सबसे खराब चाल बसपा के हाथी की रही। पिछली बार बसपा प्रत्याशी नदीम चौहान को 42524 (18.88 फीसदी) वोट मिला था। लेकिन इस बार बसपा प्रत्याशी मुकर्रम अली उर्फ नन्हें खातून को 12.82 फीसदी 29958 वोट मिला।
सिवाल व धौलड़ी में नल ने दिखाया दम, छुर-मुल्हैड़ा में खूब खिला कमल
जनपद की हॉट सीट में शामिल सिवालखास में भले ही सपा-रालोद गठबंधन प्रत्याशी गुलाम मोहम्मद ने बाजी जीत ली हो लेकिन भाजपा प्रत्याशी मनिंदरपाल सिंह ने आखिरी दम तक टक्कर देकर मुकाबले को रोचक बनाए रखा।
बूथवार मिली वोटों पर नजर डाले तो पहले राउंड में ठाकुर और त्यागी बाहुल्य गांव कालंद, कालंदी, पाली, पिठलोकर आदि की वोट खुली तो गुलाम मोहम्मद को जहां 3385 वोट मिले तो वहीं मनिंद्र पाल सिंह ने 3625 वोट लेकर बढ़त बना ली। दूसरे राउंड में छुर और मुल्हैडा खुले तो यहां दोनों प्रत्याशी लगभग बराबरी पर आ गए। तीसरे राउंड में बाकी बचे मुल्हैडा के बूथ के अलावा बपारसी, पांचली बुजर्ग और गोटका आदि में पहुंचते ही मनिंदरपाल सिंह ने करीब दो हजार की लीड ले ली।
चौथे-पांचवे राउंड के गांवों में मनिंदर रहे आगे : चौथे और पांचवें राउंड में शामिल गांव जसड़ सुल्तानपुर, डाहर, भूनी, सरुरपुर खुर्द, कक्केपुर और गणेशपुर तक मनिंदरपाल आगे रहे। यहां तक गुलाम मोहम्मद को 17930 और मनिंदरपाल को 18615 वोट मिले। लेकिन छठे राउंड के गांव बदरुद्दीन नानू, जाफराबाद दुर्वेशपुर, खिर्वा जलालपुर, समसपुर सुरानी और खिर्वा नौआबाद दबथुआ, भलसौना में आने के बाद गुलाम मोहम्मद एक हजार वोट से आगे पहुंच गए। लेकिन इसके बाद त्यागी बहुल ईकड़ी से मनिंदरपाल सिंह फिर आगे हो गए और आठवें राउंड तक करीब तीन हजार वोट की बढ़त लिए रहे।
लेकिन नवें और दसवें राउंड और ग्यारवहें राउंड में जैसे ही करनावल, हर्रा, खिवाई, मैनापूठी गांवों की वोट खुली तो गुलाम मोहम्मद 43792 वोट तक पहुंच गए और मनिंदरपाल 35924 वोट लेकर काफी पीछे रह गए।
डालमपुर, रासना और चिंदौड़ी में दोनों को मिले वोट
बारहवें राउंड के गांव किनौनी, कल्याणपुर, उकसिया, 13वें राउंड के गांव डालमपुर, चिंदौड़ी खास, भदौड़ा, मीरपुर, रासना, रामपुर, फतेहपुर ने दोनों प्रत्याशियों को वोट दिया, लेकिन गुलाम मोहम्मद की लीड कम नहीं हो सकी। 17वें और 18वें राउंड तक पहुंचते हुए मनिंद्र पाल ने लीड के अंतर को बेहद कम कर दिया। लेकिन 18वें व 19वें राउंड के गांव सिसौला बुजुर्ग, सिसौला खुर्द, सतवाई, अमानउल्लापुर, ढढरा, चौबला, टीकरी, बहरामपुर खास आदि में गुलाम ने फिर बढ़त बना ली। लेकिन 23वें राउंड के बाद जैसे ही रसूलपुर धौलड़ी, सिवालखास, जानी बुजर्ग, बाफर, गेझा, कागमाबाद गून, कलंजरी आदि गांव खुले तो गुलाम मोहम्मद एक लाख से ऊपर पहुंच गए और मनिंदरपाल सिंह 92 हजार पर सिमट गए।
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं ज्वाइनिंग कमेटी के अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेई ने विधानसभा चुनाव में अहम भूमिका निभाई है। चुनाव में दूसरे दलों के तमाम नेताओं को भाजपा ज्वाइन कराकर उन्होंने नए समीकरण बनाए। उनकी अध्यक्षता में प्रदेश में चुनाव के दौरान 424 नेताओं ने पार्टी ज्वाइन की।
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेई को संगठन की राजनीति का 1977 से अनुभव है। उनके प्रदेश अध्यक्ष के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश में 80 में से 70 सीटों पर भाजपा के सांसद चुनाव जीते थे। भाजपा ने उनके अनुभव को देखते हुए विधानसभा चुनाव में अहम जिम्मेदारी सौंपी।
उनको ज्वाइनिंग कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया। डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेई ने यहां भी खुद को साबित करके दिखाया। दूसरे दलों के नेताओं को भाजपा ज्वाइन कराने में उन्होंने अहम जिम्मेदारी निभाई। पश्चिम उत्तर प्रदेश के 63 नेताओं को उन्होंने भाजपा की सदस्यता दिलाई।
पूरे प्रदेश में दूसरे दलों के 424 नेताओं ने पार्टी ज्वाइन की। इनमें एक पूर्व केंद्रीय मंत्री, पांच पूर्व सांसद, 15 एमएलए-एमएलसी, 26 पूर्व विधायक, 24 बोर्ड के पूर्व चेयरमैन-सदस्य, 25 चेयरमैन, जिला पंचायत अध्यक्ष-सदस्य एवं ब्लॉक प्रमुख शामिल रहे। 12 विभिन्न पार्टियों के लोकसभा एवं 42 विधानसभा सीट के प्रत्याशी शामिल रहे। पार्टी ने उनको पश्चिम के साथ ही पूरब में भी प्रचार की जिम्मेदारी सौंपी।
जहां किया योगी ने रोड शो, वहां दलितों ने खूब दिए भाजपा को वोट
रामनगर, जस्सू मोहल्ला, शिवलोकपुरी, रामनगर में खिला कमल, बसपा को पीछे छोड़ दूसरे नंबर पर आया गठबंधन
कैंट सीट पर सभी 467 बूथों पर मतदाताओं ने भाजपा के पक्ष में एकतरफा मतदान किया। रामनगर, जस्सू मोहल्ला, शिवलोकपुरी, रामनगर आदि में जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रोड शो किया वहां दलितों ने भी भाजपा को वोट दिया।
छावनी में जाट बाहुल्य माना जाने वाले जिटौली, दांतल और मिश्रित आबादी वाला क्षेत्र रुड़की रोड और डोरली क्षेत्र में भाजपा ने परचम लहराया। अब्दुल्लापुर में जहां पूर्व में बसपा को वोट मिलते थे वहां गठबंधन को 2857 प्राप्त हुए। भाजपा को 1,661 मत और बसपा को 2429 मत मिले। बागपत रोड, शिवाजी रोड, गंगानगर क्षेत्र में एकतरफा कमल खिला।
डोरली के 13 बूथों पर 5805 वोटों में भाजपा को 3793 मत मिले। इस क्षेत्र में 70 फीसदी आबादी दलितों की हैं। बसपा के अमित शर्मा को 11,074 मतों में संतोष करना पड़ा। गठबंधन को यहां मात्र 540 ही मत प्राप्त हुए। कंकरखेड़ा में जिन मोहल्लों में मुख्यमंत्री ने रैली की वहां 7,055 वोटों में से भाजपा को 3,858 और बसपा को 1680 मत मिले। इस क्षेत्र में पहली बार गठबंधन ने भी 1287 मत प्राप्त किए। कंकरखेड़ा के बूथ ज्ञानदीप शिवलोकपुरी में बसपा ने 507 मतों में 300 मत मिले।
सात गांव में भी भाजपा आगे
दायमपुर में चुनाव बहिष्कार के कारण बहुत ही कम मतदान हुआ। यहां बसपा को 66 मत और भाजपा को 44 मत मिले। गठबंधन का यहां खाता नहीं खुला। शोभापुर में दो बूथों पर बसपा को सर्वाधिक 1273 मत मिले। खड़ौली, रामपुर वाटवी, पठानपुरा, शोभापुर में अमित अग्रवाल को 4723 मत, अमित शर्मा को 2457 मत और मनीषा को 1780 मत मिले।
लालकुर्ती में कड़ी रही टक्कर
तोपखाना और लालकुर्ती क्षेत्र में 6416 मतों में भाजपा को 3,540 और गठबंधन को 2510 मत प्राप्त हुए। मवाना रोड के बूथ 372 पर गठबंधन को 212 और भाजपा को 84 मत मिले। स्पोर्ट्स स्टेडियम, हावर्ड प्लास्टेड क्षेत्र में 5420 मतों में भाजपा को 3995 मिले।
रोहटा रोड पर दूसरे स्थान पर रही बसपा
सरस्वती विहार और औरंगशाहपुर में सभी बूथों पर भाजपा पहले नंबर पर रही। औरंगशाहपुर के एक बूथ पर 724 मतों में बसपा को 301 मत, भाजपा को 252 और गठबंधन को 148 मत मिले। रोहटा रोड क्षेत्र में 7442 मतों में 4469 मत प्राप्त कर भाजपा प्रथम स्थान पर रही। बसपा को 1632 वोट मिले।
भाजपा के गढ़ सदर में गठबंधन को मिले खूब मत
भाजपा का गढ़ माना जाने वाले सदर क्षेत्र में भी गठबंधन को अच्छे मत मिले। सदर सीएबी स्कूल के बूथ नंबर 267 में गंज बाजार और बंगला क्षेत्र से गठबंधन को 480 मत और अमित अग्रवाल को 156 मत मिले। बूथ नंबर 269 बूथ बंगला क्षेत्र में गठबंधन को 309 मत और अमित को 18 मत मिले। बूथ नंबर 269 में गठबंधन को 163 मत और अग्रवाल 139 मत मिले। सदर टंकी मोहल्ला, दुर्गाबाड़ी, सदर कबाड़ी बाजार से भी गठबंधन को 1776 मत प्राप्त हुए। चर्च स्ट्रीट क्षेत्र में भी जहां भाजपा ने 3492 मत को गठबंधन को 1876 मत मिले।