तैयारी: अब खेल विश्वविद्यालय और गंगा एक्सप्रेसवे भरेंगे रफ्तार, 2024 से पहले विकास के बड़े प्रोजेक्ट पूरे करने की है योजना
चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेरठ आकर प्रदेश के पहले मेजर ध्यानचंद खेल विवि की नींव रखी थी। खेल विवि के डिजाइन को अब कैबिनेट की बैठक में रखकर आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।
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मेरठ एक बार फिर प्रदेश में भाजपा की सरकार आने के बाद विकास के प्रोजेक्ट तेज गति से रफ्तार भरेंगे। इसके लिए विधानसभा चुनावों से पहले ही तैयारी कर ली गई थी। इसमें मेरठ से प्रयागराज तक जाने वाले 594 किमी का गंगा एक्सप्रेसवे, सरधना में खेल विवि और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के पांचवें चरण (हापुड़ रोड से शुरू होकर) के निर्माण शुरू होने का इंतजार रहेगा।
योगी सरकार के शपथ ग्रहण कार्यक्रम होने के बाद प्रोजेक्ट की गति के लिए बैठकों का दौर शुरू होगा। 2024 में होने वाले लोकसभा चुनावों से पहले भाजपा इन प्रोजेक्टों का तोहफा देने के लिए तैयारी करेगी।
चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेरठ आकर प्रदेश के पहले मेजर ध्यानचंद खेल विवि की नींव रखी थी। सरधना विधानसभा के सलावा में बनाए जाने वाले खेल विवि के लिए डीडीएफ कंसल्टेंट को डिजाइन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। आचार संहिता लगने के बाद एक भी प्रक्रिया विवि के लिए शुरू नहीं हो सकी। खेल विवि के डिजाइन को अब कैबिनेट की बैठक में रखकर आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।
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गंगा एक्सप्रेसवे
इस एक्सप्रेसवे को देश का सबसे लंबा बताया जा रहा है। इसके लिए चुनाव से पहले मेरठ के नौ गांवों में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। हापुड़ रोड स्थित बिजौली गांव से प्रोजेक्ट की शुरुआत की जानी है। इसके लिए 182 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण मेरठ में किया जाना है।
एक्सप्रेसवे के लिए मिट्टी के नमूने सहित बिजली के तारों को हटाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। अब प्रशासन को जल्द जमीन पर कब्जा लेकर कार्यदायी संस्था को देना होगा। इसके बाद गंगा एक्सप्रेसवे का कार्य शुरू होगा।
एक्सप्रेसवे का पांचवां चरण
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के पांचवें चरण हापुड़ रोड से शुरू होकर सीधा गाजियाबाद जाने के लिए एपीएस हाइड्रो कंपनी का चयन हो चुका है। आचार संहिता के कारण कार्य शुरू नहीं हो सका था। इसके लिए एनएचएआई ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। लोहियानगर कूड़ा डंपिंग ग्राउंड पर स्थान खाली कराने के बाद ही इस 14 किमी के निर्माण को शुरू कर दिया जाएगा। इस कार्य को भी दो वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य है।