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UP: मुजफ्फरनगर की आठ कॉलोनियों के 20 हजार परिवारों पर संकट, सीएम के सामने उठा मामला, रिपोर्ट तलब
Mon, 13 Apr 2026 08:30 PM IST
Mohd Mustakim
अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर
अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर
Published by: Mohd Mustakim
Updated Mon, 13 Apr 2026 08:30 PM IST
सार
Muzaffarnagar News: प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को मुजफ्फरनगर में जनसभा की। इस दौरान चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने सीएम को बताया कि 2019 में शत्रु संपत्ति घोषित किए जाने से इन कॉलोनियों के लोग परेशानी झेल रहे हैं।
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मुजफ्फरनगर में सीएम योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
शहर की आठ प्रमुख आवासीय कॉलोनियों को शत्रु संपत्ति घोषित किए जाने से 20 हजार से अधिक परिवार संकट झेल रहे हैं। चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरुप ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मांगपत्र देकर समस्या से राहत मांगी है। मुख्यमंत्री ने डीएम उमेश मिश्रा से इस मामले में रिपोर्ट मांगी है।
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वर्ष 2019 में नई मंडी, गांधी कॉलोनी, द्वारिकापुरी, पटेलनगर, आदर्श कॉलोनी, साकेत, लाला दीपचंद कॉलोनी और शिवपुरी जैसी कॉलोनियों को शत्रु संपत्ति घोषित किया गया था। इस निर्णय के बाद से इन क्षेत्रों में संपत्तियों की खरीद-बिक्री और बैंक ऋण पर पूरी तरह रोक लगी हुई है। लगभग 570 बीघा भूमि से जुड़ा यह विवाद सात वर्षों से जारी है। मीनाक्षी स्वरुप ने बताया कि इससे हजारों परिवारों को आर्थिक, सामाजिक और मानसिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
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वर्ष 1950 में न्यायालय के आदेश के बाद लाला दीपचंद को इसका वैध स्वामित्व प्राप्त हुआ था। इसके बाद यहां विधिवत रूप से कॉलोनियों का विकास हुआ। वर्ष 2017 में प्रशासन ने भूमि को शत्रु संपत्ति प्रतीत होने का नोटिस जारी किया, और वर्ष 2019 में एक शिकायत के आधार पर जांच शुरू हुई, जिसके बाद प्रतिबंध लगा दिया गया। मीनाक्षी स्वरुप ने उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच के साथ-साथ अंतिम निर्णय होने तक संपत्ति के क्रय-विक्रय पर लगे प्रतिबंध को तत्काल हटाने की मांग की है।