सीबीएसई के स्कूलों को टक्कर देने की तैयारी, यूपी बोर्ड के स्कूलों में चलेंगी स्मार्ट क्लासेज
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दरअसल, सीबीएसई स्कूलों को टक्कर देने के लिए यूपी बोर्ड ने भी इस तरह की कवायद शुरू की है, जिसके तहत माध्यमिक शिक्षा विभाग एक स्कूल को मॉडल स्कूल में तब्दील करेगा। सफल होने पर बाद में इन्हें अन्य स्कूलों में लागू किया जाएगा।
मॉडल विद्यालय में विद्यार्थियों को आधुनिक और एडवांस तकनीक से शिक्षा मिलेगी। स्कूल में रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान और भौतिक विज्ञान व कंप्यूटर लैब तैयार की जाएगी। मॉडल स्कूल में पढ़ाई का स्तर पूरी तरह से गुणवत्तापरक हो इसके लिए भी खाली पदों को भी भरा जाएगा।
मेरठ मंडल के अंर्तगत आने वाले छह जिलों, जिनमें मेरठ, बागपत, बुलंदशहर, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर और हापुड़ शामिल हैं, में यह विद्यालय बनाया जाएगा। अभी स्कूल का चयन होना बाकी है।
किताबी के साथ मिलेगा तकनीकी ज्ञान
मॉडल स्कूल में सभी सुविधाएं प्राइवेट या सीबीएसई स्कूलों की तरह ही होंगी। इस प्रोजेक्ट के तहत चयनित स्कूल में स्मार्ट क्लासेज शुरू की जाएगी। प्रोजेक्टर के जरिए छात्र-छात्राओं को किताबी ज्ञान केसाथ ही तकनीकी ज्ञान भी दिया जा सकेगा। इसके अलावा स्कूल में इलेक्ट्रॉनिक लाइब्रेरी भी तैयार की जाएगी। इससे विद्यार्थियों को लाइब्रेरी में तरह तरह की किताबें पढ़ने का मौका भी मिल सकेगा।
ऑडिटोरियम भी किया जाएगा तैयार
सीबीएसई की तरह मॉडल स्कूल में नई बिल्डिंग का निर्माण किया जाएगा। विद्यालय में ऑडिटोरियम भी तैयार किया जाएगा। खेलने के लिए ग्राउंड होगा तो फर्नीचर भी अच्छा रखा जाएगा, अमूमन यूपी बोर्ड के विद्यालयों में खराब फर्नीचर रहता है।
विद्यालयों से मांगा जा रहा ब्योरा
यूपी बोर्ड के विद्यालयों में मॉडल विद्यालय बनाए जाने की कवायद चल रही है। इस संबंध में निर्देश प्राप्त हुए हैं। संयुक्त शिक्षा निदेशक स्तर से इसका चयन किया जाएगा। विद्यालयों से इस संबंध में ब्योरा मांगा गया है। - गिरजेश कुमार चौधरी, जिला विद्यालय निरीक्षक