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शहर के बाजारों में अघोषित कर्फ्यू जैसे हालात
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बाजारों में पसरा सन्नाटा, व्यापारियों की चिंता बढ़ी
प्रतिदिन दस करोड़ से अधिक का घाटा उठा रहे व्यापारी
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। कोरोना वायरस के संक्रमण का भय लोगों के दिलों दिमाग पर इस कदर हावी है कि लोग अब घरों से बाहर निकलने से भी कतरा रहे हैं। शहर की सड़कों पर शुक्रवार को इसका असर देखने को मिला। ऐसे में शहर के व्यापारी प्रतिदिन दस करोड़ से अधिक का घाटा उठा रहे हैं। पान एवं चाय की दुकानाें पर भी भीड़ न के बराबर है। दोपहर में भीड़ वाले इलाकों में सन्नाटा पसरा रहा। आबूलेन, सदर, सेंट्रल मार्केट में अघोषित कर्फ्यू जैसे हालात दोपहर बाद तक बने रहे हैं।
कोरोना के संक्रमण से सुरक्षा के दृष्टिगत शहर के स्कूल, कॉलेज और अन्य प्राइवेट संस्थान 31 मार्च तक बंद हैं। देश में पहली बार किसी बीमारी के कारण इतनी चिंता लोगों में देखने को मिल रही है। लोग स्वयं ही अब सावधानी बरत रहे हैं। हालांकि अघोषित कर्फ्यू जैसे हालात में व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। रेडीमेड गारर्मेंट्स, जूते, कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल में नो सेल है। शहर में सदर चौक बाजार जैसे क्षेत्र में आराम से गाड़ियां निकल रही हैं। इस मार्केट में आम दिनों में दुपहिया वाहनों से निकलना भी मुश्किल होता था। व्यापारियों को ऐसे में नुकसान उठाना पड़ रहा है। सदर बाजार व्यापार संघ के अध्यक्ष सुनील दुआ और महामंत्री अमित बंसल ने बताया कि चौक बाजार में ज्यादातर व्यापारियों की दुकानें किराए पर हैं। होली से पूर्व ही कोरोना के डर के चलते बाजार में मंदी थी। पूरे मार्च में जो लोग दस लाख से अधिक का कारोबार कर लेते थे। इस बार आंकड़ा एक लाख भी नहीं छू पाया है। इससे व्यापारियों को दुकान का किराया एवं कर्मचारियों का वेतन देना भी मुश्किल हो गया है। कई व्यापारियों ने अपने कर्मचारियों को हाफ सैलरी पर घर में रहने की हिदायत दी है।
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प्रतिदिन दस करोड़ से अधिक का घाटा उठा रहे व्यापारी
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। कोरोना वायरस के संक्रमण का भय लोगों के दिलों दिमाग पर इस कदर हावी है कि लोग अब घरों से बाहर निकलने से भी कतरा रहे हैं। शहर की सड़कों पर शुक्रवार को इसका असर देखने को मिला। ऐसे में शहर के व्यापारी प्रतिदिन दस करोड़ से अधिक का घाटा उठा रहे हैं। पान एवं चाय की दुकानाें पर भी भीड़ न के बराबर है। दोपहर में भीड़ वाले इलाकों में सन्नाटा पसरा रहा। आबूलेन, सदर, सेंट्रल मार्केट में अघोषित कर्फ्यू जैसे हालात दोपहर बाद तक बने रहे हैं।
कोरोना के संक्रमण से सुरक्षा के दृष्टिगत शहर के स्कूल, कॉलेज और अन्य प्राइवेट संस्थान 31 मार्च तक बंद हैं। देश में पहली बार किसी बीमारी के कारण इतनी चिंता लोगों में देखने को मिल रही है। लोग स्वयं ही अब सावधानी बरत रहे हैं। हालांकि अघोषित कर्फ्यू जैसे हालात में व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। रेडीमेड गारर्मेंट्स, जूते, कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल में नो सेल है। शहर में सदर चौक बाजार जैसे क्षेत्र में आराम से गाड़ियां निकल रही हैं। इस मार्केट में आम दिनों में दुपहिया वाहनों से निकलना भी मुश्किल होता था। व्यापारियों को ऐसे में नुकसान उठाना पड़ रहा है। सदर बाजार व्यापार संघ के अध्यक्ष सुनील दुआ और महामंत्री अमित बंसल ने बताया कि चौक बाजार में ज्यादातर व्यापारियों की दुकानें किराए पर हैं। होली से पूर्व ही कोरोना के डर के चलते बाजार में मंदी थी। पूरे मार्च में जो लोग दस लाख से अधिक का कारोबार कर लेते थे। इस बार आंकड़ा एक लाख भी नहीं छू पाया है। इससे व्यापारियों को दुकान का किराया एवं कर्मचारियों का वेतन देना भी मुश्किल हो गया है। कई व्यापारियों ने अपने कर्मचारियों को हाफ सैलरी पर घर में रहने की हिदायत दी है।
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