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UP: 36,000 करोड़ से तैयार हुआ यूपी का सबसे लंबा एक्सप्रेस वे, 6 घंटे में मेरठ से प्रयागराज; इतना देना होगा टोल

Sun, 19 Apr 2026 10:35 AM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ Published by: Sharukh Khan Updated Sun, 19 Apr 2026 10:35 AM IST
सार

उत्तर प्रदेश के बहुप्रतीक्षित गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण 29 अप्रैल को हरदोई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। मेरठ से प्रयागराज तक 594 किलोमीटर का सफर छह घंटे में तय हो जाएगा। एक्सप्रेस वे पर निजी कारों से जाने वालों को 1515 रुपये और कॉमर्शियल भारी वाहनों को 2405 से 9535 रुपये तक एक ओर से टोल टैक्स देना होगा।

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travel from Meerut to Prayagraj in six hours by private car Via the Ganga Expressway with toll charge of ₹1515
ganga expressway - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

मेरठ से प्रयागराज तक 36,000 करोड़ रुपये की लागत से तैयार गंगा एक्सप्रेसवे की सौगात अब जनता को मिलने जा रही है। मेरठ से प्रयागराज तक 594 किलोमीटर का सफर जहां छह घंटे में तय हो जाएगा। वहीं, वाहनों से वसूला जाने वाला टोल टैक्स भी कम नहीं है।
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निजी कारों से जाने वालों को 1515 रुपये और कॉमर्शियल भारी वाहनों को 2405 से 9535 रुपये तक एक ओर से टोल टैक्स देना होगा। वसूली के लिए 14 स्थानों पर टोल टैक्स बनाए गए हैं। इनमें मेरठ और प्रयागराज में मुख्य दो टोल प्लाजा शामिल हैं। बाकी 12 टोल प्लाजा उन स्थानों पर लगे हैं, जहां से लोग एक्सप्रेसवे पर चढ़ेंगे।
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पर्यटन, रोजगार और व्यापार के लिए वरदान होगा एक्सप्रेसवे
गंगा एक्सप्रेसवे पर्यटन, रोजगार और व्यापार के लिए वरदान साबित होगा। मेरठ समेत दिल्ली एनसीआर के जो लोग पूर्वी उप्र जाते हैं या जाना चाहते हैं तो उनके लिए सबसे अधिक मुफीद साबित होगा। इस एक्सप्रेस से गुजरते समय पर्यटन जैसा अनुभव होगा। ये एक्सप्रेसवे 140 से अधिक जल स्रोतों के ऊपर से गुजर रहा है। नजारा कुछ अलग ही होगा।
 
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टोल पर वाहनों की नहीं लगेगी लाइन
गंगा एक्सप्रेसवे पर टोल व्यवस्था भी आधुनिक रहेगी। यहां से गुजरने वाले वाहनों को टोल पर रुकना नहीं पड़ेगा। सेंसर के माध्यम से वाहनों से टोल वसूली होगी। बैरियर का इस्तेमाल नहीं होगा जबकि अन्य हाईवे के टोल प्लाजा पर बैरियर डालकर वाहनों को रोका जाता है। टोल कटने के बाद ही बैरियर उठते हैं तो वाहन आगे बढ़ते हैं। इस कारण हाईवे पर आए दिन जाम लगता रहता है।

 
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गंगा एक्सप्रेसवे पर नहीं दौड़ेंगे दोपहिया वाहन
दुर्घटनाओं को कम करने के लिए यूपीडा ने गंगा एक्सप्रेसवे पर दो पहियों वाहनों को दौड़ने की अनुमति नहीं दी है। अगर कोई व्यक्ति दो पहिया वाहनों के साथ एक्सप्रेसवे पर पकड़ा जाएगा तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ जुर्माना भी लगाया जाएगा।
 

वाहन टोल दरें प्रति किमी एक तरफ से अनुमानित टोल
 
क्र.सं. वाहन का प्रकार प्रति किलोमीटर रेट (₹) अधिकतम टोल रेट (₹)
1 कार, जीप, वैन या हल्के वाहन 2.55 1,515
2 हलके कॉमर्शियल वाहन (मिनी बस) 4.05 2,405
3 बस, ट्रक व अन्य भारी वाहन 8.15 4,840
4 भारी मशीनरी 12.55 7,455
5 सात एक्सल वाले भारी वाहन 16.05 9,535

प्रधानमंत्री 29 को हरदोई में करेंगे गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण
उत्तर प्रदेश के बहुप्रतीक्षित गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण 29 अप्रैल को हरदोई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। वर्ष 2020 में इस परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया गया और रिकॉर्ड समय में इसे तैयार किया गया। 

 

गंगा एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 594 किलोमीटर है, जो मेरठ के बिजौली गांव से शुरू होकर प्रयागराज के जुडापुर दांदू गांव के पास समाप्त होगा। यह मार्ग पश्चिमी उत्तर प्रदेश को सीधे पूर्वी हिस्से से जोड़ते हुए प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक ताने-बाने को मजबूत करेगा।

 

इस एक्सप्रेसवे से मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, सम्भल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज जैसे 12 प्रमुख जिलों को सीधा लाभ मिलेगा। इन जिलों के 519 गांव इस परियोजना से जुड़े हैं, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी।
 

देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क में उप्र की हिस्सेदारी हो जाएगी 60 प्रतिशत
वर्तमान में देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी लगभग 55 प्रतिशत है। गंगा एक्सप्रेसवे के लोकार्पण के साथ यह हिस्सेदारी बढ़कर करीब 60 प्रतिशत हो जाएगी। बेहतर कनेक्टिविटी के चलते लॉजिस्टिक्स की लागत कम होगी, जिससे उद्योगों और व्यापार को बड़ा लाभ मिलेगा। यह एक्सप्रेसवे नए औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में विकसित होकर निवेश आकर्षित करेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करेगा।
 

किसानों हो होगा लाभ
गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण के बाद प्रदेश के किसानों के कृषि उत्पाद तेजी से बाजार तक पहुंच सकेंगे, जिससे उनकी गुणवत्ता और कीमत बेहतर होगी। जल्दी खराब होने वाले कृषि उत्पादों की सप्लाई चेन मजबूत होने से किसानों की आय में भी वृद्धि होगी। प्रयागराज सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों तक पहुंच आसान होने से पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
 
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