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Meerut News: व्यापारी बोले बाजार टूटना तो दूर एक ईंट भी नहीं हिलने देंगे
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अमर उजाला...सेंट्रल मार्केट में आयोजित सभा के दौरान बंद रही दुकानें।
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सेंट्रल मार्केट में आयोजित आम सभा में व्यापारियों का आक्रोश चरम पर दिखाई दिया। व्यापारियों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि बाजार की किसी भी दुकान को टूटने नहीं दिया जाएगा। दुकान टूटना तो दूर प्रशासन को एक ईंट भी नहीं हिलने दी जाएगी।
सभा के दौरान विपुल सिंघल ने आगामी 22 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेरठ आगमन पर अपनी बात उन तक पहुंचाने के लिए सेंट्रल मार्केट सहित पूरे मेरठ को बंद रखने का प्रस्ताव रखा जिसे तमाम व्यापारियों का भारी समर्थन मिला। इसी बीच अलका मखीजा द्वारा प्रधानमंत्री पर की गई एक टिप्पणी से वहां मौजूद भाजपा नेता असहज हो गए। पूर्व पार्षद और व्यापारी नेता सतीश गर्ग ने व्यापारियों से हौसला बनाए रखने और जोश में आकर निर्णय न लेने की अपील की जिस पर अलका मखीजा आक्रोशित हो गईं। हालांकि बाद में समझा-बुझाकर मामले को शांत कराया गया।
शहर को कब्रिस्तान बनाना चाहते हैं कुछ लोग
पूर्व पार्षद वीरेंद्र शर्मा बिल्लू ने तीखे तेवर अपनाते हुए कहा कि शहर में चार-पांच लोग बीमार मानसिकता के हैं जिनका इलाज जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकेश खुराना सेंट्रल मार्केट और मनोज चौधरी पुराने शहर को लेकर आरटीआई डाल देते हैं। उन्होंने कहा कि ये लोग शहर को कब्रिस्तान बनाने पर तुले हुए हैं। सभा में काफी संख्या में व्यापारी ट्रैक्टरों पर सवार होकर पहुंचे जहां यह अंधा कानून है... गाना बजाकर विरोध दर्ज कराया गया।
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विपक्ष का मिला साथ और कानूनी लड़ाई का आह्वान
कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष रंजन शर्मा और पूर्व जिलाध्यक्ष अवनीश काजला ने भी सभा में शिरकत की और पार्टी की ओर से व्यापारियों को पूर्ण समर्थन देने का एलान किया। मंच संचालन करते हुए पूर्व पार्षद नरेंद्र राष्ट्रवादी ने एकजुटता पर बल देते हुए कहा कि हक के लिए खुद आगे आना होगा। व्यापारी नेता डॉ. संजीव एडवोकेट ने मामले की विधिक स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि यह केवल सेंट्रल मार्केट नहीं बल्कि पूरे मेरठ और देश की समस्या है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश व्यापक प्रभाव वाला है।
छह हजार रोज का किराया है, कैसे बंद कर दें
सेंट्रल मार्केट में जहां एक ओर अनिश्चितकालीन बाजार बंद की घोषणा की जा रही थी वहीं दूसरी ओर सभा स्थल के सामने स्थित व्यावसायिक भूखंड पर बने कॉम्प्लेक्स में दुकानें खुलने लगीं। इसे लेकर व्यापारी आमने-सामने आ गए। दुकान खोलने वाले व्यापारियों ने स्पष्ट कहा छह हजार रुपये रोज का किराया है हम काम कैसे बंद कर दें? इस बात पर काफी देर तक माहौल गरमाया रहा और शाम होते-होते बाजार की कुछ अन्य दुकानें भी खुल गईं।
इनकी रही मौजूदगी
सभा में विकास गिरधर, लल्लू मक्कड़, सुधीर रस्तोगी, कमल ठाकुर, नवीन अरोड़ा, विजय त्यागी, विष्णुदत्त पाराशर, संजीव रस्तोगी, राहुल मलिक और अशोक तिवारी ने अपने विचार रखे। इस दौरान अंकुर गोयल, ललित अमूल, आलोक रस्तोगी, धनंजय कालिया, अंकित मन्नू, अनुज वशिष्ठ, अशोक रस्तोगी, हैंडलूम व्यापार संघ से नीलकमल रस्तोगी, राहुल जैन, अंबुज जैन, किशन कुमार गुप्ता और गुरदीप सिंह कालरा समेत भारी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे।
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सभा के दौरान विपुल सिंघल ने आगामी 22 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेरठ आगमन पर अपनी बात उन तक पहुंचाने के लिए सेंट्रल मार्केट सहित पूरे मेरठ को बंद रखने का प्रस्ताव रखा जिसे तमाम व्यापारियों का भारी समर्थन मिला। इसी बीच अलका मखीजा द्वारा प्रधानमंत्री पर की गई एक टिप्पणी से वहां मौजूद भाजपा नेता असहज हो गए। पूर्व पार्षद और व्यापारी नेता सतीश गर्ग ने व्यापारियों से हौसला बनाए रखने और जोश में आकर निर्णय न लेने की अपील की जिस पर अलका मखीजा आक्रोशित हो गईं। हालांकि बाद में समझा-बुझाकर मामले को शांत कराया गया।
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शहर को कब्रिस्तान बनाना चाहते हैं कुछ लोग
पूर्व पार्षद वीरेंद्र शर्मा बिल्लू ने तीखे तेवर अपनाते हुए कहा कि शहर में चार-पांच लोग बीमार मानसिकता के हैं जिनका इलाज जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकेश खुराना सेंट्रल मार्केट और मनोज चौधरी पुराने शहर को लेकर आरटीआई डाल देते हैं। उन्होंने कहा कि ये लोग शहर को कब्रिस्तान बनाने पर तुले हुए हैं। सभा में काफी संख्या में व्यापारी ट्रैक्टरों पर सवार होकर पहुंचे जहां यह अंधा कानून है... गाना बजाकर विरोध दर्ज कराया गया।
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विपक्ष का मिला साथ और कानूनी लड़ाई का आह्वान
कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष रंजन शर्मा और पूर्व जिलाध्यक्ष अवनीश काजला ने भी सभा में शिरकत की और पार्टी की ओर से व्यापारियों को पूर्ण समर्थन देने का एलान किया। मंच संचालन करते हुए पूर्व पार्षद नरेंद्र राष्ट्रवादी ने एकजुटता पर बल देते हुए कहा कि हक के लिए खुद आगे आना होगा। व्यापारी नेता डॉ. संजीव एडवोकेट ने मामले की विधिक स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि यह केवल सेंट्रल मार्केट नहीं बल्कि पूरे मेरठ और देश की समस्या है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश व्यापक प्रभाव वाला है।
छह हजार रोज का किराया है, कैसे बंद कर दें
सेंट्रल मार्केट में जहां एक ओर अनिश्चितकालीन बाजार बंद की घोषणा की जा रही थी वहीं दूसरी ओर सभा स्थल के सामने स्थित व्यावसायिक भूखंड पर बने कॉम्प्लेक्स में दुकानें खुलने लगीं। इसे लेकर व्यापारी आमने-सामने आ गए। दुकान खोलने वाले व्यापारियों ने स्पष्ट कहा छह हजार रुपये रोज का किराया है हम काम कैसे बंद कर दें? इस बात पर काफी देर तक माहौल गरमाया रहा और शाम होते-होते बाजार की कुछ अन्य दुकानें भी खुल गईं।
इनकी रही मौजूदगी
सभा में विकास गिरधर, लल्लू मक्कड़, सुधीर रस्तोगी, कमल ठाकुर, नवीन अरोड़ा, विजय त्यागी, विष्णुदत्त पाराशर, संजीव रस्तोगी, राहुल मलिक और अशोक तिवारी ने अपने विचार रखे। इस दौरान अंकुर गोयल, ललित अमूल, आलोक रस्तोगी, धनंजय कालिया, अंकित मन्नू, अनुज वशिष्ठ, अशोक रस्तोगी, हैंडलूम व्यापार संघ से नीलकमल रस्तोगी, राहुल जैन, अंबुज जैन, किशन कुमार गुप्ता और गुरदीप सिंह कालरा समेत भारी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे।