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दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस वे : मेरठ आने के लिए पांच दिन बिग बाइट से लेना होगा यू-टर्न
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मेरठ। परतापुर तिराहे के पास दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे के लिए इंटरचेंज का कार्य गति पकड़ने लगा है। एनएच-58 की तरफ सर्विस रोड बनाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। रविवार को एनएचएआइ ने वाटर पार्क के सामने वैकल्पिक कट को बंद कर दिया गया था। जिससे दिल्ली की तरफ से मेरठ की तरफ आने वाले वाहनों को बिग बाइट होटल के सामने से यू-टर्न लेकर आना होगा। यह व्यवस्था पांच दिन तक लागू रहेगी।
परतापुर तिराहे के पास इंटरचेंज बनाए जाने का कार्य चल रहा है। तिराहे के पास एक अंडरपास तैयार किया जा चुका है। वहीं, दूसरे अंडरपास के लिए सरिये बिछाने का कार्य जारी है। इंजीनियरों के मुताबिक दिल्ली की तरफ अभी एक और अंडरपास बनाया जाना है। परतापुर तिराहे के पास छह इंटरचेंज बनाए जाने हैं। जिससे दिल्ली, हरिद्वार, मेरठ, एक्सप्रेस-वे से आने वाले वाहन इन इंटरचेंज की सहायता से एक स्थान से दूसरे स्थान पर आसानी से जा सकें।
पांच ही दिन में खुल जाएगा अंडरपास
परतापुर तिराहे पर बना अंडरपास यातायात के लिए पांच दिन में सर्विस रोड बनते ही खोल दिया जाएगा। पांच दिन बाद मेरठ सिटी से देहरादून जाने वाले यातायात को रजवाहे से टर्न न होकर अंडरपास के अंदर से निकलना होगा।
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दीवाली के बाद होगा डायवर्जन
वहीं, परतापुर तिराहे से 100 मीटर आगे सड़क के दोनों ओर हो रहे निर्माण में ओवरब्रिज पर गाटर रखने का कार्य किया जाएगा। इसके लिए दिल्ली रोड का ट्रैफिक डायवर्जन होगा। यह व्यवस्था दीवाली बाद की जाएगी। इस ट्रैफिक को एक्सप्रेस-वे की सर्विस रोड से गुजारकर सीधे परतापुर फ्लाइओवर पर लाया जाएगा। इसके लिए बनाए गए फ्लाइओवर के पिलर के नीचे मिट्टी को समतल करने का कार्य किया जा रहा है। जिससे डायवर्जन के दौरान वाहनों को आसानी से गुजारा जा सके।
एनजीटी लगा सकता है कार्य पर रोक
पिछले वर्ष की तरह इस बार भी एनजीटी के आदेशों का डर एनएचएआइ को सता रहा है। एक से 15 नवंबर के बीच एनजीटी की तरफ से बड़ी मशीनों को चलाने, डस्ट और मिट्टी का उपयोग न करने पर रोक लग सकती है। जिससे कार्य में ओर देरी संभव हैं। हालांकि, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे की निर्माणकर्ता कंपनी जीआर इंफ्रा के इंजीनियरों का कहना है कि अभी ऐसा कोई आदेश नहीं आया है। बता दें, हरियाणा राज्य में किसानों द्वारा पराली जलाए जाने से फैले प्रदूषण की वजह से एनजीटी ने एनसीआर में बड़े प्रोजेक्ट निर्माण पर रोक लगा दी गई थी।
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परतापुर तिराहे के पास इंटरचेंज बनाए जाने का कार्य चल रहा है। तिराहे के पास एक अंडरपास तैयार किया जा चुका है। वहीं, दूसरे अंडरपास के लिए सरिये बिछाने का कार्य जारी है। इंजीनियरों के मुताबिक दिल्ली की तरफ अभी एक और अंडरपास बनाया जाना है। परतापुर तिराहे के पास छह इंटरचेंज बनाए जाने हैं। जिससे दिल्ली, हरिद्वार, मेरठ, एक्सप्रेस-वे से आने वाले वाहन इन इंटरचेंज की सहायता से एक स्थान से दूसरे स्थान पर आसानी से जा सकें।
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पांच ही दिन में खुल जाएगा अंडरपास
परतापुर तिराहे पर बना अंडरपास यातायात के लिए पांच दिन में सर्विस रोड बनते ही खोल दिया जाएगा। पांच दिन बाद मेरठ सिटी से देहरादून जाने वाले यातायात को रजवाहे से टर्न न होकर अंडरपास के अंदर से निकलना होगा।
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दीवाली के बाद होगा डायवर्जन
वहीं, परतापुर तिराहे से 100 मीटर आगे सड़क के दोनों ओर हो रहे निर्माण में ओवरब्रिज पर गाटर रखने का कार्य किया जाएगा। इसके लिए दिल्ली रोड का ट्रैफिक डायवर्जन होगा। यह व्यवस्था दीवाली बाद की जाएगी। इस ट्रैफिक को एक्सप्रेस-वे की सर्विस रोड से गुजारकर सीधे परतापुर फ्लाइओवर पर लाया जाएगा। इसके लिए बनाए गए फ्लाइओवर के पिलर के नीचे मिट्टी को समतल करने का कार्य किया जा रहा है। जिससे डायवर्जन के दौरान वाहनों को आसानी से गुजारा जा सके।
एनजीटी लगा सकता है कार्य पर रोक
पिछले वर्ष की तरह इस बार भी एनजीटी के आदेशों का डर एनएचएआइ को सता रहा है। एक से 15 नवंबर के बीच एनजीटी की तरफ से बड़ी मशीनों को चलाने, डस्ट और मिट्टी का उपयोग न करने पर रोक लग सकती है। जिससे कार्य में ओर देरी संभव हैं। हालांकि, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे की निर्माणकर्ता कंपनी जीआर इंफ्रा के इंजीनियरों का कहना है कि अभी ऐसा कोई आदेश नहीं आया है। बता दें, हरियाणा राज्य में किसानों द्वारा पराली जलाए जाने से फैले प्रदूषण की वजह से एनजीटी ने एनसीआर में बड़े प्रोजेक्ट निर्माण पर रोक लगा दी गई थी।