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Meerut News: मवाना में दो दिन से सुबह से शाम तक लग रहा मुख्य मार्ग पर जाम
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मवाना। मंगलवार को दूसरे दिन भी मुख्य मार्ग पर जाम के भयंकर हालात रहे। हस्तिनापुर रोड पर पक्का तालाब तक तथा मेरठ रोड पर बड़ा महादेव मंदिर तक जाम के कारण वाहनों की लाइन लगी रही। जाम खुलवाने में पुलिसकर्मी लगे रहे।
सोमवार को सुबह 11 बजे से अपराह्न 2:00 बजे तक नगर के मुख्य मार्ग पर जाम की स्थिति बनी रही। इसके पीछे माना जा रहा था कि बोर्ड परीक्षा के चलते उक्त हालात पैदा हुए। लेकिन मंगलवार को बोर्ड परीक्षा भी नहीं थी। इसके बावजूद सुबह 11 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक मुख्य मार्ग पर जाम की स्थिति बनी रही। दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लगी थी। वाहन रेंग-रेंगकर चल रहे थे। जाम खुलवाने के लिए बस स्टैंड पुलिस चौकी, सुभाष चौक, फलावदा चौराहे पर पुलिस लगी थी। इसके बावजूद पुलिस को कई घंटे जाम खुलवाने में लग गए।
जाम का मुख्य कारण ई-रिक्शा की बाढ़, सड़क किनारे को लोगों द्वारा पार्किंग के रूप में इस्तेमाल किया जाना, साथ ही ठेली आदि खड़ी होना, बड़े वाहनों का टोल बचाने के प्रयास में बाईपास से न जाकर नगर के मध्य से गुजरना, गन्ने लदे वाहनों का दिन में ही आवागमन है। लेकिन इस ओर पुलिस प्रशासन ध्यान देने को तैयार नहीं है। 11 फरवरी को पुलिस, तहसील प्रशासन और नगर पालिका के संयुक्त तत्वावधान में अस्थाई अतिक्रमण को हटाने के लिए अभियान चलाया था, जो एक दिन ही चलकर रह गया। उसके बाद अभियान नहीं चलने से लोग बेखौफ होकर सड़क के फुटपाथ पर आड़े तिरछे वाहनों को खड़ा कर खरीदारी करने के लिए चले जाते हैं। यदि पुलिस प्रशासन व नगर पालिका द्वारा निरंतर अभियान चलाकर अतिक्रमण करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। ई रिक्शाओं की बाढ पर नियंत्रण किया जाए तो काफी हद तक लोगों को जाम से निजात मिल सकती है।
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सोमवार को सुबह 11 बजे से अपराह्न 2:00 बजे तक नगर के मुख्य मार्ग पर जाम की स्थिति बनी रही। इसके पीछे माना जा रहा था कि बोर्ड परीक्षा के चलते उक्त हालात पैदा हुए। लेकिन मंगलवार को बोर्ड परीक्षा भी नहीं थी। इसके बावजूद सुबह 11 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक मुख्य मार्ग पर जाम की स्थिति बनी रही। दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लगी थी। वाहन रेंग-रेंगकर चल रहे थे। जाम खुलवाने के लिए बस स्टैंड पुलिस चौकी, सुभाष चौक, फलावदा चौराहे पर पुलिस लगी थी। इसके बावजूद पुलिस को कई घंटे जाम खुलवाने में लग गए।
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जाम का मुख्य कारण ई-रिक्शा की बाढ़, सड़क किनारे को लोगों द्वारा पार्किंग के रूप में इस्तेमाल किया जाना, साथ ही ठेली आदि खड़ी होना, बड़े वाहनों का टोल बचाने के प्रयास में बाईपास से न जाकर नगर के मध्य से गुजरना, गन्ने लदे वाहनों का दिन में ही आवागमन है। लेकिन इस ओर पुलिस प्रशासन ध्यान देने को तैयार नहीं है। 11 फरवरी को पुलिस, तहसील प्रशासन और नगर पालिका के संयुक्त तत्वावधान में अस्थाई अतिक्रमण को हटाने के लिए अभियान चलाया था, जो एक दिन ही चलकर रह गया। उसके बाद अभियान नहीं चलने से लोग बेखौफ होकर सड़क के फुटपाथ पर आड़े तिरछे वाहनों को खड़ा कर खरीदारी करने के लिए चले जाते हैं। यदि पुलिस प्रशासन व नगर पालिका द्वारा निरंतर अभियान चलाकर अतिक्रमण करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। ई रिक्शाओं की बाढ पर नियंत्रण किया जाए तो काफी हद तक लोगों को जाम से निजात मिल सकती है।
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