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मेरठ शहर में नजर आने लगा रैपिड रेल के पिलर का ढांचा
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मेरठ शहर में नजर आने लगा रैपिड रेल के पिलर का ढांचा
मेरठ। वर्ष-2023 तक सराय काले खां से शताब्दीनगर तक रैपिड रेल चलाने का दावा करने वाला राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम का वादा सच साबित होता नजर जा रहा है। शताब्दीनगर में रैपिड रेल के एलीवेटिड ट्रैक के लिए छह पिलर बनकर तैयार हो गए हैं। सभी जगह काम में भी तेजी दिखाई दे रही है। इससे पहले दुहाई से साहिबाबाद ट्रैक पर पिलर के साथ गार्डर की भी लॉचिंग हो चुकी है।
एनसीआरटीसी ने दुहाई से शताब्दीनगर तक एलीवेटिड ट्रैक बनाने का जिम्मा एलएंडटी कंपनी को सौंपा है। कंपनी के इंजीनियर और श्रमिक दिन-रात काम में जुटे हैं। इसके चलते मेरठ में भी रैपिड रेल के पिलर अब दिखाई देने लगे हैं। अधिकारियों के अनुसार, अगले तीन साल में दिल्ली का सफर महज 55 मिनट में तय हो सकेगा। इससे शहर की आर्थिक उन्नति भी होगी। मेरठ देशभर में परिवहन क्षेत्र में अपनी छाप छोड़ता दिखाई देगा।
मशीनों से स्ट्रक्चर को देंगे ठोस रूप
अत्याधुनिक मशीनों की मदद से खड़े किए पिलर को ठोस रूप दिया जाएगा। तीन पिलर का स्ट्रक्चर कुंडा गेट पर और तीन पिलर उद्योगपुरम के पास खड़े हो गए हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि रैपिड रेल का काम बिना ट्रैफिक व्यवधान के किया जा रहा है। एलएंडटी ने सड़क के बीचों-बीच काम शुरू किया है। वहीं, दोनों तरफ बैरिकेडिंग कर ट्रैफिक चल रहा है। रात के समय लाइटों से रास्ता दिखाया जा रहा है। वाहनों की गति को लेकर डिस्प्ले लगाए गए हैं।
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इंटरचेंज पर भी चल रहा काम
परतापुर इंटरचेंज पर भी रैपिड रेल का काम तेजी से किया जा रहा है। यहां एक्सप्रेस-वे के फ्लाईओवर के ऊपर से रैपिड रेल गुजारी जानी है। इसी को देखते हुए स्ट्रक्चर तैयार कर लिया गया है। रैपिड रेल के मेरठ साउथ स्टेशन को भी यहीं पर बनाया जाना है।
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मेरठ। वर्ष-2023 तक सराय काले खां से शताब्दीनगर तक रैपिड रेल चलाने का दावा करने वाला राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम का वादा सच साबित होता नजर जा रहा है। शताब्दीनगर में रैपिड रेल के एलीवेटिड ट्रैक के लिए छह पिलर बनकर तैयार हो गए हैं। सभी जगह काम में भी तेजी दिखाई दे रही है। इससे पहले दुहाई से साहिबाबाद ट्रैक पर पिलर के साथ गार्डर की भी लॉचिंग हो चुकी है।
एनसीआरटीसी ने दुहाई से शताब्दीनगर तक एलीवेटिड ट्रैक बनाने का जिम्मा एलएंडटी कंपनी को सौंपा है। कंपनी के इंजीनियर और श्रमिक दिन-रात काम में जुटे हैं। इसके चलते मेरठ में भी रैपिड रेल के पिलर अब दिखाई देने लगे हैं। अधिकारियों के अनुसार, अगले तीन साल में दिल्ली का सफर महज 55 मिनट में तय हो सकेगा। इससे शहर की आर्थिक उन्नति भी होगी। मेरठ देशभर में परिवहन क्षेत्र में अपनी छाप छोड़ता दिखाई देगा।
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मशीनों से स्ट्रक्चर को देंगे ठोस रूप
अत्याधुनिक मशीनों की मदद से खड़े किए पिलर को ठोस रूप दिया जाएगा। तीन पिलर का स्ट्रक्चर कुंडा गेट पर और तीन पिलर उद्योगपुरम के पास खड़े हो गए हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि रैपिड रेल का काम बिना ट्रैफिक व्यवधान के किया जा रहा है। एलएंडटी ने सड़क के बीचों-बीच काम शुरू किया है। वहीं, दोनों तरफ बैरिकेडिंग कर ट्रैफिक चल रहा है। रात के समय लाइटों से रास्ता दिखाया जा रहा है। वाहनों की गति को लेकर डिस्प्ले लगाए गए हैं।
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इंटरचेंज पर भी चल रहा काम
परतापुर इंटरचेंज पर भी रैपिड रेल का काम तेजी से किया जा रहा है। यहां एक्सप्रेस-वे के फ्लाईओवर के ऊपर से रैपिड रेल गुजारी जानी है। इसी को देखते हुए स्ट्रक्चर तैयार कर लिया गया है। रैपिड रेल के मेरठ साउथ स्टेशन को भी यहीं पर बनाया जाना है।