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श्यामल पार्क में लाइट एंड साउंड सिस्टम से जानेंगे क्रांति गाथा
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मेरठ। सेना के गोल्डन रैम पार्क श्यामल पार्क को भव्य और आकर्षक बनाने के साथ ही क्रांतिगाथा से जोड़ा जा रहा है। इसमें लाइट एंड साउंड सिस्टम लगाया जाएगा और क्रांतिगाथा का प्रदर्शन होगा। इसमें प्रोजेक्टर के तौर पर फसाड (जिस सतह पर लाइट एंड साउंड से दृश्य दिखेंगे) को उच्च गुणवत्ता का लगाएं। मेडा की ओर से शहर के ऐतिहासिक, महत्वपूर्ण स्थल और क्रांतिकारियों के प्रतिमा स्थलों व बाजारों को हैरिटेज वॉक के तौर पर जोड़ा जा रहा है। इन स्थानों पर मेडा की ओर से क्यूआर कोड भी लगाए गए हैं, जिन्हें मोबाइल से स्कैन करने पर स्थल के संबंध में पूरी जानकारी ऑडियो और वीडियो के तौर पर प्रदर्शित होने लगती है। इसी के तहत सेना के गोल्डन रैम पार्क को भी लिया गया है।
मेडा के मुख्य नगर नियोजक विजय कुमार सिंह ने बताया कि उच्च गुणवत्ता का लाइट एंड साउंड सिस्टम विकसित किया जाएगा। इसमें सेमी फेब्रिकेटेड सीमेंट का फसाड लगाया जाएगा। शहर के कई होटल, रेस्टोरेंट और बेंक्वेट हॉल में फसाड के जरिए साज-सज्जा की गई है। इस फसाड पर ही लाइट एंड साउंड सिस्टम से प्रजेंटेशन से प्रदर्शित किया जाएगा। 1857 की क्रांति की पूरी गाथा को लोग देख और जान सकेंगे। सेना से सहमति बनी है कि इससे जो भी आय होगी, उसे आर्मी वेलफेयर के लिए ही सेना प्रयोग करेगी। उन्होंने बताया कि जुलाई में इसके शुरू होने की संभावना है।
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मेडा के मुख्य नगर नियोजक विजय कुमार सिंह ने बताया कि उच्च गुणवत्ता का लाइट एंड साउंड सिस्टम विकसित किया जाएगा। इसमें सेमी फेब्रिकेटेड सीमेंट का फसाड लगाया जाएगा। शहर के कई होटल, रेस्टोरेंट और बेंक्वेट हॉल में फसाड के जरिए साज-सज्जा की गई है। इस फसाड पर ही लाइट एंड साउंड सिस्टम से प्रजेंटेशन से प्रदर्शित किया जाएगा। 1857 की क्रांति की पूरी गाथा को लोग देख और जान सकेंगे। सेना से सहमति बनी है कि इससे जो भी आय होगी, उसे आर्मी वेलफेयर के लिए ही सेना प्रयोग करेगी। उन्होंने बताया कि जुलाई में इसके शुरू होने की संभावना है।
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