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Meerut News: नगर कीर्तन में शस्त्र विद्या दल ने दिखाए करतब
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मेरठ। सिख धर्म के संस्थापक एवं सर्व सांझे गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा थापरनगर से नगर कीर्तन निकाला गया। पंच प्यारों की अगुवाई में कीर्तन आरंभ हुआ। नगर कीर्तन मं सबसे आगे नगाड़ा बजाते युवा चल रहे थे। इसको गुरु ग्रंथ साहिब की पावन सवारी के आने का प्रतीक माना जाता है। गुरु के पंच सिंह निशान साहिब लेकर चले। शस्त्र विद्या दल ने मुंह से आग निकालने के साथ कई तरह के करतब किए।
नगर कीर्तन मंदिर खालसा कन्या इंटर कॉलेज, भाई जोगा सिंह पब्लिक सकूल, दशमेश स्कूल कंकरखेड़ा के बैंड, मार्च पास्ट करते चल रहे थे। प्रसिद्ध बैंडों ने वाद्य यंत्रों से शबद की धुनें को प्रस्तुत किया। स्त्री सत्संग जत्थे वाहनों पर बैठकर शबद कीर्तन करते नजर आए। कीर्तन चौकी जत्था, अखंड कीर्तनी जत्था नगर कीर्तन में पैदल चलकर लोगों के उत्साह को बढ़ाया। इस दौरान शबद गायन किया गया। स्त्री, पुरुष, बच्चे और बुजुर्ग नगर कीर्तन झाडू सेवा देते चले। बच्चों ने खालसायी पोषाक में अकाल तख्त के जयकारे लगाए। पुष्प वाहन में सिख सेवक पुष्प वर्षा करते चले। गुरु मर्यादा में केसरी पोषाक पहले हाथ में कृपाण लेकर चले। पंच प्यारों ने फूलों से सजी गुरु ग्रंथ साहिब की सवारी की अगुवानी की। मुख्य ग्रंथी ज्ञानी चरनप्रीत सिंह ने चवर ढुलाया।
नगर कीर्तन का संचालन रणजीत सिंह नंदा, रणजीत सिंह जस्सल, जसबीर सिंह, सुरेंद्र सिंह भाटिया, हरप्रीत सिंह और गुरुमुख सिंह ने किया। रणजीत सिंह जस्सल ने गुरु नानक देव को सर्व साझा गुरु बताया। नगर कीर्तन का खूनीपुल, बेगमपुल, आबूलेन, बोम्बे बाजार, सदर थाना, गुरुद्वारा माता सीता, टीपी नगर में स्वागत किया गया। समापन गुरुद्वारा गुरुनानक दरबार कालंदी पहुंचा। इस अवसर पर देवेंद्रजीत सिंह, इंदू कौर, अमनदीप सिंह, गुरुमिंदर सिंह, भूपेंद्र सिंह, अमनदीप सिंह, भूपेंद्र सिंह, जसप्रीत सिंह, हरविंदर सिंह रहे।
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नगर कीर्तन मंदिर खालसा कन्या इंटर कॉलेज, भाई जोगा सिंह पब्लिक सकूल, दशमेश स्कूल कंकरखेड़ा के बैंड, मार्च पास्ट करते चल रहे थे। प्रसिद्ध बैंडों ने वाद्य यंत्रों से शबद की धुनें को प्रस्तुत किया। स्त्री सत्संग जत्थे वाहनों पर बैठकर शबद कीर्तन करते नजर आए। कीर्तन चौकी जत्था, अखंड कीर्तनी जत्था नगर कीर्तन में पैदल चलकर लोगों के उत्साह को बढ़ाया। इस दौरान शबद गायन किया गया। स्त्री, पुरुष, बच्चे और बुजुर्ग नगर कीर्तन झाडू सेवा देते चले। बच्चों ने खालसायी पोषाक में अकाल तख्त के जयकारे लगाए। पुष्प वाहन में सिख सेवक पुष्प वर्षा करते चले। गुरु मर्यादा में केसरी पोषाक पहले हाथ में कृपाण लेकर चले। पंच प्यारों ने फूलों से सजी गुरु ग्रंथ साहिब की सवारी की अगुवानी की। मुख्य ग्रंथी ज्ञानी चरनप्रीत सिंह ने चवर ढुलाया।
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नगर कीर्तन का संचालन रणजीत सिंह नंदा, रणजीत सिंह जस्सल, जसबीर सिंह, सुरेंद्र सिंह भाटिया, हरप्रीत सिंह और गुरुमुख सिंह ने किया। रणजीत सिंह जस्सल ने गुरु नानक देव को सर्व साझा गुरु बताया। नगर कीर्तन का खूनीपुल, बेगमपुल, आबूलेन, बोम्बे बाजार, सदर थाना, गुरुद्वारा माता सीता, टीपी नगर में स्वागत किया गया। समापन गुरुद्वारा गुरुनानक दरबार कालंदी पहुंचा। इस अवसर पर देवेंद्रजीत सिंह, इंदू कौर, अमनदीप सिंह, गुरुमिंदर सिंह, भूपेंद्र सिंह, अमनदीप सिंह, भूपेंद्र सिंह, जसप्रीत सिंह, हरविंदर सिंह रहे।
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