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विद्यार्थियों को सुनाई वीर जवानों की शौर्य गाथा
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मोदीपुरम - दयावती मोदी अकादमी में शिक्षक दिवस पर दीप जलाती प्रधानाचार्या।
दयावती मोदी अकादमी में 1965 के युद्ध की 60वीं वर्षगांठ मनाई
मोदीपुरम। दयावती मोदी अकादमी में बृहस्पतिवार को 1965 के युद्ध की 60वीं वर्षगांठ मनाई गई। कैप्टन नवोदित, मेजर आकाश पराशर ने भारत-पाकिस्तान 1965 युद्ध की शौर्य गाथाओं को विद्यार्थियों के साथ साझा किया।
कैप्टन नवोदित और मेजर आकाश पराशर ने छात्रों को 1965 के युद्ध के ऐतिहासिक महत्व, रणनीतिक लड़ाइयों और भारतीय सैनिकों की वीरता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने अस्सल उत्तड़ की लड़ाई और हाजी पीर दर्रे पर विजय जैसी घटनाओं का जिक्र भी किया। बताया कि किस प्रकार भारतीय सेना ने उस समय अपने से अधिक शक्तिशाली समझे जाने वाले दुश्मन को परास्त किया और ऑपरेशन जिब्राल्टर जैसे नापाक मंसूबों को विफल कर दिया। उन्होंने, अब्दुल हमीद, लेफ्टिनेंट कर्नल अर्देशिर तारापोर, मेजर रणजीत सिंह दयाल जैसे वीर योद्धाओं की वीरता की कहानियों को साझा किया, जिन्हें उनके असाधारण साहस के लिए परमवीर चक्र, महावीर चक्र से सम्मानित किया गया था। प्रधानाचार्या डॉ. ऋतु दीवान ने कैप्टन नवोदित और मेजर आकाश पाराशर को सम्मानित किया और उनका आभार व्यक्त किया।
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मोदीपुरम। दयावती मोदी अकादमी में बृहस्पतिवार को 1965 के युद्ध की 60वीं वर्षगांठ मनाई गई। कैप्टन नवोदित, मेजर आकाश पराशर ने भारत-पाकिस्तान 1965 युद्ध की शौर्य गाथाओं को विद्यार्थियों के साथ साझा किया।
कैप्टन नवोदित और मेजर आकाश पराशर ने छात्रों को 1965 के युद्ध के ऐतिहासिक महत्व, रणनीतिक लड़ाइयों और भारतीय सैनिकों की वीरता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने अस्सल उत्तड़ की लड़ाई और हाजी पीर दर्रे पर विजय जैसी घटनाओं का जिक्र भी किया। बताया कि किस प्रकार भारतीय सेना ने उस समय अपने से अधिक शक्तिशाली समझे जाने वाले दुश्मन को परास्त किया और ऑपरेशन जिब्राल्टर जैसे नापाक मंसूबों को विफल कर दिया। उन्होंने, अब्दुल हमीद, लेफ्टिनेंट कर्नल अर्देशिर तारापोर, मेजर रणजीत सिंह दयाल जैसे वीर योद्धाओं की वीरता की कहानियों को साझा किया, जिन्हें उनके असाधारण साहस के लिए परमवीर चक्र, महावीर चक्र से सम्मानित किया गया था। प्रधानाचार्या डॉ. ऋतु दीवान ने कैप्टन नवोदित और मेजर आकाश पाराशर को सम्मानित किया और उनका आभार व्यक्त किया।
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