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प्रधानमंत्री ने शासन को जनभागीदारी का माध्यम बनाया : अरुण गोविल
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संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। भाजपा सांसद अरुण गोविल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सार्वजनिक जीवन सेवा, समर्पण और राष्ट्र प्रथम की भावना का प्रेरक उदाहरण है। आज भारत आत्मविश्वास के साथ विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। आधारभूत संरचना, डिजिटल क्रांति, गरीब कल्याण, महिला सशक्तिकरण, स्टार्टअप और नवाचार जैसे क्षेत्रों में देश ने अभूतपूर्व प्रगति की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शासन को जनभागीदारी का माध्यम बनाया।
जनप्रतिनिधि के रूप में 25 वर्षों की उनकी यात्रा इस बात का प्रमाण है कि जब नेतृत्व का लक्ष्य जनकल्याण हो, तो परिवर्तन केवल नीतियों में नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में दिखाई देता है। स्वच्छ भारत अभियान, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, जनधन योजना, आत्मनिर्भर भारत और एक पेड़ मां के नाम जैसे अभियान केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनआंदोलन बनकर उभरे हैं। विकसित भारत का संकल्प केवल सरकार का नहीं, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों का साझा संकल्प है। जब सेवा हमारा संस्कार बने और राष्ट्रहित हमारी प्राथमिकता, तब विकसित भारत का लक्ष्य निश्चित रूप से साकार होगा। सेवा से समाज सशक्त होता है, समाज से राष्ट्र सशक्त होता है और सशक्त राष्ट्र ही विकसित भारत की आधारशिला बनता है।
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मेरठ। भाजपा सांसद अरुण गोविल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सार्वजनिक जीवन सेवा, समर्पण और राष्ट्र प्रथम की भावना का प्रेरक उदाहरण है। आज भारत आत्मविश्वास के साथ विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। आधारभूत संरचना, डिजिटल क्रांति, गरीब कल्याण, महिला सशक्तिकरण, स्टार्टअप और नवाचार जैसे क्षेत्रों में देश ने अभूतपूर्व प्रगति की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शासन को जनभागीदारी का माध्यम बनाया।
जनप्रतिनिधि के रूप में 25 वर्षों की उनकी यात्रा इस बात का प्रमाण है कि जब नेतृत्व का लक्ष्य जनकल्याण हो, तो परिवर्तन केवल नीतियों में नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में दिखाई देता है। स्वच्छ भारत अभियान, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, जनधन योजना, आत्मनिर्भर भारत और एक पेड़ मां के नाम जैसे अभियान केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनआंदोलन बनकर उभरे हैं। विकसित भारत का संकल्प केवल सरकार का नहीं, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों का साझा संकल्प है। जब सेवा हमारा संस्कार बने और राष्ट्रहित हमारी प्राथमिकता, तब विकसित भारत का लक्ष्य निश्चित रूप से साकार होगा। सेवा से समाज सशक्त होता है, समाज से राष्ट्र सशक्त होता है और सशक्त राष्ट्र ही विकसित भारत की आधारशिला बनता है।
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