UP: अग्निवीर भर्ती में पांच लाख की रिश्वत मांगने वाला सेना का जवान गिरफ्तार, पूछताछ में किए बड़े खुलासे
आर्मी में नौकरी लगवाने के नाम पर पांच लाख रुपये की रिश्वत मांगने वाला सेना जवान गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने पूछताछ में कई बड़े खुलासे किए हैं।
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मंगलवार को एसटीएफ मेरठ ने कैंट स्थित मिलिट्री हॉस्टिपटल के पास से हेड कांस्टेबल को गिरफ्तार किया है। आरोपी नरेश के साथ उसके दो भाई समेत तीन लोग शामिल थे। आरोपी अभ्यर्थी से 2.50 लाख रुपये ले चुके थे। बाकी बाकी 2.50 लाख रुपये लेने के लिए आए थे। एसटीएफ ने नरेश कुमार से घंटों पूछताछ की, जिसमें उसने पहले भी इसी तरह से रुपये लेने की बात कबूल की।
एएसपी एसटीएफ बृजेश सिंह के मुताबिक, 26 सितंबर 2022 को लुहारली दादरी गौतमबुद्धनगर निवासी साहिल भाटी पुलिस लाइन स्थित उनके कार्यालय में आए थे। शिकायती पत्र देकर साहिल ने बताया था कि उनका भाई प्रशांत मुजफ्फरनगर में चल रही अग्निवीर भर्ती देख रहे हैं। प्रशांत को संदीप नाम के एक युवक ने तनुज से मिलवाया। तनुज ने प्रशांत को अपने भाई नरेश कुमार का मोबाइल नंबर दिया। फोन पर प्रशांत की बात नरेश से हुई। नरेश ने खुद को आर्मी ऑफिसर बताकर अग्निवीर में भर्ती कराने के नाम पर पांच लाख रुपये मांगे। प्रशांत ने यह बात अपने भाई साहिल को बताई। दोनों भाइयों ने नरेश कुमार से बातचीत की और कैंट स्थित मिलिट्री हॉस्पिटल के पास 2.50 लाख रुपये दे दिए।
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मंगलवार को प्रशांत का मेडिकल टेस्ट होना था और बाकी के 2.50 लाख रुपये देने की बात हुई थी। एसटीएफ ने नरेश की घेराबंदी कर उसको गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में नरेश ने बताया कि वह सन 2009 में सेना में भर्ती हुआ था। वर्तमान में उसकी पोस्टिंग सिग्नल कोर हेड क्वार्टर-3 ईडब्लू ब्रिगेड पुणे में है। वह हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात है।
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बताया कि वह अपने भाई सौरभ, तनुज और गायत्री नगर शाहजहांपुर हापुड़ निवासी संदीप तोमर के साथ मिलकर सेना में भर्ती होने वाले अभ्यर्थियों से सन 2018 से ठगी करता है। एसटीएफ ने फरार सौरभ, तनुज और संदीप की तलाश में कई जगह पर दबिश दी, लेकिन वह हत्थे नहीं चढ़े। सदर बाजार थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।