मेरठ के दो खिलाड़ियों को पांच-पांच लाख की मदद देगी सरकार, कोरोना काल में बेच रहे थे सब्जी
- कोरोना काल में पिता की नौकरी चले जाने के बाद मजबूरी में बेच रहे थे सब्जी
- पिता ने खुशी जाहिर की, बोले- अब 2024 ओलंपिक की तैयारी कराऊंगा
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बॉक्सिंग और तीरंदाजी स्पर्धाओं में राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले मेरठ के दो खिलाड़ी भाइयों सुनील चौहान और नीरज चौहान की मदद के लिए केंद्रीय खेल मंत्रालय आगे आया है। खेल मंत्रालय ने दोनों भाइयों को पांच-पांच लाख रुपये की मदद देने की घोषणा की है। कोरोना के चलते पिता की नौकरी जाने के बाद दोनों भाई सब्जी बेचने के लिए मजबूर हो गए थे। अमर उजाला ने इस खबर को 18 अगस्त के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
सुनील ने इस साल खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी खेलों में स्वर्ण पदक जीता था, जबकि नीरज ने स्कूल खेलों में पदक जीतने के अलावा दो साल पहले सीनियर तीरंदाजी चैंपियनशिप में रजत पदक जीता था। खेल मंत्री किरन रिजिजू ने पंडित दीन दयाल उपाध्याय फंड से इन खिलाड़ियों की मदद की है। यही नहीं, खेल मंत्री ने कहा कि जो भी खिलाड़ी आर्थिक रूप से परेशान हैं, इसी फंड से मदद की जाएगी। रिजिजू द्वारा आर्थिक मदद की घोषणा के ट्वीट से परिवार में खुशियां छा गईं।
मूल रूप से गोरखपुर निवासी अच्छेलाल कई साल से कैलाश प्रकाश स्टेडियम की मेस में खाना बनाने का कार्य करते थे। उन्हें 15 हजार रुपये मिलते थे लेकिन कोरोना काल में खिलाड़ी अपने-अपने घर चले गए गए तो उनकी नौकरी चली गई। परिवार के सामने दो वक्त की रोटी का संकट आने पर दोनों खिलाड़ी भाई सुनील और नीरज गली-गली घूमकर सब्जी बेचने लगे। 17 अगस्त को मेरठ निवासी एडवोकेट राम कुमार ने दोनों खिलाड़ियों और पिता की ठेले पर सब्जी बेचते हुए वीडियो बनाकर वायरल कर दी थी।
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पिता बोले-अब 2024 ओलंपिक की तैयारी कराऊंगा
मदद की घोषणा पर खुशी जताते हुए अच्छेलाल चौहान ने कहा कि अब वह दोनों बेटों को 2024 में होने वाले ओलंपिक की तैयारी कराएंगे। नीरज को ढाई लाख रुपये की कीमत का तीर धनुष दिलाऊंगा, ताकि तैयारी में कोई भी कमी न रहे। अच्छेलाल ने केंद्र सरकार के साथ एडवोकेट रामकुमार का भी धन्यवाद किया। राम कुमार ने परिवार को 11 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी थी।
जरूरी थी आर्थिक मदद
मुश्किल हालात से जूझ रहे दोनों खिलाड़ियों की आर्थिक रूप से हौसला अफजाई करने के लिए केंद्रीय खेल मंत्रालय ने अच्छी पहल की है। - आले हैदर, क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी
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