एक्सक्लूसिव: मुआवजे के फेर में फंस रहा दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे का निर्माण, ये हैं किसानों की मांगें
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एक समान मुआवजे सहित अन्य मांगों को लेकर पिछले दो वर्षों से किसान दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के कार्य में रोक लगाए हुए हैं। किसान कल्याण समिति के बैनर तले चल रहे इस आंदोलन में किसानों की मांग है कि ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे की तर्ज पर एक समान मुआवजा दिया जाए।
वहीं, दूसरी ओर प्रशासन मामले का समाधान निकालने की बजाय बार-बार आश्वासन पर आश्वासन दे रहा है। इसके चलते कार्यदायी कंपनी का बजट और समय भी बढ़ रहा है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अुनसार जितना मुआवजा इस प्रोजेक्ट में दिया, उतना दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे में भी नहीं दिया जा रहा है।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की तुलना में दस गुना अधिक मुआवजा दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे में दिया गया है। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे में 60 करोड़ प्रति किमी की दर से मुआवजा दिया गया है। जबकि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे में मात्र छह करोड़ प्रति किमी की दर से मुआवजा दिया गया। 295 हेक्टेयर निजी जमीन का अधिग्रहण किया गया।
ये हैं किसानों की मांग
1. ईस्टर्न पेरिफेरल में बागपत, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर की तर्ज पर एक समान मुआवजा दिया जाए।
2. प्राप्त मुआवजे की रकम से कृषि भूमि खरीदने पर स्टांप शुल्क नि:शुल्क किया जाए।
3. रेलवे कॉरिडोर की तर्ज पर प्रत्येक खाताधारक को साढ़े पांच लाख रुपये दिए जाएं।
5. जो भूमि लिंक रोड पर लगी हुई थी उससे प्रभावित किसानों को 20 प्रतिशत की राशि दी जाए।
बढ़ती जा रही प्रोजेक्ट की टाइमलाइन
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के चार चरणों को जनवरी-2020 तक खत्म होना था। कार्य पूरा न हो पाने के कारण इसे मार्च-2020 किया गया। अब दिसंबर-2020 किया गया है, लेकिन इस लक्ष्य तक भी इसके पूरे होने के आसार कम लग रहे हैं। अभी कई स्थानों पर प्रोजेक्ट के लिए काफी कार्य बचा हुआ है।
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दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे
कुल चरण : चार
कुल किमी : 82 किमी
कहां से कहां तक : सराय काले खां से परतापुर तक
मेरठ से दिल्ली : लगभग एक घंटे
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे
कुल किमी : 1261 किमी
कहां से कहां तक : दिल्ली से मुंबई
दिल्ली से मुंबई की दूरी : 13 घंटे
जिला प्रशासन का नहीं सहयोग
जिला प्रशासन गाजियाबाद, मेरठ की तरफ से सिर्फ किसानों को आश्वासन देकर छोड़ा जा रहा है। एक-एक दिन गुजर रहा है, लेकिन कोई फैसला अभी तक नहीं हो सका है।
किसानों का आंदोलन गलत है
हमने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे की तुलना में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे में 10 गुना मुआवजा दिया है। किसानों का आंदोलन गलत है। प्रोजेक्ट में देरी होने से नुकसान हो रहा है। - मुदित गर्ग, परियोजना निदेशक, एनएचएआई
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