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गंगा का जलस्तर बढ़ा, किसान परेशान
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3ए - गंगा का बढता जल स्तर। (हस्तिनापुर)
- फोटो : MAWANA
गंगा का जलस्तर बढ़ा, किसान परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
हस्तिनापुर। पिछले तीन दिन से मैदानी और पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बरसात से गंगा के जल स्तर में फिर से वृद्धि हो गई। इससे क्षेत्र के लोग भयभीत हैं। किसानों ने तटबंधों को पक्का बनवाने की मांग की है।
बिजनौर बैराज पर तैनात अवर अभियंता पीयूष बालियान के अनुसार मंगलवार को गंगा का जलस्तर 70 हजार क्यूसेक चल रहा है, जबकि तीन दिन पूर्व यह जलस्तर 40 हजार क्यूसेक के आसपास ही था। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में हो रही बरसात से गंगा के जलस्तर में वृद्धि होना शुरू हो गई है। बतातें चलें कि गत वर्ष भी गंगा ने खादर क्षेत्र में अपना विकराल रूप दिखाया था। किसानों की तैयार खड़ी हजारों हेक्टेयर फसल को नष्ट भी कर दिया था। एक बार फिर मानसून के चलते गंगा के जलस्तर में वृद्धि होने के साथ किसानों की चिंताएं भी बढ़ रही हैं। किसान रणवीर सिंह सरदार सुंदर सिंह सरदार भजन सिंह राजेंद्र कुमार उर्फ पप्पू, गुरमीत सिंह आदि किसानों का कहना है कि जब तक क्षेत्र में गंगा के तटबंध को पक्का नहीं किया जाएगा, तब तक क्षेत्र के किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार आना असंभव है। इस समय काफी महंगे खर्चे पर किसान अपनी फसल तैयार करते हैं और गंगा में आने वाली बाढ़ एक ही झटके में किसानों के कई महीने की कमाई को बहा कर अपने साथ ले जाती है। सरकार को जल्द ही क्षेत्र में पक्के बांध की सौगात देकर क्षेत्र के हजारों किसानों की फसलों की बर्बादी को रोकना होगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
हस्तिनापुर। पिछले तीन दिन से मैदानी और पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बरसात से गंगा के जल स्तर में फिर से वृद्धि हो गई। इससे क्षेत्र के लोग भयभीत हैं। किसानों ने तटबंधों को पक्का बनवाने की मांग की है।
बिजनौर बैराज पर तैनात अवर अभियंता पीयूष बालियान के अनुसार मंगलवार को गंगा का जलस्तर 70 हजार क्यूसेक चल रहा है, जबकि तीन दिन पूर्व यह जलस्तर 40 हजार क्यूसेक के आसपास ही था। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में हो रही बरसात से गंगा के जलस्तर में वृद्धि होना शुरू हो गई है। बतातें चलें कि गत वर्ष भी गंगा ने खादर क्षेत्र में अपना विकराल रूप दिखाया था। किसानों की तैयार खड़ी हजारों हेक्टेयर फसल को नष्ट भी कर दिया था। एक बार फिर मानसून के चलते गंगा के जलस्तर में वृद्धि होने के साथ किसानों की चिंताएं भी बढ़ रही हैं। किसान रणवीर सिंह सरदार सुंदर सिंह सरदार भजन सिंह राजेंद्र कुमार उर्फ पप्पू, गुरमीत सिंह आदि किसानों का कहना है कि जब तक क्षेत्र में गंगा के तटबंध को पक्का नहीं किया जाएगा, तब तक क्षेत्र के किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार आना असंभव है। इस समय काफी महंगे खर्चे पर किसान अपनी फसल तैयार करते हैं और गंगा में आने वाली बाढ़ एक ही झटके में किसानों के कई महीने की कमाई को बहा कर अपने साथ ले जाती है। सरकार को जल्द ही क्षेत्र में पक्के बांध की सौगात देकर क्षेत्र के हजारों किसानों की फसलों की बर्बादी को रोकना होगा।
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