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Meerut News: पेट्रोल पंप प्रकरण में डीएम ने लिया संज्ञान, एसडीएम को दिए जांच के निर्देश
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संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। राष्ट्रीय राजमार्ग-709ए यानी मेरठ-करनाल हाईवे पर भूनी गांव में स्थित एक पेट्रोल पंप को लेकर एनएचएआई के अधिकारियों पर अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। शिकायत मिलने के बाद जिलाधिकारी डाॅ. वीके सिंह ने मामले में संज्ञान लिया और एसडीएम सरधना को जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
शिकायतकर्ता सौरभ त्यागी ने आरोप लगाया कि पंप की प्रोविजनल एनओसी पहले ही रद्द की जा चुकी थी और उस पर जुर्माना भी लगाया गया था। बावजूद इसके जुर्माने की राशि जमा न होने पर पंप को बिना नए आवेदन के अस्थायी अनुमति दे दी गई। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई प्रशासनिक नियमों की अवहेलना है और इससे प्रक्रियागत पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं।
सौरभ ने मामले में एनएचएआई अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। डीएम डाॅ. वीके सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम उदित नारायण सेंगर को सभी दस्तावेज व तथ्यों के आधार पर जांच शुरू करने और रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
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एसडीएम का कहना है कि यदि जांच में अनियमितताएं पाई जाती हैं तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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सरधना। राष्ट्रीय राजमार्ग-709ए यानी मेरठ-करनाल हाईवे पर भूनी गांव में स्थित एक पेट्रोल पंप को लेकर एनएचएआई के अधिकारियों पर अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। शिकायत मिलने के बाद जिलाधिकारी डाॅ. वीके सिंह ने मामले में संज्ञान लिया और एसडीएम सरधना को जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
शिकायतकर्ता सौरभ त्यागी ने आरोप लगाया कि पंप की प्रोविजनल एनओसी पहले ही रद्द की जा चुकी थी और उस पर जुर्माना भी लगाया गया था। बावजूद इसके जुर्माने की राशि जमा न होने पर पंप को बिना नए आवेदन के अस्थायी अनुमति दे दी गई। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई प्रशासनिक नियमों की अवहेलना है और इससे प्रक्रियागत पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं।
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सौरभ ने मामले में एनएचएआई अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। डीएम डाॅ. वीके सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम उदित नारायण सेंगर को सभी दस्तावेज व तथ्यों के आधार पर जांच शुरू करने और रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
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एसडीएम का कहना है कि यदि जांच में अनियमितताएं पाई जाती हैं तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।