सपा एमएलसी को लगा तगड़ा झटका, न्यायालय के निर्देश पर पत्नी को देने होंगे 15 हजार प्रतिमाह
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं सपा एमएलसी साहब सिंह सैनी को अब हर माह 15000 रुपये सुमित्रा देवी को देने होंगे, साथ ही सुमित्रा सैनी के वकील हंसराज पुंडीर को भी पैरवी और अधिवक्ता की फीस के रूप में 50 हजार रुपये देने होंगे। परिवार न्यायालय ने सुमित्रा देवी को साहब सिंह सैनी की पत्नी मानते हुए भरण वहन करने के निर्देश दिए हैं।
समाजवादी पार्टी के पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं वर्तमान एमएलसी साहब सिंह सैनी ने सुमित्रा सैनी को अपनी पत्नी नहीं माना था, जबकि सुमित्रा देवी लगातार आरोप लगाती रहीं कि साहब सिंह सैनी ने उनके रहते हुए दूसरी महिला को अपनी पत्नी दर्शाते हुए सभी प्रमाण-पत्रों में उसका नाम दर्ज करा दिया है। यहां तक कि उन्हें अपनी पत्नी बताने की बजाय एक महिला बताया।
सुमित्रा सैनी ने बताया कि परिवार न्यायालय में भरण पोषण के लिए वाद दायर किया था। उसमें मांग की गई थी कि साहब सिंह सैनी की पत्नी होने के नाते उन्हें 70 हजार रुपये प्रतिमाह दिलाया जाए। एक अगस्त 2018 को उनका प्रार्थना पत्र परिवार न्यायालय ने यह कहते हुए निरस्त कर दिया कि तीन बेटों में से एक बेटा साहब सिंह सैनी का नहीं है। इस आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की। जिस पर हाईकोर्ट ने साहब सिंह सैनी को नोटिस दिया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 24 जनवरी 2019 को परिवार न्यायालय के आदेश को निरस्त करते हुए दोबारा कार्रवाई के आदेश दिए। परिवार न्यायालय ने दोबारा सुनवाई के बाद पाया कि सुमित्रा देवी ही साहब सिंह सैनी की पत्नी हैं। उसके भरण पोषण की जिम्मेदारी साहब सिंह सैनी की है। गत चार मई 2019 को परिवार न्यायालय ने 15000 रुपये प्रतिमाह दिए जाने और एडवोकेट हंस पुंडीर को उनकी फीस और पैरवी के रूप में एकमुश्त 50 हजार रुपये देने के आदेश दिए हैं।
सुमित्रा सनी ने आरोप लगाया कि वह लगातार इस बात को कहती रहीं कि वह साहब सिंह सैनी की पत्नी है, लेकिन साहब सिंह सैनी ने अपने राजनीतिक प्रभाव का प्रयोग करते हुए लोगों को गुमराह करने का प्रयास किया। सरकारी प्रमाण-पत्रों में भी दूसरी महिला को अपनी पत्नी बताकर उसका नाम दर्ज करा दिया। जिसकी शिकायत वह कई बार पुलिस से कर चुकी हैं और रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग कर चुकी हैं, लेकिन पुलिस रिपोर्ट दर्ज नहीं कर रही है। अब परिवार न्यायालय ने उसे साहब सिंह सैनी की पत्नी मान लिया है। पुलिस ने अब भी रिपोर्ट दर्ज नहीं की तो वह रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कोर्ट का सहारा लेंगी।
वहीं, इस संबंध में एमएलसी साहब सिंह सैनी का कहना है कि वह इस मामले में हाईकोर्ट में अपील करेंगे।
नोट- इन खबरों के बारे अपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/