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मुख्यमंत्री की नाराजगी के बाद जागा निगम
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मेरठ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की गोवंशों की दुर्दशा होने को लेकर नाराजगी के बाद निगम की नींद टूटी है। नगर आयुक्त सौरभ गंगवार ने अधिकारियों को साथ लेकर बुधवार को कान्हा उपवन गोशाला का फिर निरीक्षण किया। बीमार या कमजोर गोवंश को अलग-अलग टीन-शेड में करने की बात कही। जबकि अन्य सभी गोवंश को अलग रखा जाए। चारा-चोकर और खाने की गुणवत्ता बढ़ाने के साथ उनकी रखरखाव में सुधार करने के निर्देश दिए हैं।
परतापुर स्थित गोशाला में गोवंशों की दुर्दशा और गबन करने के आरोपी रहे प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. हरपाल सिंह पर लगाकर नगर निगम के अधिकारियों ने सिविल लाइन थाने में पहुंचकर मुकदमा दर्ज करवाया था। इसके चलते डॉ. हरपाल सिंह 16 दिन से जेल में बंद है, जबकि गबन में निगम के अन्य अधिकारी भी शामिल है। गोशाला प्रकरण मुख्यमंत्री के सामने भी उठा। मुख्यमंत्री ने गोवंशों की दुर्दशा को लेकर नाराजगी जताई। मुख्यमंत्री ने मेरठ दौरे के दौरान महापौर और नगर आयुक्त से कहा कि गोशाला में दोबारा लापरवाही हुई तो उच्च अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी। हर सप्ताह गोशाला में जाकर निरीक्षण करें।
सांसद अरुण गोविल ने भी गोशाला को अत्याधुनिक बनवाने की मांग मुख्यमंत्री से कर दी। बुधवार को नगर आयुक्त, अपर नगर आयुक्त सहित अन्य निगम अफसरों ने गोशाला का निरीक्षण किया है। नगर आयुक्त सौरभ गंगवार का कहना है कि 20 दिन से गोशाला में लगातार अधिकारी काम करा रहे हैं। जहां पर काफी बदलाव भी हो गया है। बीमार गोवंशों को सूरजकुंड स्थित ट्रामा सेंटर भेजे जा रहे हैं। दो नए टीन शेट बनाए हैं, जहां पर गोवंशों को शिफ्ट किया जा रहा है। डॉ. प्रियंका शर्मा ने बताया कि गोवंशों की हालत में पहले से सुधार है, वहां पर अभी दवाइयों की कमी है। जिसके लिए गोशाला प्रभारी को बोला गया है।
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परतापुर स्थित गोशाला में गोवंशों की दुर्दशा और गबन करने के आरोपी रहे प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. हरपाल सिंह पर लगाकर नगर निगम के अधिकारियों ने सिविल लाइन थाने में पहुंचकर मुकदमा दर्ज करवाया था। इसके चलते डॉ. हरपाल सिंह 16 दिन से जेल में बंद है, जबकि गबन में निगम के अन्य अधिकारी भी शामिल है। गोशाला प्रकरण मुख्यमंत्री के सामने भी उठा। मुख्यमंत्री ने गोवंशों की दुर्दशा को लेकर नाराजगी जताई। मुख्यमंत्री ने मेरठ दौरे के दौरान महापौर और नगर आयुक्त से कहा कि गोशाला में दोबारा लापरवाही हुई तो उच्च अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी। हर सप्ताह गोशाला में जाकर निरीक्षण करें।
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सांसद अरुण गोविल ने भी गोशाला को अत्याधुनिक बनवाने की मांग मुख्यमंत्री से कर दी। बुधवार को नगर आयुक्त, अपर नगर आयुक्त सहित अन्य निगम अफसरों ने गोशाला का निरीक्षण किया है। नगर आयुक्त सौरभ गंगवार का कहना है कि 20 दिन से गोशाला में लगातार अधिकारी काम करा रहे हैं। जहां पर काफी बदलाव भी हो गया है। बीमार गोवंशों को सूरजकुंड स्थित ट्रामा सेंटर भेजे जा रहे हैं। दो नए टीन शेट बनाए हैं, जहां पर गोवंशों को शिफ्ट किया जा रहा है। डॉ. प्रियंका शर्मा ने बताया कि गोवंशों की हालत में पहले से सुधार है, वहां पर अभी दवाइयों की कमी है। जिसके लिए गोशाला प्रभारी को बोला गया है।
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