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Meerut News: दिवाली की खुशियों में सेहत का भी रखें ध्यान
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। दिवाली सहित अन्य त्योहारों की रौनक में सेहत का ख्याल रखना भी जरूरी है। डॉक्टरों का कहना है कि त्योहार की खुशी में ज्यादा भोजन और लापरवाही में आतिशबाजी से बचना चाहिए।
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. तनुराज सिरोही ने बताया कि मिठाइयां खाएं मगर समझदारी से। मिठाई हमेशा भरोसेमंद दुकान या घर पर बनी ही खाएं। ब्लड शुगर या पाचन की समस्या वाले लोग कम मात्रा में बेसन या सूखे मेवे से बनी मिठाई चुनें। घर का खाना और पर्याप्त पानी लेना न भूलें। पटाखे जलाएं, मगर ध्यान से। पटाखों की आवाज और धुआं बच्चों व बुजुर्गों के लिए परेशानी का कारण बन सकते हैं।
सीएमओ डॉ. अशोक कटारिया ने अपील की है कि अनुमति प्राप्त पटाखे ही जलाए जाएं। बच्चों को कभी अकेले पटाखे न जलाने दें। सूती कपड़े पहनें और दस्ताने उपयोग करें। खुले मैदान या सुरक्षित बालकनी से ही जलाएं। फटे पटाखों को दोबारा न जलाएं।
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प्रदूषण और सांस के मरीजों के लिए सतर्कता जरूरी
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. वीके बिंद्रा ने बताया कि दिवाली के बाद वायु में धूल और धुआं बढ़ने से सांस के मरीजों को दिक्कत हो सकती है। ऐसे लोग मास्क पहनें। सुबह टहलने के बजाय दोपहर में हल्का व्यायाम करना बेहतर रहेगा। थोड़ी सावधानी, जिम्मेदारी और संयम बरतकर दिवाली को न सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक भी बनाया जा सकता है।
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मेरठ। दिवाली सहित अन्य त्योहारों की रौनक में सेहत का ख्याल रखना भी जरूरी है। डॉक्टरों का कहना है कि त्योहार की खुशी में ज्यादा भोजन और लापरवाही में आतिशबाजी से बचना चाहिए।
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. तनुराज सिरोही ने बताया कि मिठाइयां खाएं मगर समझदारी से। मिठाई हमेशा भरोसेमंद दुकान या घर पर बनी ही खाएं। ब्लड शुगर या पाचन की समस्या वाले लोग कम मात्रा में बेसन या सूखे मेवे से बनी मिठाई चुनें। घर का खाना और पर्याप्त पानी लेना न भूलें। पटाखे जलाएं, मगर ध्यान से। पटाखों की आवाज और धुआं बच्चों व बुजुर्गों के लिए परेशानी का कारण बन सकते हैं।
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सीएमओ डॉ. अशोक कटारिया ने अपील की है कि अनुमति प्राप्त पटाखे ही जलाए जाएं। बच्चों को कभी अकेले पटाखे न जलाने दें। सूती कपड़े पहनें और दस्ताने उपयोग करें। खुले मैदान या सुरक्षित बालकनी से ही जलाएं। फटे पटाखों को दोबारा न जलाएं।
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प्रदूषण और सांस के मरीजों के लिए सतर्कता जरूरी
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. वीके बिंद्रा ने बताया कि दिवाली के बाद वायु में धूल और धुआं बढ़ने से सांस के मरीजों को दिक्कत हो सकती है। ऐसे लोग मास्क पहनें। सुबह टहलने के बजाय दोपहर में हल्का व्यायाम करना बेहतर रहेगा। थोड़ी सावधानी, जिम्मेदारी और संयम बरतकर दिवाली को न सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक भी बनाया जा सकता है।