हत्थे चढ़ा चौथा आरोपी: ग्राम विकास अधिकारी भर्ती परीक्षा में बैठाया सॉल्वर, वसूली थी मोटी रकम, अब खोलेगा राज
Meerut News : ग्राम विकास अधिकारी भर्ती परीक्षा में सॉल्वर बैठाने वाले चौथे आरोपी को एसटीएफ ने दबोच लिया है। बताया गया कि आरोपी पेपर में सॉल्वर बैठाने की मोटी रकम ले रहे थे। अब पूछताछ में आरोपी बड़े राज खोलेगा।
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प्रदेश के विभिन्न जिलों में जून माह में हुई ग्राम विकास अधिकारी की भर्ती परीक्षा में पेपर लीक कराने के आरोपी अंकित को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में तीन आरोपी पूर्व में ही जेल भेजे जा चुके हैं।
एएसपी एसटीएफ बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि 26 और 27 जून को प्रदेश के विभिन्न जिलों में ग्राम विकास अधिकारी की भर्ती परीक्षा हुई थी। एसटीएफ को सूचना मिली थी कि कुछ लोग परीक्षा में अभ्यर्थियों को उत्तीर्ण कराने के लिए सॉल्वर बैठाकर और पेपर लीक कराकर बड़ी रकम वसूल रहे हैं। इस मामले में एसटीएफ ने गाजियाबाद के मुरादनगर के अलावा शहर के सदर बाजार और सिविल लाइन थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
सिविल लाइन थाने में दर्ज मुकदमे में आरोपी उधम सिंह पुत्र सुखपाल और उसके भाई संदीप ग्राम चकबंदी थाना सरधना एवं मनोज पुत्र जयप्रकाश निवासी ग्राम कपसाड़ थाना सरधना को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। वहीं, अंकित पूनिया फरार था। सोमवार को एक सूचना के आधार पर एसटीएफ ने अंकित पूनिया को सिवाया टोल प्लाजा से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से मोबाइल और कार बरामद की गई है। एसटीएफ ने अब आरोपी को सिविल लाइन पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने आरोपी का चालान कर दिया।
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प्रश्नपत्र और उत्तर कुंजी को उपलब्ध कराया था
पूछताछ में अंकित ने बताया कि प्रथम पाली की परीक्षा का प्रश्न-पत्र व उत्तर कुंजी को उसने और उसके साथी विवेक ने उधम सिंह को उपलब्ध कराए थे। इसे उधम सिंह ने ब्लूटूथ व अन्य माध्यमों से संदीप कुमार के अलावा अन्य अभ्यर्थियों को भेजा था। इसकी एवज में उसने मोटी रकम वसूल की थी। अंकित पूनिया पिछले 10-12 साल से इस धंधे में है। उसके खिलाफ विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक कराने, सॉल्वर बैठाने और अभ्यर्थियों से रकम ऐठने के मामले में बागपत के थाना बड़ौत में भी रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
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